Latehar

महुआडांड़ में गणिनाथ पूजा की तैयारी, हलवाई समाज की महत्वपूर्ण बैठक आज

#महुआडांड़ #GaninathPuja : समाज की एकजुटता का प्रतीक, भव्य आयोजन की तैयारी तेज
  • हलवाई समाज ने गणिनाथ पूजा को भव्य बनाने का निर्णय लिया।
  • शनिवार शाम 7:30 बजे दुर्गाबाड़ी परिसर में बैठक आयोजित की गई।
  • बैठक में सभी सदस्यों को सुझाव और सहयोग देने का आग्रह।
  • पूजा की तिथि, शोभायात्रा, प्रसाद और सजावट पर चर्चा होने की संभावना।
  • स्थानीय लोगों में भी आयोजन को लेकर खासा उत्साह।

गणिनाथ पूजा को लेकर समाज में उमंग

महुआडांड़ में इस बार गणिनाथ पूजा को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। हलवाई समाज ने इस आयोजन को पहले से अधिक भव्य बनाने का निर्णय लिया है, और इसके लिए तैयारियां जोर-शोर से शुरू कर दी गई हैं। समाज के लोगों का कहना है कि गणिनाथ पूजा उनकी सांस्कृतिक धरोहर और आपसी एकजुटता का प्रतीक है, इसलिए इसे हर बार विशेष बनाने की परंपरा निभाई जाती रही है।

दुर्गाबाड़ी परिसर में हुई अहम बैठक

शनिवार की शाम 7:30 बजे दुर्गाबाड़ी परिसर में हलवाई समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी सदस्यों को आमंत्रित किया गया और उनसे अनुरोध किया गया कि वे न केवल बैठक में भाग लें, बल्कि पूजा को सफल बनाने के लिए अपने सुझाव भी दें। बैठक का मुख्य उद्देश्य आयोजन की रूपरेखा तय करना और समाज के प्रत्येक सदस्य की भागीदारी सुनिश्चित करना था।

चर्चा के मुख्य बिंदु

बैठक में यह संभावना जताई गई कि पूजा की तिथि, प्रसाद वितरण, शोभायात्रा और सजावट जैसी तैयारियों पर चर्चा की जाएगी। समाज के बड़े-बुजुर्गों का मानना है कि साझा प्रयास से ही गणिनाथ पूजा को यादगार और आकर्षक बनाया जा सकता है

स्थानीय लोगों में उत्साह

गणिनाथ पूजा को लेकर न केवल हलवाई समाज, बल्कि स्थानीय लोगों में भी उत्साह चरम पर है। समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने सभी से अपील की है कि एकजुट होकर इस आयोजन को सफल बनाएं और अपनी सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाएं

न्यूज़ देखो: संस्कृति और एकता का जीवंत उदाहरण

महुआडांड़ का यह आयोजन साबित करता है कि सांस्कृतिक पर्व समाज की एकजुटता को मजबूत करने का अहम जरिया हैं। गणिनाथ पूजा न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि सामाजिक संबंधों को प्रगाढ़ बनाने का अवसर भी देती है
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

आइए, अपनी परंपराओं को संजोएं

यह पर्व हमें याद दिलाता है कि संस्कृति और परंपरा ही समाज की पहचान हैं। आइए, हम सब मिलकर गणिनाथ पूजा को भव्य और यादगार बनाने में सहयोग करें। इस खबर को शेयर करें और अपनी राय कमेंट में लिखें, ताकि अधिक लोग इस सांस्कृतिक पहल का हिस्सा बन सकें।

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

IMG-20251223-WA0009
IMG-20250723-WA0070
आगे पढ़िए...

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Related News

Back to top button
error: