
#गढ़वा #रुद्र_महायज्ञ : जोबरईया नीलकंठ महादेव मंदिर से निकलेगी जलयात्रा, नौ दिवसीय महायज्ञ।
गढ़वा जिला मुख्यालय के ग्राम जोबरईया स्थित बंडा पहाड़ के श्री नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में 8 मार्च से नौ दिवसीय विराट श्री रुद्र महायज्ञ का आयोजन शुरू होगा। कार्यक्रम के पहले दिन जलयात्रा सह नगर भ्रमण निकाला जाएगा। इस अवसर पर पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और कथा मंडप का उद्घाटन करेंगे।
- 08 मार्च से 16 मार्च 2026 तक जोबरईया बंडा पहाड़ स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर में महायज्ञ।
- पहले दिन जलयात्रा सह नगर भ्रमण के साथ होगा कार्यक्रम का शुभारंभ।
- मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर करेंगे कथा मंडप का उद्घाटन।
- महायज्ञ परिसर में पांच मंजिला यज्ञशाला, पार्किंग, महिला शौचालय और भंडारे की व्यवस्था।
- प्रतिदिन शाम 6 बजे अयोध्या के कथाव्यास पंकज शांडिल्य सुनाएंगे संगीतमय श्रीराम कथा।
गढ़वा जिला मुख्यालय के ग्राम जोबरईया के बंडा पहाड़ स्थित श्री नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में 8 मार्च से 16 मार्च तक नौ दिवसीय विराट श्री रुद्र महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। इस धार्मिक आयोजन को लेकर सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। महायज्ञ के शुभारंभ के अवसर पर 8 मार्च को जलयात्रा सह नगर भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे सुबह 8:15 बजे मंदिर परिसर में एकत्रित हों। इसके बाद शोभायात्रा के रूप में श्रद्धालुओं का समूह जलयात्रा के लिए निकलेगा और पवित्र जल लाकर यज्ञशाला में स्थापित किया जाएगा।
जलयात्रा के साथ होगा नगर भ्रमण
आयोजन समिति के अनुसार जलयात्रा मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर गढ़वा-मझियांव मार्ग होते हुए रंका मोड़ से होकर दानरो नदी छठ घाट तक पहुंचेगी। वहां से श्रद्धालु पवित्र जल लेकर पुनः यज्ञशाला परिसर तक लौटेंगे।
जलयात्रा के बाद कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर के कर कमलों से श्रीराम कथा अमृतवर्षा के कथा मंडप का विधिवत उद्घाटन किया जाएगा। इसके साथ ही सभी श्रद्धालुओं के बीच महाभंडारा के महाप्रसाद का वितरण भी किया जाएगा।
भव्य पांच मंजिला यज्ञशाला तैयार
महायज्ञ की तैयारियों की समीक्षा करते हुए महायज्ञ के प्रधान संयोजक और जागृति युवा क्लब के संरक्षक राकेश पाल ने आयोजन समिति के सदस्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि महायज्ञ के आयोजन के लिए भव्य पांच मंजिला यज्ञशाला पूरी तरह से तैयार कर ली गई है।
उन्होंने बताया कि यज्ञशाला की लिपाई-पुताई और रंग-रोगन का कार्य क्षेत्र की महिलाओं ने काफी मेहनत से किया है। इसके साथ ही महायज्ञ परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं
आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए कई महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। महायज्ञ परिसर में संपूर्ण साफ-सफाई, महिला शौचालय, वाहन पार्किंग तथा मनोरंजन के लिए झूले आदि की व्यवस्था की गई है।
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्थापन पर भी विशेष ध्यान दिया गया है ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
अयोध्या के कथाव्यास सुनाएंगे श्रीराम कथा
महायज्ञ के यज्ञाधीश आचार्य श्री श्री आशीष वैद्य जी महाराज ने महायज्ञ की तैयारियों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन शाम 6 बजे से श्री राम कथा का आयोजन होगा। इसके लिए अयोध्या धाम से पधारे कथाव्यास पंकज शांडिल्य संगीतमय श्रीराम कथा अमृतवर्षा का वाचन करेंगे। इसके लिए विशेष रूप से कथा मंडप भी तैयार किया गया है।
आचार्य आशीष वैद्य जी ने बताया कि महायज्ञ का धार्मिक अनुष्ठान प्रतिदिन सुबह 5 बजे भगवान शिव के रुद्राभिषेक से प्रारंभ होगा। इसके बाद हवन कुंड में यजमानों द्वारा आहुतियां दी जाएंगी।
आयोजन के लिए बनाए गए 25 विभाग
महायज्ञ आयोजन समिति के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार पाल ने बताया कि कार्यक्रम को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए लगभग 25 अलग-अलग विभाग बनाए गए हैं। प्रत्येक विभाग को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं ताकि कार्यक्रम में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
उन्होंने बताया कि इन सभी विभागों की जिम्मेदारी कार्यक्रम प्रमुख ओमप्रकाश पाल और क्लब के उपाध्यक्ष सत्येंद्र पाल को सौंपी गई है। दोनों पदाधिकारी आयोजन से जुड़े सभी कार्यों की निगरानी करेंगे और सभी सदस्यों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे।
आयोजन समिति की ओर से जलयात्रा और महायज्ञ को लेकर आसपास के क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया गया है ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हो सकें।
न्यूज़ देखो: आस्था और सामाजिक सहभागिता का संगम
गढ़वा में आयोजित होने वाला श्री रुद्र महायज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं बल्कि सामाजिक सहभागिता का भी प्रतीक है। ऐसे आयोजन लोगों को एक मंच पर लाते हैं और समाज में आपसी सहयोग और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी से क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण भी बनता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक समाज की दिशा में एक कदम
धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम होते हैं। इन आयोजनों के माध्यम से लोग अपनी परंपराओं और संस्कृति से जुड़ाव महसूस करते हैं और समाज में सहयोग की भावना मजबूत होती है।
जरूरी है कि ऐसे आयोजनों में सभी लोग अनुशासन और स्वच्छता का ध्यान रखते हुए भाग लें। इससे कार्यक्रम सफल होता है और समाज में सकारात्मक संदेश जाता है।
आइए हम सभी मिलकर धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी निभाएं और अपने समाज की परंपराओं को आगे बढ़ाने में योगदान दें।
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