
#बरवाडीह #महाराजा_मेदनीराय_जयंती : आयोजन को लेकर हुई अहम बैठक, समिति विस्तार पर सहमति।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड स्थित कुटमू चौक में महाराजा मेदनी राय की 393वीं जयंती को भव्य रूप से मनाने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रतिमा प्रांगण में आयोजित बैठक में आयोजन की रूपरेखा तय की गई और अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
- 2 अप्रैल को मनाई जाएगी महाराजा मेदनी राय की 393वीं जयंती।
- कुटमू चौक स्थित प्रतिमा प्रांगण में हुई महत्वपूर्ण बैठक।
- आयोजन समिति के विस्तार पर बनी सहमति।
- सांस्कृतिक एवं पारंपरिक कार्यक्रमों को दी जाएगी प्राथमिकता।
- अगली तैयारी बैठक 7 मार्च सुबह 10 बजे आयोजित होगी।
बरवाडीह प्रखंड के कुटमू चौक स्थित महाराजा मेदनी राय की प्रतिमा प्रांगण में सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य 2 अप्रैल को आयोजित होने वाली महाराजा मेदनी राय की 393वीं जयंती समारोह की तैयारी को अंतिम रूप देना था। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य लोगों की सक्रिय भागीदारी के बीच आयोजन को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने पर चर्चा की गई।
समिति विस्तार और विस्तृत रूपरेखा पर चर्चा
बैठक की अध्यक्षता विनोद प्रसाद सिंह ने की। इस दौरान जयंती समारोह की विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई। उपस्थित सदस्यों ने निर्णय लिया कि कार्यक्रम को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक गरिमा के अनुरूप आयोजित किया जाएगा। साथ ही आयोजन समिति के विस्तार पर भी सहमति बनी, ताकि जिम्मेदारियों का उचित बंटवारा किया जा सके और कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो।
सदस्यों ने इस बात पर जोर दिया कि जयंती समारोह में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इसके लिए गांव-गांव जाकर लोगों को आमंत्रित करने और जागरूक करने की योजना बनाई गई।
सांस्कृतिक और पारंपरिक कार्यक्रम होंगे प्रमुख आकर्षण
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जयंती कार्यक्रम में सांस्कृतिक, सामाजिक एवं पारंपरिक कार्यक्रमों को प्रमुखता दी जाएगी। उद्देश्य यह है कि महाराजा मेदनी राय की ऐतिहासिक विरासत और योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके।
युगेश्वर सिंह ने कहा कि समारोह में स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि क्षेत्रीय प्रतिभाओं को मंच मिल सके और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक जयंती समारोह नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एकता और गौरव का प्रतीक होगा।
अगली बैठक 7 मार्च को
गनेशवर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि अगली तैयारी बैठक 7 मार्च को सुबह 10 बजे कुटमू चौक स्थित प्रतिमा प्रांगण में आयोजित की जाएगी। उन्होंने सभी सदस्यों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने का आग्रह किया, ताकि शेष तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा सके।
बैठक में जय प्रकाश कुमार रजक, रूपाली देवी, जय गोविंद विश्वकर्मा, दयानंद मिस्त्री, जमुना सिंह चेरो, घनश्याम प्रसाद, युगेश्वर सिंह सहित कई लोग उपस्थित रहे। हस्ताक्षरकर्ताओं में असनदेव सिंह, विनोद यादव, विनय कुमार रजक समेत अन्य सदस्यों के नाम शामिल हैं।
क्षेत्र में उत्साह का माहौल
जयंती समारोह को लेकर बरवाडीह तथा लातेहार क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। लोगों ने इसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बताया है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि ऐसे आयोजन समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं और युवाओं में इतिहास के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं।
न्यूज़ देखो: विरासत से जुड़ाव ही पहचान
ऐतिहासिक महापुरुषों की जयंती केवल उत्सव नहीं, बल्कि समाज को अपनी विरासत से जोड़ने का अवसर होती है। यदि आयोजन में जनभागीदारी और सांस्कृतिक समावेश हो, तो यह सामाजिक एकता को और मजबूत करता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
इतिहास से प्रेरणा, भविष्य की ओर कदम
महापुरुषों की जयंती हमें उनके आदर्शों को अपनाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा देती है।
आइए, हम सब मिलकर 2 अप्रैल को आयोजित होने वाले इस ऐतिहासिक समारोह को सफल बनाएं और अपनी सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाएं।
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