
#गढ़वा #सामूहिक_विवाह : 21 फरवरी को 21 कन्याओं के वैदिक रीति से विवाह हेतु फाउंडेशन ने मंदिर प्रबंधन को सौंपा औपचारिक आवेदन।
गढ़वा में 21 जोड़ों के सामूहिक विवाह आयोजन की दिशा में औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फाउंडेशन की टीम ने मंदिर पहुंचकर 21 फरवरी को प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए आवेदन पत्र सौंपा। आयोजन वैदिक रीति-रिवाज से संपन्न कराया जाएगा। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहयोग देना और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है।
- 21 फरवरी को 21 कन्याओं का वैदिक विधि से विवाह प्रस्तावित।
- फाउंडेशन ने मंदिर सचिव मनोज तिवारी को सौंपा आवेदन पत्र।
- सचिव महाकाल तिवारी, अध्यक्ष संजीव दुबे, महामंत्री प्रियांशु दुबे सहित टीम रही उपस्थित।
- आयोजन का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहयोग प्रदान करना।
- मंदिर परिसर में रूपरेखा और तैयारियों पर विस्तृत चर्चा।
गढ़वा में सामाजिक समरसता और सेवा भावना की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत फाउंडेशन की टीम ने आगामी 21 सामूहिक विवाह कार्यक्रम को लेकर औपचारिक प्रक्रिया पूरी की। टीम ने मंदिर पहुंचकर 21 जोड़ों के सामूहिक विवाह आयोजन से संबंधित आवेदन पत्र मंदिर के सचिव मनोज तिवारी को सौंपा।
यह आयोजन 21 फरवरी को प्रस्तावित है, जिसमें 21 कन्याओं का विवाह वैदिक रीति-रिवाज और विधि-विधान के साथ संपन्न कराया जाएगा। कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और गरिमामय तरीके से आयोजित करने के लिए फाउंडेशन द्वारा प्रारंभिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
मंदिर प्रबंधन के साथ समन्वय
बाबा खोनहरनाथ मंदिर परिसर में आवेदन सौंपने के दौरान कार्यक्रम की रूपरेखा, व्यवस्थाओं और आयोजन की आवश्यक तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। फाउंडेशन की ओर से बताया गया कि सभी धार्मिक अनुष्ठान परंपरागत विधि के अनुसार संपन्न कराए जाएंगे, ताकि विवाह संस्कार पूर्ण गरिमा के साथ आयोजित हो सके।
मौके पर फाउंडेशन के सचिव महाकाल तिवारी, अध्यक्ष संजीव दुबे, महामंत्री प्रियांशु दुबे और वरिष्ठ सदस्य आर्यन मंसूरी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने मंदिर प्रांगण में पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की सफलता की कामना की।
सामाजिक सहयोग का संदेश
फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहयोग प्रदान करना है।
महाकाल तिवारी ने कहा: “इस आयोजन के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को सहारा देने के साथ समाज में एकता और सहयोग की भावना को मजबूत करना हमारा लक्ष्य है।”
उन्होंने बताया कि सामूहिक विवाह न केवल आर्थिक बोझ को कम करता है, बल्कि सामाजिक सहभागिता और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश भी देता है।
21 फरवरी को होगा आयोजन
21 फरवरी को प्रस्तावित इस कार्यक्रम में 21 जोड़ों का विवाह वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न कराया जाएगा। आयोजन को लेकर व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि सभी प्रतिभागियों और उनके परिजनों के लिए सुविधाजनक वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
फाउंडेशन की टीम ने विश्वास जताया कि यह आयोजन सामाजिक सद्भाव, सहयोग और सेवा भावना का प्रतीक बनेगा। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए समाज के विभिन्न वर्गों से सहयोग की अपेक्षा भी जताई गई है।
न्यूज़ देखो: सेवा और समरसता की पहल
गढ़वा में प्रस्तावित यह सामूहिक विवाह कार्यक्रम सामाजिक सहयोग की एक सकारात्मक मिसाल प्रस्तुत करता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए ऐसे आयोजन राहत का माध्यम बन सकते हैं। अब देखने वाली बात होगी कि आयोजन किस स्तर पर समाज को जोड़ने में सफल होता है और कितने परिवारों को सीधा लाभ मिलता है।
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सामूहिक विवाह जैसे आयोजन समाज में सहयोग और संवेदना की भावना को मजबूत करते हैं।
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