
#सिमडेगा #राष्ट्रीयलोकअदालत : अधिकतम मामलों के निष्पादन और बाल श्रम रोकथाम पर विशेष जोर।
सिमडेगा व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन को लेकर प्रधान जिला जज राजीव कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। विभिन्न विभागों को लंबित मामलों को लोक अदालत में भेजने और समय पर नोटिस निर्गत करने के निर्देश दिए गए। बाल श्रम व बिना बीमा वाहनों पर भी सख्ती बरतने की बात कही गई।
- प्रधान जिला जज राजीव कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में हुई बैठक।
- विभिन्न विभागों के लंबित मामलों को लोक अदालत में भेजने का निर्देश।
- धारा 144, बैंक, श्रम, भूमि अधिग्रहण, वन व चाइल्ड लेबर मामलों पर चर्चा।
- दुकानों-होटलों में 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से कार्य नहीं कराने का बोर्ड अनिवार्य।
- बिना बीमा वाहनों पर सख्ती के लिए जिला परिवहन पदाधिकारी को निर्देश।
सिमडेगा में आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन को लेकर व्यवहार न्यायालय परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रधान जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार सिन्हा ने की। बैठक में न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों के निष्पादन को सुनिश्चित करना था। प्रधान जिला जज ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों की सूची तैयार कर उन्हें लोक अदालत में भेजा जाए तथा संबंधित वादियों को समय पर नोटिस निर्गत किया जाए।
विभिन्न विभागों के मामलों की समीक्षा
बैठक में श्रम नियोजन विभाग, बैंक, भूमि अधिग्रहण, परिवहन, विद्युत विभाग, अनुमंडल कार्यालय में धारा 144 के तहत दर्ज मामलों, वन विभाग एवं चाइल्ड लेबर से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई।
प्रधान जिला जज ने कहा:
“लोक अदालत आपसी सहमति के आधार पर त्वरित, सस्ता और सरल न्याय प्रदान करने का सशक्त माध्यम है। सभी विभाग समन्वय बनाकर अधिकाधिक मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करें।”
उन्होंने यह भी कहा कि लोक अदालत के माध्यम से न केवल लंबित मामलों का शीघ्र समाधान होता है, बल्कि न्यायालयों पर लंबित मामलों का भार भी कम होता है।
बाल श्रम मामलों पर विशेष जोर
बैठक में चाइल्ड लेबर से संबंधित मामलों पर विशेष चर्चा की गई। प्रधान जिला जज ने निर्देश दिया कि जिले की प्रत्येक दुकान एवं होटल के बाहर यह बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाया जाए कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से कार्य नहीं कराया जाता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी प्रतिष्ठान में बाल श्रम पाया जाता है तो संबंधित अधिनियम के तहत दुकानदार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और दंड वसूली की जाएगी।
बिना बीमा वाहनों पर सख्ती
प्रधान जिला जज ने जिला परिवहन पदाधिकारी को निर्देशित किया कि जिले में बिना बीमा (इंश्योरेंस) के कोई भी वाहन संचालित न हो। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में यदि वाहन बीमित नहीं होता है तो पीड़ितों को मुआवजा और अन्य सरकारी लाभ प्राप्त करने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
इसलिए व्यापक प्रचार-प्रसार कर वाहन स्वामियों को बीमा कराने के लिए जागरूक करने पर बल दिया गया।
कई अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में उपायुक्त सिमडेगा कंचन सिंह, पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे, अपर समाहर्ता ज्ञानेन्द्र सहित न्यायिक एवं प्रशासनिक पदाधिकारी उपस्थित थे। सभी विभागों ने लोक अदालत को सफल बनाने हेतु आवश्यक तैयारी और समन्वय का आश्वासन दिया।
न्यूज़ देखो: त्वरित न्याय की दिशा में अहम कदम
राष्ट्रीय लोक अदालत न्याय व्यवस्था को सरल और सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। यदि विभागीय समन्वय और जनजागरूकता मजबूत हो, तो बड़ी संख्या में मामलों का समाधान संभव है। सिमडेगा में इस दिशा में की जा रही तैयारी सकारात्मक संकेत है।
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न्याय के प्रति जागरूक बनें
लोक अदालत का उद्देश्य विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान है।
अपने लंबित मामलों की जानकारी लें और समय पर पहल करें।
कानूनी अधिकारों के प्रति सजग रहना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
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