#लातेहार #निकाय_चुनाव : होल्डिंग टैक्स मुद्दे पर भाजपा और झामुमो आमने-सामने आए।
लातेहार निकाय चुनाव के अंतिम चरण में होल्डिंग टैक्स का मुद्दा सियासी बहस का केंद्र बन गया है। भाजपा प्रत्याशी महेश सिंह के समर्थन में सभा करने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के बयान पर झामुमो जिलाध्यक्ष लाल मोती नाथ शाहदेव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। 23 फरवरी को होने वाले मतदान से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
- भाजपा प्रत्याशी महेश सिंह के समर्थन में सभा को संबोधित करने पहुंचे रघुवर दास।
- सभा में लातेहार के होल्डिंग टै्स को प्रमुख चुनावी मुद्दा बताया गया।
- झामुमो जिलाध्यक्ष लाल मोती नाथ शाहदेव ने बयान को बताया हास्यास्पद।
- झामुमो की ओर से विलासी टोपनो की जीत का दावा।
- 23 फरवरी को होने वाले मतदान से पहले सियासी बयानबाजी तेज।
लातेहार। निकाय चुनाव के मद्देनजर जिले में राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। सभी दल अपने-अपने समर्थित उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए अंतिम दौर की तैयारियों में जुटे हैं। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी के समर्थित उम्मीदवार महेश सिंह के समर्थन में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास लातेहार पहुंचे और एक जनसभा को संबोधित किया।
सभा के दौरान रघुवर दास ने लातेहार में बढ़े होल्डिंग टैक्स को प्रमुख मुद्दा बताते हुए कहा कि यदि भाजपा समर्थित प्रत्याशी महेश सिंह की जीत होती है तो होल्डिंग टैक्स को तय सीमाओं में लाने का प्रयास किया जाएगा।
होल्डिंग टैक्स पर रघुवर दास का बयान
सभा में बोलते हुए रघुवर दास ने कहा कि नगर क्षेत्र में बढ़े होल्डिंग टैक्स से आम नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है। उन्होंने संकेत दिया कि भाजपा प्रत्याशी की जीत के बाद इस पर पुनर्विचार किया जाएगा।
हालांकि इस बयान के तुरंत बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आ गई। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने इसे चुनावी बयानबाजी करार दिया।
झामुमो का तीखा पलटवार
झामुमो के लातेहार जिला अध्यक्ष लाल मोती नाथ शाहदेव ने रघुवर दास के बयान पर चुटकी लेते हुए कहा:
लाल मोती नाथ शाहदेव ने कहा: “बीजेपी हार के डर से इतनी घबरा गई है कि उसके वरिष्ठ नेता भी अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं। आदरणीय रघुवर दास जी के कार्यकाल में ही लातेहार की जनता पर होल्डिंग टैक्स का बोझ डाला गया था। आज वही लोग उसे सीमाओं में लाने की बात कर रहे हैं, जो हास्यास्पद है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपनी संभावित हार को देखते हुए भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है।
विलासी टोपनो की जीत का दावा
झामुमो की ओर से समर्थित प्रत्याशी विलासी टोपनो की जीत का दावा करते हुए शाहदेव ने कहा कि लातेहार की जनता स्थानीय और लोकप्रिय महिला उम्मीदवार के पक्ष में एकजुट हो चुकी है।
उन्होंने कहा:
लाल मोती नाथ शाहदेव ने कहा: “लातेहार की जनता ने तय कर लिया है कि स्थानीय, लोकप्रिय और महिला उम्मीदवार विलासी टोपनो को समर्थन देकर नगर अध्यक्ष बनाएगी। 23 फरवरी को भारी मतों से जीत सुनिश्चित होगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 15 दिनों से पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता लगातार जनसंपर्क में जुटे हुए हैं और इसका परिणाम मतदान के दिन देखने को मिलेगा।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर
शाहदेव ने अपने बयान में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा का भी उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्रियों के बयानों से जनता भ्रमित नहीं होगी। उन्होंने दावा किया कि जनता विकास और स्थानीय नेतृत्व को प्राथमिकता देगी।
झामुमो जिलाध्यक्ष ने यह भी कहा कि विलासी टोपनो की जीत के बाद प्रदेश में चल रही हेमंत सोरेन सरकार के साथ समन्वय बनाकर लातेहार में विकास की नई दिशा तय की जाएगी।
उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि निरंतर मेहनत का परिणाम 23 फरवरी को दिखाई देगा।
सियासी गलियारों में बढ़ी चर्चा
जिलाध्यक्ष के बयान के बाद लातेहार के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। एक ओर भाजपा होल्डिंग टैक्स को चुनावी मुद्दा बना रही है, वहीं झामुमो इसे भाजपा के पिछले कार्यकाल से जोड़कर जनता के सामने रख रही है।
चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ ही दोनों दलों के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। मतदाताओं के बीच होल्डिंग टैक्स, स्थानीय नेतृत्व और विकास के मुद्दे प्रमुख रूप से उभरकर सामने आ रहे हैं।
प्रवक्ता सुशील कुमार यादव, झारखंड मुक्ति मोर्चा, लातेहार द्वारा जारी बयान में भी पार्टी की ओर से विलासी टोपनो की जीत का भरोसा जताया गया है।
न्यूज़ देखो: मुद्दों की राजनीति या चुनावी रणनीति
लातेहार निकाय चुनाव में होल्डिंग टैक्स का मुद्दा जिस तरह उभरा है, वह स्थानीय राजनीति की दिशा को दर्शाता है। भाजपा इसे सुधार के वादे के साथ उठा रही है, जबकि झामुमो इसे पूर्व निर्णयों से जोड़कर सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना यह होगा कि मतदाता किस तर्क को अधिक विश्वसनीय मानते हैं। चुनाव परिणाम ही इस सियासी जंग का असली जवाब देंगे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
लोकतंत्र में फैसला जनता के हाथ
चुनावी मौसम में बयानबाजी तेज होना स्वाभाविक है, लेकिन अंतिम निर्णय मतदाता का होता है।
अपने नगर के भविष्य के लिए सोच-समझकर मतदान करें।
मुद्दों, कार्यशैली और नेतृत्व क्षमता का मूल्यांकन करें।
23 फरवरी को लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग अवश्य करें।
आपकी राय इस चुनाव में सबसे महत्वपूर्ण है।
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