
#खलारी #केंद्रीयबजटप्रतिक्रिया : बजट 2026-27 पर पक्ष और विपक्ष की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई।
खलारी कोयलांचल में केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट पेश किए जाने के बाद भाजपा और उससे जुड़े संगठनों ने इसे जनहितकारी और विकासोन्मुखी बताया, जबकि कांग्रेस, मजदूर नेताओं और विपक्षी दलों ने बजट को आम जनता की समस्याओं से दूर करार दिया। बजट को लेकर रोजगार, महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर अलग-अलग दृष्टिकोण उभरे हैं। यह प्रतिक्रिया क्षेत्र की राजनीतिक और सामाजिक सोच को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
- केंद्रीय बजट 2026-27 पर खलारी कोयलांचल में तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया।
- भाजपा नेताओं ने बजट को जनहितकारी और विकसित भारत की दिशा में कदम बताया।
- कांग्रेस व मजदूर नेताओं ने बजट को कारपोरेट हितैषी करार दिया।
- व्यवसायी वर्ग ने अर्थव्यवस्था को गति देने वाला बताया।
- मजदूर संगठनों ने कोयला क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाया।
- वरिष्ठ नागरिकों ने स्वास्थ्य प्रावधानों पर मिश्रित प्रतिक्रिया दी।
केंद्रीय बजट 2026-27 संसद में पेश होते ही खलारी कोयलांचल में इसकी गूंज सुनाई देने लगी। बजट को लेकर क्षेत्र के राजनीतिक दलों, मजदूर संगठनों, व्यवसायियों और आम नागरिकों ने अपने-अपने नजरिए रखे। जहां सत्तारूढ़ भाजपा ने इसे देश के सर्वांगीण विकास की नींव बताया, वहीं विपक्षी दलों ने इसे जमीनी हकीकत से दूर बताया। बजट के प्रावधानों ने क्षेत्र में एक नई राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है।
भाजपा नेताओं ने बताया ऐतिहासिक बजट
खलारी के वरिष्ठ भाजपा नेता अरविन्द सिंह ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 देश के समग्र विकास को नई गति देगा। उन्होंने कहा कि इसमें गरीब, किसान, युवा और महिलाओं को प्राथमिकता दी गई है तथा बुनियादी ढांचे, शिक्षा और स्वास्थ्य पर बढ़ा हुआ खर्च भविष्य की मजबूत नींव रखेगा।
अरविन्द सिंह ने कहा: “यह बजट विकसित भारत के संकल्प को मजबूती देता है और आने वाले वर्षों में देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।”
भाजपा मंडल अध्यक्ष अनिल गंझू और मंडल संयोजक रामसूरत यादव ने भी बजट की सराहना करते हुए कहा कि रोजगार सृजन, आधारभूत संरचना और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर फोकस सराहनीय है। उनका मानना है कि इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों को लाभ मिलेगा।
व्यवसायी वर्ग ने जताया संतोष
खलारी के व्यवसायी संघ अध्यक्ष शत्रुंजय सिंह और व्यवसायी सुशील अग्रवाल ने बजट को अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि बजट में व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देने वाले प्रावधानों से स्थानीय व्यवसायियों को भी लाभ मिलेगा।
शत्रुंजय सिंह ने कहा: “यह बजट देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा और आम आदमी को भी इसका लाभ मिलेगा।”
व्यवसायियों का मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश बढ़ने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, जिससे कोयलांचल क्षेत्र को भी अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
कांग्रेस और विपक्ष ने गिनाईं कमियां
दूसरी ओर वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजन सिंह राजा, कांग्रेस प्रखंड संयोजक राजेश सिंह मिंटु और प्रदेश कांग्रेस सचिव इंदिरा देवी ने बजट को निराशाजनक बताया। उनका कहना था कि बजट में महंगाई, बेरोजगारी, किसान संकट, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर कोई ठोस समाधान नहीं दिखता।
राजन सिंह राजा ने कहा: “यह बजट आम जनता की समस्याओं से कटे हुए कारपोरेट हितों को प्राथमिकता देता है।”
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि बजट में गरीब और मध्यम वर्ग के लिए राहत के उपाय नाकाफी हैं और यह सामाजिक असमानता को और बढ़ा सकता है।
मजदूर नेताओं ने जताई नाराजगी
कोयलांचल क्षेत्र के मजदूर नेता अब्दुल्ला अंसारी ने बजट को मजदूर विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि कोयला क्षेत्र के मजदूरों की समस्याओं को नजरअंदाज किया गया है।
अब्दुल्ला अंसारी ने कहा: “बजट में मजदूरों के हितों की अनदेखी की गई है, खासकर कोयला क्षेत्र के श्रमिकों के लिए कोई ठोस घोषणा नहीं हुई।”
मजदूर संगठनों का कहना है कि रोजगार सुरक्षा, मजदूरी और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार को और गंभीरता दिखानी चाहिए थी।
वरिष्ठ नागरिकों की मिश्रित प्रतिक्रिया
क्षेत्र के वृद्ध शिक्षक एच.के. दुबे ने स्वास्थ्य सेवाओं और दवाओं को सस्ता करने के प्रावधान को राहत भरा बताया, लेकिन साथ ही वरिष्ठ नागरिकों के लिए और ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
एच.के. दुबे ने कहा: “स्वास्थ्य क्षेत्र में राहत अच्छी बात है, लेकिन बुजुर्गों के लिए विशेष योजनाएं और मजबूत होनी चाहिए।”
उनका मानना है कि बढ़ती उम्र के साथ स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा सबसे अहम मुद्दे बन जाते हैं।
न्यूज़ देखो: बजट ने उजागर किया सियासी विभाजन
केंद्रीय बजट 2026-27 पर खलारी कोयलांचल की प्रतिक्रिया यह दिखाती है कि देश की आर्थिक नीतियों को लेकर समाज में स्पष्ट विभाजन है। जहां सत्तापक्ष इसे विकास का रोडमैप बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे जमीनी समस्याओं से दूर मान रहा है। यह बहस आने वाले समय में राजनीतिक विमर्श को और तेज कर सकती है। अब यह देखना अहम होगा कि बजट के प्रावधान जमीनी स्तर पर कितना असर डालते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सजग नागरिक बनें, बजट की समझ से भविष्य तय करें
बजट सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि आम जीवन को प्रभावित करने वाला फैसला होता है। जरूरी है कि नागरिक इसके हर पहलू को समझें और सवाल भी उठाएं। आपकी राय लोकतंत्र को मजबूत बनाती है। इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया कमेंट करें, इसे साझा करें और दूसरों तक सही जानकारी पहुंचाकर जागरूकता फैलाएं।







