
#गढ़वा #शिक्षा_समारोह : कंप्यूटर शिक्षा से गांवों तक पहुंची तकनीकी सशक्तिकरण की पहल।
गढ़वा जिला परिषद परिसर में संचालित प्रगति इंस्टिट्यूट का 16वां वार्षिक उत्सव समारोह भव्य रूप से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान के निदेशक इंजीनियर ओबैदुल्लाह हक अंसारी द्वारा केक काटकर किया गया। इस अवसर पर शिक्षा के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को रोजगार से जोड़ने की उपलब्धियों पर चर्चा हुई। समारोह में शिक्षा, सामाजिक सेवा और तकनीकी सशक्तिकरण के महत्व को रेखांकित किया गया।
- प्रगति इंस्टिट्यूट का 16वां वार्षिक उत्सव गढ़वा में आयोजित।
- उद्घाटन निदेशक इंजीनियर ओबैदुल्लाह हक अंसारी ने किया।
- अतिथियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में कंप्यूटर शिक्षा की सराहना की।
- कम शुल्क में तकनीकी शिक्षा को बताया गया सराहनीय कदम।
- छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों से समारोह को बनाया आकर्षक।
गढ़वा जिला परिषद परिसर में संचालित प्रगति इंस्टिट्यूट के 16वें वार्षिक उत्सव समारोह का आयोजन उत्साह और गरिमा के साथ किया गया। समारोह की शुरुआत केक काटकर की गई, जिसका नेतृत्व संस्थान के निदेशक एवं गढ़वा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष इंजीनियर ओबैदुल्लाह हक अंसारी ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी, अभिभावक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
संस्थान की 16 वर्षों की यात्रा, उसकी उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि प्रगति इंस्टिट्यूट ने शिक्षा को केवल शहरों तक सीमित न रखकर गांव-गांव तक पहुंचाने का जो प्रयास किया है, वह समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
शिक्षा से रोजगार की ओर मजबूत कदम
मुख्य अतिथि सुरेंद्रनाथ तिवारी ने अपने संबोधन में कहा:
“संस्थान के निदेशक ओबैदुल्लाह हक अंसारी ने 16 वर्ष पूर्व जो बीज बोया था, आज उसका सकारात्मक परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। गांव के बच्चे कंप्यूटर शिक्षा से जुड़कर रोजगार सृजन कर रहे हैं, इससे बड़ा सामाजिक योगदान कुछ और नहीं हो सकता।”
उन्होंने संस्थान के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि यह प्रयास निरंतर आगे बढ़ता रहे।
कम खर्च में शिक्षा उपलब्ध कराना सराहनीय
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आलोक मिश्रा ने कहा:
“गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों के लिए कम शुल्क में कंप्यूटर शिक्षा उपलब्ध कराना निदेशक का एक सराहनीय प्रयास है। शिक्षा का जो दीप उन्होंने जलाया है, वह काबिले-तारीफ है।”
उन्होंने यह भी कहा कि निदेशक द्वारा अपनी जन्मभूमि धुरकी में इंटर कॉलेज, डिग्री कॉलेज और स्कूल की स्थापना करना शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम है।
शिक्षा को गांव तक पहुंचाना जीवन का लक्ष्य
संस्थान के स्थापना दिवस सह अपने जन्मदिन के अवसर पर इंजीनियर ओबैदुल्लाह हक अंसारी ने कहा:
“मेरा उद्देश्य है कि शिक्षा गांव तक पहुंचे और कोई भी व्यक्ति केवल पैसों के अभाव में कंप्यूटर शिक्षा से वंचित न रहे। प्रगति इंस्टिट्यूट इसी लक्ष्य को पूरा कर रहा है।”
उन्होंने बताया कि इसी सोच के तहत धुरकी जैसे सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना की गई, जिससे ग्रामीण बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें और आत्मनिर्भर बनें।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
वार्षिक उत्सव के दौरान संस्थान के छात्र-छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। विद्यार्थियों ने एक से बढ़कर एक गीत, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम ने यह साबित किया कि तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक विकास भी संस्थान की प्राथमिकता है।
बड़ी संख्या में गणमान्य लोग रहे उपस्थित
इस अवसर पर उप निदेशक खालिद अशरफ, उमेश कुमार, अभिषेक सिंह, साकिब कौसर, महफूज आलम, निश्चल तिवारी, विकास रवि, औरंगजेब खान, अविनाश कुमार, रिजवी हसन, समीर आलम, प्रियंका कुमारी, लवली केसरी, आरती कुमारी, स्वाति जैसवाल, शब्बा परवीन, रूपम कुमारी सहित अनेक शिक्षक, छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

न्यूज़ देखो: शिक्षा से बदलती ग्रामीण तस्वीर
प्रगति इंस्टिट्यूट का 16वां वार्षिक उत्सव यह दर्शाता है कि निरंतर प्रयास और सही सोच से शिक्षा को सामाजिक बदलाव का माध्यम बनाया जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी शिक्षा का विस्तार रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
शिक्षा का दीप जलाएं, भविष्य संवारें
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