Garhwa

जेपीएससी परिणाम पर सियासी संग्राम, धीरज दुबे ने भाजपा को घेरा

#गढ़वा #JPSCResult : पारदर्शिता पर धीरज दुबे का दावा—भाजपा पर युवाओं का मनोबल तोड़ने का आरोप
  • जेपीएससी परिणाम ने भाजपा पर लगाए गए धांधली के आरोपों को खारिज किया।
  • धीरज दुबे बोले—यह पारदर्शिता और योग्यता का प्रमाण है।
  • भाजपा पर संवैधानिक संस्थाओं की साख गिराने का आरोप।
  • 90% स्थानीय उम्मीदवारों की सफलता को दुबे ने ‘नए झारखंड’ की पहचान बताया।
  • भाजपा को विकास और युवाओं के मुद्दों पर ध्यान देने की नसीहत दी।

झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा घोषित सिविल सेवा परीक्षा 2023 के परिणाम ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। जहां एक ओर चयनित अभ्यर्थियों में खुशी की लहर है, वहीं इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी जारी है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय सदस्य धीरज दुबे ने भाजपा को कठघरे में खड़ा किया, और कहा कि परिणाम ने भाजपा को आईना दिखा दिया।

धीरज दुबे का भाजपा पर सीधा वार

धीरज दुबे ने आरोप लगाया कि भाजपा ने जेपीएससी की साख पर जानबूझकर सवाल उठाए, ताकि चुनावी माहौल को प्रभावित किया जा सके।

धीरज दुबे ने कहा: “जेपीएससी के परिणामों ने भाजपा को आईना दिखाया है। इसमें प्रदेश के हर वर्ग और क्षेत्र के प्रतिभाशाली छात्रों ने सफलता पाई है। यह पारदर्शिता और योग्यता का प्रमाण है।”

उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाती रही है, और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करती रही है। “भाजपा को न तो आदिवासी हितों की चिंता है और न ही झारखंड की अस्मिता की। उनका एकमात्र एजेंडा झूठ फैलाकर जनता को भ्रमित करना है।”

पारदर्शिता और योग्यता पर जोर

जेपीएससी द्वारा घोषित परिणाम में राज्य के लगभग सभी जिलों के अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। दुबे ने उदाहरण देते हुए बताया कि राजधानी रांची से लेकर सुदूरवर्ती इलाकों तक के छात्रों ने बाजी मारी है। उन्होंने तंज कसा कि भाजपा अब यह बताए कि आखिर धांधली कहां हुई?

गरीब तबके के बच्चों की जीत

दुबे ने स्पष्ट किया कि कई चयनित उम्मीदवार गिग वर्कर्स के रूप में काम करते थे और कमजोर तबकों से आते हैं। “कई छात्र सालों की मेहनत के बाद इस मुकाम तक पहुंचे हैं। भाजपा ने उनके संघर्ष का अपमान किया।”

हेमंत सरकार की नीतियों की सराहना

धीरज दुबे ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पारदर्शी नीतियों के कारण अब जेपीएससी जैसी संस्थाएं जवाबदेह बनी हैं।

धीरज दुबे ने कहा: “यह नया झारखंड है, जहां अवसर योग्यता के आधार पर मिलते हैं। परिणामों में 90% स्थानीय छात्रों का चयन हुआ है।”

अंत में उन्होंने भाजपा को सलाह दी कि विकास और युवाओं के मुद्दों पर बात करें, न कि षड्यंत्र की राजनीति करें

न्यूज़ देखो: योग्यता की जीत, सियासत की हार

जेपीएससी का यह परिणाम उन हजारों युवाओं की मेहनत का प्रमाण है, जो पारदर्शी चयन प्रणाली पर भरोसा रखते हैं। आरोपों की राजनीति से आगे बढ़कर अब जरूरत है कि राज्य में प्रतिभा और मेहनत को सम्मान मिले। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

पारदर्शी सिस्टम, मजबूत झारखंड

योग्यता आधारित चयन ही राज्य की प्रगति की कुंजी है। इस खबर को शेयर करें और युवाओं की मेहनत का सम्मान करें। अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।

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Sonu Kumar

गढ़वा

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