
#दुमका #अपराध_जांच : शिकारीपाड़ा में ई-रिक्शा चालक की पीट-पीटकर हत्या मामले में पुलिस ने दो और नामजद आरोपियों को दबोचा।
दुमका जिले के शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र में ई-रिक्शा चालक की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने जांच तेज करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह घटना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही थी। ग्रामीणों के विरोध और सड़क जाम के बाद पुलिस पर दबाव बढ़ा था, जिसके बाद लगातार छापेमारी की जा रही थी। ताजा गिरफ्तारी से पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों में न्याय की उम्मीद जगी है।
- शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के शिमला ढाका गांव की घटना।
- ई-रिक्शा चालक सफारुद्दीन की पीट-पीटकर की गई थी हत्या।
- पुलिस ने रमजान अंसारी और समसुद्दीन अंसारी को किया गिरफ्तार।
- घटना के दिन ही दो अन्य आरोपी पहले हो चुके थे गिरफ्तार।
- 5 जनवरी को शव रखकर एनएच-114ए किया गया था जाम।
- पुलिस का दावा—अन्य दोषियों की भी जल्द गिरफ्तारी।
दुमका जिले के शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत शिमला ढाका गांव में ई-रिक्शा चालक सफारुद्दीन की पीट-पीटकर हत्या के मामले में पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाते हुए दो और नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस दोहरी गिरफ्तारी के बाद कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या चार हो गई है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश अब भी जारी है।
क्या है पूरा मामला
यह घटना शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के शिमला ढाका गांव की है, जहां ई-रिक्शा चालक सफारुद्दीन की कथित तौर पर कुछ लोगों ने बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी थी। घटना के बाद गांव और आसपास के इलाके में आक्रोश फैल गया था। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए तत्काल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी।
सड़क पर उतरा जन आक्रोश
घटना के बाद 5 जनवरी को ग्रामीणों ने सफारुद्दीन का शव रखकर एनएच-114ए को जाम कर दिया था। इस जाम के कारण दुमका–शिकारीपाड़ा मार्ग पर घंटों आवागमन बाधित रहा। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का साफ कहना था कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
थाना प्रभारी के आश्वासन के बाद खुला जाम
काफी देर तक चले प्रदर्शन के बाद शिकारीपाड़ा थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। इसके बाद जाम हटाया गया और पुलिस ने लगातार छापेमारी शुरू की।
दो और नामजद आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने ताजा कार्रवाई में हत्या कांड के दो नामजद अभियुक्त रमजान अंसारी और समसुद्दीन अंसारी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों आरोपी घटना के बाद से फरार चल रहे थे और लगातार ठिकाने बदल रहे थे।
इससे पहले घटना के दिन ही पुलिस ने दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, जिससे यह साफ हो गया था कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है।
पुलिस का दावा—जल्द पकड़े जाएंगे बाकी आरोपी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि बहुत जल्द बाकी दोषियों को भी कानून के शिकंजे में लिया जाएगा।
पुलिस अधिकारी ने कहा:
“मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है। अब तक चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और शेष आरोपियों की तलाश जारी है। किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा।”
पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद
लगातार हो रही गिरफ्तारियों से मृतक सफारुद्दीन के परिजनों को कुछ हद तक राहत मिली है। परिजनों का कहना है कि वे चाहते हैं कि सभी दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिले, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
इलाके में कानून-व्यवस्था पर सवाल
यह घटना एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े करती है। दिनदहाड़े या खुलेआम इस तरह की हिंसक घटनाएं आम लोगों में भय पैदा करती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं होती, तो अपराधियों के हौसले और बुलंद होते हैं।
न्यूज़ देखो: सख्ती जरूरी, तभी मिलेगा न्याय
ई-रिक्शा चालक की हत्या जैसे मामलों में तेज और निष्पक्ष कार्रवाई ही पुलिस की विश्वसनीयता तय करती है। सड़क जाम और जनआक्रोश के बाद हुई गिरफ्तारियां यह संकेत देती हैं कि जनता की आवाज अब अनदेखी नहीं की जा सकती। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी कितनी जल्दी होती है और न्याय प्रक्रिया कितनी प्रभावी साबित होती है।
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न्याय की राह में जनता की भूमिका अहम
अपराध के खिलाफ चुप्पी नहीं, सवाल जरूरी हैं।
यदि समाज एकजुट होकर आवाज उठाए, तो व्यवस्था को भी हरकत में आना पड़ता है।
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