
#डुमरी #टांगीनाथधाम #महाशिवरात्रिमेला #श्रद्धालु_सुविधा : मेला को सुव्यवस्थित बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बाबा टांगीनाथ धाम परिसर में आगामी महाशिवरात्रि मेला की तैयारी को लेकर संजय साहू की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेले की विधि-व्यवस्था, सुरक्षा तथा श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। समिति ने स्पष्ट किया कि मेला को सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
- महाशिवरात्रि मेला को लेकर चार अलग-अलग प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे
- पार्किंग, पेयजल, वालंटियर व सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़
- महिला व पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग बैरिकेडिंग
- झरने की ओर महिलाओं के लिए विशेष चेंजिंग रूम की व्यवस्था
- मुख्य मंदिर परिसर में अगरबत्ती पर पूर्ण प्रतिबंध
- महिलाओं व बालिकाओं से शालीन एवं सांस्कृतिक वस्त्र पहनने की अपील
- प्रसाद व अन्य दुकानों की होगी व्यवस्थित व्यवस्था
बाबा टांगीनाथ धाम परिसर में आयोजित बैठक में समिति द्वारा बताया गया कि मेले के दौरान चार अलग-अलग गेटों का निर्माण किया गया है। प्रत्येक गेट पर पार्किंग, पेयजल, वालंटियर तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। श्रद्धालु झरने की ओर से होते हुए मुख्य मंदिर तक दर्शन हेतु प्रवेश करेंगे।
महिला-पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही मेले के सभी प्रमुख स्थलों पर दिशा-निर्देश एवं सूचनाओं से संबंधित अलग-अलग बैनर लगाए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
कंट्रोल रूम और मूलभूत सुविधाएं
मेले के दौरान कंट्रोल रूम, पेयजल, शौचालय, पानी टैंकर तथा झरने की ओर महिलाओं के लिए विशेष चेंजिंग रूम की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा मेला संचालन के लिए कुछ सक्रिय कार्यकर्ताओं का चयन भी समिति द्वारा किया गया है।
मंदिर परिसर में अगरबत्ती पर प्रतिबंध
समिति ने स्पष्ट रूप से निर्णय लिया कि मुख्य मंदिर परिसर में अगरबत्ती पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा, ताकि स्वच्छता एवं धार्मिक मर्यादा बनी रहे।
शालीन वस्त्र पहनने की अपील
समिति द्वारा सभी हिंदू महिला श्रद्धालुओं एवं बालिकाओं से शालीन एवं सांस्कृतिक परिधान पहनकर दर्शन हेतु आने की अपील की गई है, जिससे धाम की गरिमा और धार्मिक परंपराएं बनी रहें।
दुकानों की होगी सुव्यवस्थित व्यवस्था
प्रसाद की दुकानें झरने की ओर मुख्य मंदिर जाने वाले मार्ग पर लगाई जाएंगी। समिति ने यह भी निर्णय लिया कि एक ही प्रकार की दुकानें एक ही ओर लगेंगी, जिससे भीड़ और अव्यवस्था न हो। सभी दुकानदारों को 14 तारीख, शनिवार शाम 7 बजे तक मेला परिसर में प्रवेश करना अनिवार्य होगा, इसके बाद प्रवेश वर्जित रहेगा।
अगली बैठक 12 तारीख को
समिति ने जानकारी दी कि अगली बैठक 12 तारीख (गुरुवार) को दोपहर 12 बजे धाम परिसर में आयोजित की जाएगी, जिसमें मेले की अंतिम तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।
बैठक में ये रहे उपस्थित
बैठक में ब्रजेंद्र गोपाल पांडे, गोबिंद सिंह, बीरेंद्र जयसवाल, अरविंद सिंह, रामकृपाल बैगा, सकलदीप नाथ सहदेव, प्रदीप प्रसाद, नीतिश केशरी, रामावतार कुमार यादव, सुखराम नायक, लव गुप्ता, शंभू प्रसाद, सिकंदर ताम्रकार, राजदेव यादव, बीरू नायक सहित बड़ी संख्या में समिति सदस्य उपस्थित थे।
न्यूज़ देखो: भक्ति की शक्ति सुव्यवस्था के साथ
टांगीनाथ धाम में महाशिवरात्रि मेला को लेकर की जा रही यह व्यापक तैयारी यह दर्शाती है कि समिति श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और धार्मिक मर्यादा को लेकर पूरी तरह गंभीर है। विशेष रूप से महिलाओं के लिए अलग व्यवस्था और शालीन वस्त्रों की अपील धाम की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करती है। यदि सभी व्यवस्थाएं तय योजना के अनुसार लागू होती हैं, तो यह मेला अनुशासन और श्रद्धा का उत्कृष्ट उदाहरण बन सकता है।
श्रद्धा, सुरक्षा और संस्कार—तीनों का संगम
महाशिवरात्रि का मेला केवल उत्सव नहीं, बल्कि आस्था और अनुशासन का प्रतीक है। श्रद्धालुओं से अपील है कि वे समिति के निर्देशों का पालन करें और बाबा टांगीनाथ धाम की गरिमा बनाए रखने में सहयोग करें। खबर साझा करें और इस संदेश को अधिक से अधिक श्रद्धालुओं तक पहुंचाएं।







