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गढ़वा में 21 बेटियों के सामूहिक विवाह की तैयारी तेज, रंका डीएसपी को दिया गया आमंत्रण पत्र

#गढ़वा #सामाजिक_पहल : जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन ने अधिकारियों से मिलकर समारोह में सहभागिता का दिया निमंत्रण।

गढ़वा जिले में गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के लिए आयोजित होने वाले सामूहिक विवाह को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन द्वारा लगातार क्षेत्र भ्रमण कर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को विवाह समारोह में शामिल होने का आमंत्रण दिया जा रहा है। इसी क्रम में रंका डीएसपी रोहित रंजन सिंह को 21 बेटियों के सामूहिक विवाह कार्यक्रम का निमंत्रण पत्र सौंपा गया। यह आयोजन सामाजिक समरसता और बेटियों के सम्मान का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।

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  • जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन गढ़वा द्वारा आयोजन की तैयारी।
  • 21 बेटियों का एक साथ विवाह संपन्न कराने का लक्ष्य।
  • रंका डीएसपी रोहित रंजन सिंह को दिया गया आमंत्रण पत्र।
  • संस्था के अध्यक्ष संजीव दुबे और सचिव महाकाल तिवारी ने दी जानकारी।
  • विभिन्न प्रखंडों में अधिकारियों और समाजसेवियों से संपर्क जारी।

गढ़वा जिले में सामाजिक सरोकार से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल के तहत जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन द्वारा 21 जरूरतमंद बेटियों का सामूहिक विवाह संपन्न कराने की तैयारी की जा रही है। इस आयोजन को सफल बनाने के लिए संस्था के पदाधिकारी लगातार जिले के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर रहे हैं और प्रशासनिक अधिकारियों, समाजसेवियों तथा जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर उन्हें इस पुनीत कार्य में शामिल होने का निमंत्रण दे रहे हैं।

इसी क्रम में शुक्रवार को संस्था के अध्यक्ष संजीव दुबे और सचिव महाकाल तिवारी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने रंका डीएसपी रोहित रंजन सिंह से मुलाकात की। इस दौरान उन्हें सामूहिक विवाह आयोजन की विस्तृत जानकारी दी गई और विधिवत आमंत्रण पत्र सौंपा गया।

सामूहिक विवाह से मिलेगा गरीब परिवारों को सहारा

जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन का उद्देश्य समाज के उन वर्गों तक मदद पहुंचाना है, जो आर्थिक तंगी के कारण अपनी बेटियों का विवाह धूमधाम से करने में असमर्थ होते हैं। संस्था का मानना है कि सामूहिक विवाह न केवल आर्थिक बोझ को कम करता है, बल्कि समाज में समानता, सहयोग और भाईचारे का संदेश भी देता है।

संस्था द्वारा बताया गया कि इस बार कुल 21 बेटियों का विवाह एक साथ कराया जाएगा। इसके लिए विवाह स्थल, वर-वधू के वस्त्र, भोजन, विधि-विधान और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है, ताकि सभी बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक और पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हो सके।

रंका डीएसपी को दी गई आयोजन की जानकारी

रंका डीएसपी रोहित रंजन सिंह को आमंत्रण पत्र सौंपते हुए संस्था के अध्यक्ष संजीव दुबे ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति से ऐसे सामाजिक आयोजनों को न केवल मजबूती मिलती है, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश भी जाता है। उन्होंने बताया कि फाउंडेशन पिछले कुछ समय से लगातार सामाजिक कार्यों में सक्रिय है और सामूहिक विवाह इसी कड़ी का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

डीएसपी रोहित रंजन सिंह ने आयोजन के उद्देश्य की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में जरूरतमंदों के लिए बड़ी राहत होते हैं। उन्होंने आयोजन के सफल संचालन के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।

विभिन्न प्रखंडों में जारी है संपर्क अभियान

जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन द्वारा केवल जिला मुख्यालय ही नहीं, बल्कि गढ़वा जिले के विभिन्न प्रखंडों में भी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से संपर्क किया जा रहा है। संस्था के पदाधिकारी लोगों को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित कर रहे हैं और उन्हें इस आयोजन में शामिल होने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

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संस्था का कहना है कि यदि समाज के सभी वर्ग इस तरह के आयोजनों में सहयोग करें, तो गरीब और असहाय परिवारों की बेटियों का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है। सामूहिक विवाह के माध्यम से दहेज जैसी सामाजिक कुरीतियों पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलती है।

समाजसेवियों और कार्यकर्ताओं की भूमिका

इस अवसर पर संस्था से जुड़े कई समाजसेवी और कार्यकर्ता भी मौजूद थे, जिन्होंने आयोजन को सफल बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई। मौके पर अजीत उपाध्याय, मुर्तजा अंसारी, आर्यन मंसूरी, रेयाज अंसारी, अजीत विश्वकर्मा, इरशाद अंसारी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

इन सभी ने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बनते हैं। खासकर गरीब परिवारों के लिए यह एक बड़ा सहारा साबित होता है, जहां बेटियों का विवाह सम्मान और गरिमा के साथ संपन्न हो पाता है।

सामाजिक एकता का संदेश

सामूहिक विवाह केवल एक सामाजिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और समरसता का प्रतीक भी है। इस तरह के आयोजनों में अलग-अलग समुदायों और वर्गों के लोग एक मंच पर आते हैं, जिससे आपसी भाईचारा मजबूत होता है।

जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन का यह प्रयास भी समाज को यह संदेश देता है कि बेटियों का विवाह बोझ नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि समाज एकजुट होकर आगे आए, तो किसी भी गरीब परिवार को अपनी बेटी के विवाह को लेकर चिंता नहीं करनी पड़ेगी।

न्यूज़ देखो: समाज के लिए मिसाल बनता आयोजन

यह खबर बताती है कि सामाजिक संस्थाएं यदि ईमानदारी और समर्पण के साथ काम करें, तो बड़े बदलाव संभव हैं। जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन की यह पहल प्रशासन और समाज के सहयोग से और प्रभावी हो सकती है। अब देखने वाली बात होगी कि आयोजन के दिन कितनी व्यापक सहभागिता देखने को मिलती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

बेटियों के सम्मान में आगे आएं

बेटियों का सम्मान और उनका भविष्य सुरक्षित करना समाज की साझा जिम्मेदारी है।
सामूहिक विवाह जैसे आयोजनों में सहभागिता कर आप भी इस सामाजिक बदलाव का हिस्सा बन सकते हैं।
इस खबर को साझा करें, अपनी राय कमेंट में दें और ऐसे प्रयासों को समर्थन देकर समाज में सकारात्मक संदेश फैलाएं।

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