
#सिमडेगा #उर्स_मेला : कोलेबिरा उर्स और कव्वाली आयोजन को लेकर सुरक्षा व व्यवस्था पर प्रशासनिक स्तर पर चर्चा सम्पन्न।
सिमडेगा जिले के प्रसिद्ध कोलेबिरा उर्स मेला एवं कव्वाली कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर सोमवार को उर्स कमिटी कोलेबिरा का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस. खोत्रे से मिला। बैठक में मेले के दौरान सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, पार्किंग और कानून-व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। पुलिस अधीक्षक ने आयोजन के शांतिपूर्ण संचालन का आश्वासन देते हुए प्रशासन की ओर से मजार पर पहली चादर चढ़ाने की परंपरा निभाने की बात कही। इस पहल को जिले में सद्भाव और भाईचारे के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
- कोलेबिरा उर्स मेला एवं कव्वाली को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज।
- उर्स कमिटी कोलेबिरा का प्रतिनिधिमंडल एसपी सिमडेगा से मिला।
- मेले में भीड़ प्रबंधन, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा।
- पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस. खोत्रे ने कड़े सुरक्षा इंतजाम का भरोसा दिया।
- प्रशासन की ओर से पीर बाबा की मजार पर पहली चादर चढ़ाने की घोषणा।
- सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र के कई गणमान्य लोग बैठक में शामिल।
सिमडेगा जिले के कोलेबिरा क्षेत्र में आयोजित होने वाला उर्स मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक माना जाता है। इसी महत्व को देखते हुए उर्स मेला एवं कव्वाली कार्यक्रम के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन के लिए अब तैयारियां प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गई हैं। सोमवार को उर्स कमिटी कोलेबिरा के पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर आयोजन से जुड़ी आवश्यक व्यवस्थाओं पर चर्चा की।
पुलिस अधीक्षक से हुई अहम बैठक
उर्स कमिटी कोलेबिरा के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक श्री श्रीकांत एस. खोत्रे से उनके कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान कमिटी सदस्यों ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य उर्स मेले के दौरान आने वाली भारी भीड़ को सुव्यवस्थित ढंग से संभालना और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचाव सुनिश्चित करना रहा।
सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर मंथन
बैठक में मेले के दौरान भीड़ नियंत्रण, वाहन पार्किंग व्यवस्था, सुरक्षा घेरा, और विशेष रूप से कव्वाली कार्यक्रम के समय कानून-व्यवस्था बनाए रखने जैसे मुद्दों पर गंभीर विचार-विमर्श किया गया। कमिटी की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि उर्स में दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक पहुंचते हैं, ऐसे में प्रशासनिक सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
पुलिस प्रशासन का आश्वासन
पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस. खोत्रे ने कमिटी को आश्वस्त किया कि उर्स मेले के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएंगे। उन्होंने कहा:
श्रीकांत एस. खोत्रे ने कहा: “कोलेबिरा के पीर बाबा की मजार के प्रति लोगों की गहरी आस्था है। हर वर्ष की परंपरा को निभाते हुए इस वर्ष भी प्रशासन की ओर से मजार पर पहली चादर चढ़ाई जाएगी। हम बाबा से पूरे जिले में अमन, चैन और भाईचारा कायम रहने की कामना करेंगे।”
उनके इस वक्तव्य को धार्मिक सौहार्द और प्रशासनिक संवेदनशीलता का प्रतीक माना जा रहा है।
प्रशासन द्वारा पहली चादर चढ़ाने की परंपरा
हर वर्ष की तरह इस बार भी प्रशासन की ओर से पीर बाबा की मजार पर पहली चादर चढ़ाई जाएगी। यह परंपरा जिले में आपसी भाईचारे, आपसी विश्वास और सांप्रदायिक सद्भाव को मजबूत करने का संदेश देती है। कमिटी सदस्यों ने इसे उर्स मेले की गरिमा बढ़ाने वाला कदम बताया।
बैठक में शामिल रहे गणमान्य लोग
इस महत्वपूर्ण बैठक में उर्स कमिटी के साथ-साथ सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र के कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से अशोक इंदवार (अध्यक्ष, उर्स मेला कमिटी), इम्तियाज आलम (सचिव), सुमंत कुमार (उप सचिव), सफीक खान (जिला सचिव, जेएमएम), खादिम बारीक शाह हसन, अंजुमन फैजुल रजा सिमडेगा के पदाधिकारी, शहजाद हसन, वकील खान और अनिल नायक शामिल थे। इनके अलावा कमिटी के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।
सभी सदस्यों ने एक स्वर में यह संकल्प दोहराया कि उर्स मेला पूरी तरह शांतिपूर्ण, अनुशासित और भाईचारे के माहौल में संपन्न कराया जाएगा।
कमिटी में उत्साह का माहौल
पुलिस अधीक्षक के सकारात्मक और सहयोगात्मक रुख से उर्स कमिटी के सदस्यों में उत्साह देखा गया। सदस्यों ने कहा कि प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय से आयोजन न केवल सुरक्षित होगा, बल्कि जिले की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती मिलेगी।
न्यूज़ देखो: प्रशासन और समाज की साझी जिम्मेदारी
कोलेबिरा उर्स मेला को लेकर हुई यह बैठक दर्शाती है कि प्रशासन और सामाजिक संगठन मिलकर सांप्रदायिक सौहार्द को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं। सुरक्षा, अनुशासन और परंपरा के संतुलन के साथ आयोजन कराने का प्रशासनिक आश्वासन सराहनीय है। अब यह देखना अहम होगा कि तय व्यवस्थाएं जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी ढंग से लागू होती हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
अमन, चैन और भाईचारे का पैगाम देता उर्स मेला
उर्स मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का अवसर है। जब प्रशासन और नागरिक एक साथ खड़े होते हैं, तो आयोजन की गरिमा और विश्वास दोनों बढ़ते हैं। कोलेबिरा उर्स इसकी सशक्त मिसाल बनने की ओर है।अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और सामाजिक एकता के संदेश को मजबूत करें। आपकी सहभागिता ही ऐसे आयोजनों की सफलता की कुंजी है।





