
#सिमडेगा #उच्च_शिक्षा : बीकॉम विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी कम्प्यूटरीकृत लेखांकन का व्यवहारिक अनुभव।
संत जेवियर महाविद्यालय, सिमडेगा के वाणिज्य विभाग द्वारा बीकॉम पाठ्यक्रम के अंतर्गत कम्प्यूटरीकृत लेखा प्रणाली की प्रायोगिक कक्षाएँ आयोजित की गईं। यह प्रशिक्षण 5 जनवरी से 10 जनवरी 2026 तक चला, जिसमें कुल 16 प्रायोगिक सत्र हुए। विभागाध्यक्ष डॉ. अमित कुमार गुप्ता ने Tally ERP 9 के माध्यम से विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया। इस पहल से छात्रों की डिजिटल दक्षता और रोजगार क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
- संत जेवियर महाविद्यालय, सिमडेगा के वाणिज्य विभाग की पहल।
- बीकॉम (MJ-1 वित्तीय लेखांकन, यूनिट-III) के अंतर्गत आयोजन।
- 5 से 10 जनवरी 2026 तक कुल 16 प्रायोगिक सत्र।
- डॉ. अमित कुमार गुप्ता, विभागाध्यक्ष द्वारा प्रशिक्षण।
- Tally ERP 9 के माध्यम से व्यावहारिक लेखांकन अभ्यास।
संत जेवियर महाविद्यालय, सिमडेगा में उच्च शिक्षा को रोजगारोन्मुखी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत कम्प्यूटरीकृत लेखा प्रणाली की प्रायोगिक कक्षाओं का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के वाणिज्य विभाग द्वारा बीकॉम (MJ-1 वित्तीय लेखांकन, यूनिट-III) के पाठ्यक्रम के अंतर्गत संपन्न हुआ। 5 जनवरी से 10 जनवरी 2026 तक चले इस प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को आधुनिक लेखांकन प्रणाली की गहन और व्यावहारिक जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना रहा।
16 सत्रों में मिला गहन प्रायोगिक प्रशिक्षण
इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कुल 16 प्रायोगिक कक्षाएँ आयोजित की गईं। प्रत्येक सत्र को इस प्रकार डिजाइन किया गया था कि छात्र केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि वास्तविक व्यावसायिक परिस्थितियों में उपयोग होने वाली लेखा प्रक्रियाओं को स्वयं अभ्यास के माध्यम से समझ सकें। छात्रों ने इन सत्रों में सक्रिय भागीदारी दिखाई और विभिन्न लेखांकन प्रक्रियाओं को कंप्यूटर पर स्वयं करके सीखा।
विभागाध्यक्ष ने कराया Tally ERP 9 का व्यावहारिक अभ्यास
प्रायोगिक कक्षाओं का संचालन डॉ. अमित कुमार गुप्ता, विभागाध्यक्ष, वाणिज्य विभाग द्वारा किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को Tally ERP 9 लेखा सॉफ्टवेयर के माध्यम से कम्प्यूटरीकृत लेखांकन की पूरी प्रक्रिया समझाई। यह सॉफ्टवेयर व्यापार और उद्योग जगत में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है, जिससे छात्रों को वास्तविक कार्यक्षेत्र से जुड़ा अनुभव प्राप्त हुआ।
लेखांकन की सभी प्रमुख प्रक्रियाओं का अभ्यास
प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को कई महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। इसमें कंपनी का निर्माण, फीचर्स एवं कॉन्फ़िगरेशन सेटिंग्स, लेखा समूह और लेजर निर्माण, स्टॉक आइटम एवं समूह का निर्माण शामिल रहा। इसके साथ-साथ विभिन्न प्रकार की वाउचर प्रविष्टियाँ करना भी सिखाया गया।
छात्रों को कैश बुक, लेजर खाते, ट्रायल बैलेंस, लाभ-हानि खाता, बैलेंस शीट और कैश फ्लो स्टेटमेंट जैसे आवश्यक वित्तीय प्रतिवेदनों के निर्माण का भी अभ्यास कराया गया। यह सभी प्रक्रियाएँ व्यावसायिक लेखांकन की रीढ़ मानी जाती हैं।
डाटा प्रबंधन की आधुनिक तकनीक से परिचय
केवल लेखांकन तक सीमित न रहते हुए विद्यार्थियों को कंपनी का चयन एवं बंद करने की प्रक्रिया भी समझाई गई। इसके अलावा डाटा का बैकअप और रिस्टोर कैसे किया जाता है, इसकी भी जानकारी दी गई। यह प्रशिक्षण छात्रों को डिजिटल युग में सुरक्षित और व्यवस्थित डाटा प्रबंधन के लिए सक्षम बनाता है, जो आज के समय में अत्यंत आवश्यक कौशल है।
यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध कराए गए प्रशिक्षण वीडियो
विद्यार्थियों की सुविधा और पुनरावृत्ति के उद्देश्य से इन प्रायोगिक कक्षाओं से संबंधित वीडियो विभागाध्यक्ष के यूट्यूब चैनल “akgeclass” पर भी उपलब्ध कराए गए हैं। इससे छात्र कक्षा के बाद भी कभी और कहीं से अध्ययन कर सकते हैं। यह पहल स्व-अध्ययन और डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय कदम मानी जा रही है।
विद्यार्थियों को मिला रोजगारोन्मुखी लाभ
इस कार्यक्रम से विद्यार्थियों को कम्प्यूटरीकृत लेखांकन का वास्तविक और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ। छात्रों ने बताया कि इस प्रशिक्षण से उनकी डिजिटल दक्षता, व्यावसायिक समझ और रोजगार की संभावनाएँ बढ़ी हैं। कई विद्यार्थियों ने इसे भविष्य के करियर के लिए अत्यंत उपयोगी और व्यावहारिक बताया।
शिक्षा और उद्योग के बीच सेतु
इस तरह की प्रायोगिक कक्षाएँ शिक्षा और उद्योग के बीच की दूरी को कम करने में अहम भूमिका निभाती हैं। छात्रों को पहले से ही उन कौशलों से लैस करना, जिनकी मांग बाजार में है, उच्च शिक्षा संस्थानों की बड़ी जिम्मेदारी बनती जा रही है। संत जेवियर महाविद्यालय की यह पहल इसी दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।
न्यूज़ देखो: डिजिटल कौशल से सशक्त हो रहे विद्यार्थी
संत जेवियर महाविद्यालय में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम दिखाता है कि उच्च शिक्षा अब केवल डिग्री तक सीमित नहीं रह गई है। कम्प्यूटरीकृत लेखांकन जैसे व्यावहारिक कौशल छात्रों को आत्मनिर्भर और रोजगार के लिए तैयार बनाते हैं। विभागाध्यक्ष द्वारा डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग इसे और प्रभावी बनाता है। भविष्य में ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के करियर निर्माण में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
डिजिटल शिक्षा से ही बनेगा मजबूत भविष्य
आज के प्रतिस्पर्धी दौर में तकनीकी और व्यावहारिक ज्ञान ही सफलता की कुंजी है।
कम्प्यूटरीकृत लेखांकन जैसे कौशल छात्रों को आत्मविश्वास और रोजगार दोनों प्रदान करते हैं।
शिक्षा संस्थानों की ऐसी पहलें युवाओं को समय के साथ आगे बढ़ने का अवसर देती हैं।
ज्ञान, तकनीक और अभ्यास का मेल ही सशक्त भारत की नींव है।





