शिवरात्रि और शिवबारात को लेकर तैयारियां शुरू, श्रद्धालु सुविधाओं पर विशेष जोर

शिवरात्रि और शिवबारात को लेकर तैयारियां शुरू, श्रद्धालु सुविधाओं पर विशेष जोर

author Saroj Verma
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#देवघर #शिवरात्रि_तैयारी : उपायुक्त की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर विशेष जोर।

देवघर में महाशिवरात्रि और शिवबारात के सफल आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा की अध्यक्षता में समाहरणालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुगम जलार्पण, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विस्तृत निर्देश दिए गए। प्रशासन ने समयबद्ध और समन्वित कार्यप्रणाली को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

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  • डीसी नमन प्रियेश लकड़ा की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक।
  • महाशिवरात्रि और शिवबारात को लेकर समयबद्ध तैयारी के निर्देश।
  • सुगम जलार्पण और श्रद्धालु सुविधाओं पर विशेष जोर।
  • विधि व्यवस्था, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की समीक्षा।
  • सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने का निर्देश।

देवघर में आगामी महाशिवरात्रि और शिवबारात के अवसर पर देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। इसी क्रम में समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य महाशिवरात्रि और शिवबारात के आयोजन को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाना रहा। उपायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बाबा नगरी देवघर पहुंचने वाले श्रद्धालु देवतुल्य हैं और उन्हें बेहतर से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।

श्रद्धालुओं की सुविधा प्रशासन की प्राथमिकता

उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने बैठक में कहा कि जलार्पण, पूजा-अर्चना और शिवबारात के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाए।

उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने कहा: “महाशिवरात्रि जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोपरि है, इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

सुगम जलार्पण और रूटलाइन पर विशेष फोकस

बैठक में बाबा बैद्यनाथ धाम में सुगम जलार्पण की व्यवस्था को लेकर विशेष चर्चा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जलार्पण रूट, कतार प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को लंबी प्रतीक्षा या अव्यवस्था का सामना न करना पड़े।

शिवबारात के दौरान रूटलाइन, बैरिकेडिंग और भीड़ प्रबंधन को लेकर भी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए। शिवबारात मार्ग पर प्रकाश, सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्था दुरुस्त रखने पर जोर दिया गया।

विधि व्यवस्था और सुरक्षा इंतजाम

बैठक में विधि व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन को लेकर पुलिस विभाग के साथ विस्तार से चर्चा हुई। उपायुक्त ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां अतिरिक्त बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। सीसीटीवी निगरानी, कंट्रोल रूम की सक्रियता और त्वरित प्रतिक्रिया टीमों की तैनाती पर भी बल दिया गया।

यातायात प्रबंधन को लेकर कहा गया कि बाहरी वाहनों की पार्किंग, वैकल्पिक मार्गों और यातायात डायवर्जन की स्पष्ट योजना तैयार कर समय रहते लागू की जाए।

समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश

उपायुक्त ने बैठक में मौजूद सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सौंपे गए कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि और शिवबारात जैसे बड़े आयोजनों में विभागों के बीच बेहतर समन्वय ही सफलता की कुंजी है।

उन्होंने अधिकारियों से नियमित मॉनिटरिंग, स्थल निरीक्षण और आपसी संवाद बनाए रखने को कहा, ताकि किसी भी समस्या का समाधान समय रहते किया जा सके।

प्रशासनिक तत्परता से बढ़ी श्रद्धालुओं की उम्मीद

प्रशासन की इस सक्रियता से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में सकारात्मक संदेश गया है। लोगों का मानना है कि यदि योजनाओं को इसी तरह धरातल पर लागू किया गया, तो इस वर्ष महाशिवरात्रि और शिवबारात का आयोजन और भी सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित होगा।

न्यूज़ देखो: आस्था और प्रशासन का संतुलन जरूरी

देवघर जैसे विश्वप्रसिद्ध तीर्थस्थल पर बड़े धार्मिक आयोजनों का सफल संचालन प्रशासनिक दक्षता की असली परीक्षा होता है। उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई यह समीक्षा बैठक बताती है कि प्रशासन इस जिम्मेदारी को गंभीरता से ले रहा है। अब देखना होगा कि योजनाएं जमीन पर कितनी प्रभावी ढंग से लागू होती हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सुगम आयोजन, सुरक्षित श्रद्धालु यही है लक्ष्य

धार्मिक आयोजनों की सफलता प्रशासन और जनता के सहयोग से ही संभव है। नियमों का पालन करें, प्रशासन का सहयोग करें और आस्था के साथ अनुशासन बनाए रखें। अपनी राय साझा करें, इस खबर को आगे बढ़ाएं और देवघर की व्यवस्था को और बेहतर बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।

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Written by

दुमका/देवघर

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