
#सिमडेगा #धार्मिक_सेवा : पाकरटांड के सैंडीह गांव में प्रचारक मतियस एक्का के 25 वर्ष पूर्ण होने पर गरिमामय जुबली समारोह आयोजित हुआ।
सिमडेगा जिले के पाकरटांड प्रखंड अंतर्गत सैंडीह गांव में प्रचारक मतियस एक्का के 25 वर्षों की धार्मिक और सामाजिक सेवा के उपलक्ष्य में रजत जयंती जुबली समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कांग्रेस जिला अध्यक्ष सह विधायक भूषण बाड़ा एवं महिला जिला अध्यक्ष सह जिला परिषद सदस्य जोसिमा खाखा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में धार्मिक सेवा, सामाजिक समरसता और युवाओं के लिए प्रेरणा जैसे विषयों पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। यह आयोजन सेवा, त्याग और विश्वास के मूल्यों को समाज तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बना।
- पाकरटांड प्रखंड के सैंडीह गांव में रजत जयंती समारोह आयोजित।
- प्रचारक मतियस एक्का ने पूरे किए धार्मिक सेवा के 25 वर्ष।
- विधायक भूषण बाड़ा एवं जोसिमा खाखा रहे मुख्य अतिथि।
- धार्मिक सेवा, सामाजिक समरसता और युवाओं की भूमिका पर जोर।
- बड़ी संख्या में मसीही विश्वासी एवं ग्रामीण हुए शामिल।
पाकरटांड प्रखंड के सैंडीह गांव में आयोजित यह जुबली समारोह पूरी तरह श्रद्धा, सम्मान और सामुदायिक एकता के वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह का उद्देश्य प्रचारक मतियस एक्का द्वारा विगत 25 वर्षों में किए गए धार्मिक, सामाजिक और नैतिक योगदान को स्मरण करना था। कार्यक्रम में विभिन्न वर्गों के लोगों की सहभागिता ने इसे केवल धार्मिक आयोजन न बनाकर सामाजिक संवाद का मंच बना दिया। वक्ताओं ने सेवा और समर्पण को समाज के लिए अनिवार्य बताया।
प्रचारक मतियस एक्का की 25 वर्षों की सेवा यात्रा
प्रचारक मतियस एक्का ने बीते 25 वर्षों में धार्मिक सेवा के साथ-साथ समाज को नैतिक दिशा देने का कार्य किया है। उनके कार्यों का केंद्र बिंदु सदैव सेवा, अनुशासन और विश्वास रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहकर उन्होंने युवाओं, महिलाओं और परिवारों को आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ जीवन जीने की प्रेरणा दी। उनके निरंतर प्रयासों से समुदाय में सकारात्मक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना मजबूत हुई है।
विधायक भूषण बाड़ा का संबोधन
समारोह को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिला अध्यक्ष सह विधायक भूषण बाड़ा ने कहा:
विधायक भूषण बाड़ा ने कहा: “धार्मिक सेवा, त्याग और अनुशासन का मार्ग समाज को सही दिशा देता है। प्रचारक मतियस एक्का द्वारा 25 वर्षों तक निष्ठा और समर्पण के साथ की गई सेवा युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।”
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे सेवाभावी व्यक्तित्व समाज में नैतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं और नई पीढ़ी को सही मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारा और प्रेम को मजबूत समाज की पहचान बताया तथा इन मूल्यों को जीवन में उतारने पर जोर दिया।
जोसिमा खाखा का संदेश
महिला जिला अध्यक्ष सह जिला परिषद सदस्य जोसिमा खाखा ने अपने संबोधन में कहा:
जोसिमा खाखा ने कहा: “धार्मिक सेवा केवल उपदेश नहीं, बल्कि उसे जीवन में उतारने का नाम है। प्रचारक मतियस एक्का ने अपने कार्यों से यह सिद्ध किया है कि सेवा, करुणा और विश्वास से समाज को जोड़ा जा सकता है।”
उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं से समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया और कहा कि सकारात्मक बदलाव की शुरुआत घर और समुदाय से होती है।
समारोह में उपस्थित गणमान्य लोग
इस अवसर पर कई धार्मिक, सामाजिक और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में फादर ऑस्कर बेक, सिस्टर अमृता एक्का, उप प्रमुख सिलबेस्टर बघवार, प्रतिमा कुजूर, विधायक प्रतिनिधि लुसियन मिंज, पंचायत अध्यक्ष सह पंच जाकिरियास मिंज, अजय लकड़ा, नोवेल केरकेट्टा, इलियास एक्का, रोहित मिंज, रितेश मिंज, अंकित मिंज, जेनेबिभा लकड़ा, टैगरेंग मिंज, मैक्सिमा एक्का, प्रभा मिंज, अनिल तिर्की, अल्बर्ट एक्का, बिपिन एक्का, सुजाता एक्का, नीमा मिंज, लोलाती मिंज, तेलेस्फोर एक्का, कॉर्नेलियुस सोरेंग, थेयोदोर तिर्की, जॉनसन मिंज, जीवन मिंज, आयुष मिंज, अश्विन मिंज, राहुल एक्का, जयंती मिंज, ब्यूटी एक्का, सरोजनी मिंज, प्रज्ञा मिंज, सोनी एक्का, स्मिता लकड़ा, रोमित तिर्की, सुमन लकड़ा सहित बड़ी संख्या में मसीही विश्वासी एवं ग्रामीण उपस्थित थे।
सामाजिक समरसता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बार-बार इस बात पर बल दिया कि समाज की मजबूती सेवा, करुणा और विश्वास से आती है। धार्मिक आयोजनों के माध्यम से सामाजिक एकता को बढ़ावा देने और आपसी भेदभाव को समाप्त करने का संदेश दिया गया। ग्रामीणों ने भी प्रचारक मतियस एक्का के कार्यों की सराहना करते हुए उनके योगदान को समाज के लिए अमूल्य बताया।
न्यूज़ देखो: सेवा और विश्वास से समाज निर्माण का जीवंत उदाहरण
यह समारोह यह दर्शाता है कि दीर्घकालिक सेवा और समर्पण समाज में स्थायी परिवर्तन ला सकता है। प्रचारक मतियस एक्का का योगदान यह साबित करता है कि धार्मिक सेवा केवल पूजा तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का भी माध्यम है। जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इस आयोजन को और अधिक सार्थक बनाया। आने वाले समय में ऐसे आयोजनों से युवाओं में सकारात्मक दिशा और सामाजिक चेतना मजबूत होने की उम्मीद है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सेवा और समर्पण से मजबूत होता है समाज
ऐसे आयोजनों से यह स्पष्ट होता है कि जब सेवा को जीवन का उद्देश्य बनाया जाए, तो समाज स्वतः सशक्त होता है। युवाओं और महिलाओं की भागीदारी सामाजिक परिवर्तन की सबसे मजबूत कड़ी है। अपने आसपास सकारात्मक कार्यों को समर्थन दें और सामुदायिक एकता को बढ़ावा दें।






