
#लातेहार #नशाविरोधीकार्रवाई : वन भूमि पर अवैध अफीम की खेती ध्वस्त, पुलिस जांच तेज।
लातेहार जिले के मनिका थाना क्षेत्र में पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब दो एकड़ में लगी अवैध अफीम की खेती नष्ट कर दी। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर वन भूमि पर की गई। थाना प्रभारी के नेतृत्व में चलाए गए अभियान से नशे के अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने दोषियों की पहचान कर कड़ी कानूनी कार्रवाई का संकेत दिया है।
- मनिका थाना क्षेत्र के पल्हेया पंचायत में कार्रवाई।
- पसागन गांव की वन भूमि पर अवैध अफीम की खेती।
- करीब 2 एकड़ क्षेत्रफल में लगी फसल पूरी तरह नष्ट।
- थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास के नेतृत्व में अभियान।
- पहले भी डोंकी पंचायत में अफीम खेती नष्ट की गई थी।
- दोषियों की पहचान कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी।
लातेहार जिले के मनिका प्रखंड में नशे के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। अवैध मादक पदार्थों की खेती और तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए मनिका पुलिस प्रशासन पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है, जहां वन भूमि पर गुप्त रूप से की जा रही अफीम की खेती को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया।
गुप्त सूचना पर त्वरित पुलिस कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव को मिली गुप्त सूचना के आधार पर मनिका थाना पुलिस ने तुरंत रणनीति तैयार की। थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। टीम ने पल्हेया पंचायत के पसागन गांव स्थित वन भूमि में छापेमारी की, जहां करीब दो एकड़ क्षेत्रफल में अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही थी।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने पूरी फसल को नष्ट कर दिया। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने यह सुनिश्चित किया कि खेती पूरी तरह खत्म हो, ताकि दोबारा इसका उपयोग न हो सके। इस कार्रवाई को स्थानीय स्तर पर नशे के खिलाफ एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
दोषियों की पहचान की प्रक्रिया जारी
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि अफीम की खेती किस व्यक्ति या गिरोह द्वारा की जा रही थी। पुलिस ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जमीन के उपयोग, आसपास के लोगों तथा संभावित नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है। दोषियों की पहचान होते ही उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास ने स्पष्ट किया कि नशीले पदार्थों के उत्पादन, खेती और तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास ने कहा: “नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ हमारी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। मनिका पुलिस नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है।”
पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब मनिका क्षेत्र में अफीम की खेती नष्ट की गई हो। बीते दो-तीन दिनों के भीतर ही डोंकी पंचायत क्षेत्र में भी अवैध अफीम की खेती को नष्ट किया गया था। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से साफ है कि पुलिस अब इस अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने के मूड में है।
इन अभियानों के बाद नशे के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं आम लोगों में पुलिस की सक्रियता को लेकर सकारात्मक संदेश गया है।
समाज और युवाओं के लिए मजबूत संदेश
नशे की खेती और तस्करी का सीधा असर समाज और विशेषकर युवाओं पर पड़ता है। ऐसे में मनिका पुलिस की यह कार्रवाई सिर्फ कानून व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि सामाजिक सुधार की दिशा में भी एक अहम कदम है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही पुलिस कार्रवाई से क्षेत्र में सुरक्षा और भरोसे का माहौल बना है।
पुलिस प्रशासन का मानना है कि यदि समय रहते ऐसे अवैध गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई गई, तो यह समाज के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। इसी कारण से नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।

न्यूज़ देखो: नशा मुक्त समाज की ओर मजबूत कदम
मनिका पुलिस की यह कार्रवाई दिखाती है कि प्रशासन अब नशे के खिलाफ सिर्फ बयान नहीं, बल्कि ठोस कदम उठा रहा है। वन भूमि पर हो रही अवैध खेती को नष्ट करना यह संकेत देता है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। सवाल यह है कि क्या अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी इसी तरह की सख्त निगरानी और कार्रवाई होगी? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
नशे के खिलाफ जागरूक बनें, समाज को सुरक्षित रखें
नशा केवल कानून का विषय नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। यदि आपके आसपास कहीं भी अवैध खेती, तस्करी या संदिग्ध गतिविधि नजर आए, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें। युवाओं को नशे से दूर रखने में अपनी भूमिका निभाएं और इस सकारात्मक पहल का समर्थन करें। अपनी राय कमेंट करें, खबर साझा करें और नशा मुक्त समाज के संदेश को आगे बढ़ाएं।





