
#देवघर #साइबर_अपराध : बढ़ती घटनाओं पर लगाम के लिए पुलिस ने गांव-गांव किया निरीक्षण।
देवघर जिले में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। गुरुवार को देवघर एसपी सौरभ के निर्देश पर साइबर सेल, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मधुपुर और स्थानीय थाना प्रभारियों की संयुक्त टीम ने जिले के कई संवेदनशील गांवों का भ्रमण कर जमीनी हालात का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद पुलिस ने दो स्थानों पर अस्थायी पिकेट स्थापित करने का निर्णय लिया, जिससे साइबर अपराध और कानून व्यवस्था पर प्रभावी निगरानी की जा सके।
- देवघर पुलिस ने बढ़ते साइबर अपराधों को लेकर व्यापक निरीक्षण किया।
- एसपी सौरभ के निर्देश पर साइबर सेल और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी की टीम सक्रिय।
- ग्राम मिसरना में अस्थायी पुलिस पिकेट स्थापित करने का निर्णय।
- कोकराबाद मोड़ पर भी पुलिस पिकेट की स्थापना होगी।
- साइबर अपराध, यातायात और कानून व्यवस्था पर रहेगी कड़ी निगरानी।
देवघर जिले में साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं ने पुलिस प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इसी को लेकर गुरुवार को देवघर एसपी सौरभ, पुलिस उपाधीक्षक साइबर सेल, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मधुपुर के नेतृत्व में मधुपुर और पाथरोल थाना प्रभारी ने संयुक्त रूप से जिले के कई ग्रामीण इलाकों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान पुलिस टीम ने ग्राम साप्तर, मिसरना, चरपा, कजरा मोड़, चकनवादा, लखनुवाँ और कोकराबाद का दौरा किया। अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों से सीधी बातचीत कर साइबर अपराध से जुड़े मामलों की जानकारी ली और जमीनी हालात का मूल्यांकन किया।
निरीक्षण में सामने आई गंभीर स्थिति
पुलिस अधिकारियों ने पाया कि इन क्षेत्रों में हाल के दिनों में साइबर अपराध से जुड़ी घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। खासकर ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड और डिजिटल लेनदेन से जुड़े मामलों को लेकर ग्रामीणों में चिंता देखी गई।
कई ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कि साइबर अपराधी भोले-भाले लोगों को निशाना बनाकर ठगी कर रहे हैं और डर के कारण कई लोग थाने तक शिकायत भी नहीं पहुंचा पा रहे हैं। इसे देखते हुए पुलिस ने इलाके में स्थायी निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता महसूस की।
ग्राम मिसरना में बनेगा अस्थायी पुलिस पिकेट
निरीक्षण के बाद पुलिस प्रशासन ने पहला महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ग्राम मिसरना में अस्थायी पुलिस पिकेट स्थापित करने का फैसला किया है। इस पिकेट का मुख्य उद्देश्य साइबर अपराध से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखना और संदिग्ध व्यक्तियों व समूहों की निगरानी करना होगा।
पिकेट के माध्यम से ग्रामीणों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक भी किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि नियमित पुलिस उपस्थिति से अपराधियों में भय पैदा होगा और आम नागरिक खुद को अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे।
कोकराबाद मोड़ पर भी पिकेट की व्यवस्था
दूसरा अहम निर्णय मधुपुर-देवघर मुख्य मार्ग स्थित कोकराबाद मोड़ को लेकर लिया गया है। यह क्षेत्र थाना से काफी दूरी पर होने के कारण आपात स्थिति में पुलिस को पहुंचने में समय लगता है। ऐसे में यहां अस्थायी पुलिस पिकेट की स्थापना से त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी।
इस पिकेट के माध्यम से मार्ग सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और आसपास के ग्रामीण इलाकों में कानून व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि यह कदम न सिर्फ साइबर अपराध, बल्कि सड़क सुरक्षा और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर भी अंकुश लगाएगा।
नागरिकों से सहयोग की अपील
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों से अपील की कि वे साइबर अपराध के प्रति सतर्क रहें। किसी भी अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक या ऑनलाइन लेनदेन से पहले सावधानी बरतें। यदि कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आए, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि साइबर अपराध की शिकायत गोपनीय रखी जाएगी और पीड़ितों को पूरा सहयोग दिया जाएगा, ताकि लोग बिना डर के सामने आ सकें।
पुलिस की रणनीति और आगे की योजना
देवघर पुलिस का कहना है कि यह निरीक्षण अभियान केवल शुरुआत है। आने वाले दिनों में अन्य संवेदनशील इलाकों की भी पहचान कर वहां निगरानी बढ़ाई जाएगी। साइबर सेल की टीम तकनीकी माध्यमों से भी अपराधियों पर नजर रखेगी।
पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि जिले में कानून व्यवस्था और डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा।
न्यूज़ देखो: साइबर अपराध पर निर्णायक प्रहार
देवघर पुलिस द्वारा अस्थायी पिकेट स्थापित करने का फैसला यह दर्शाता है कि प्रशासन साइबर अपराध को लेकर गंभीर है। केवल शिकायतों का इंतजार करने के बजाय जमीनी स्तर पर निगरानी बढ़ाना एक सकारात्मक कदम है। अब देखना होगा कि इन उपायों से साइबर अपराध पर कितनी प्रभावी लगाम लगती है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
डिजिटल सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा
आज के दौर में साइबर अपराध हर किसी के लिए खतरा बन चुका है।
सावधानी, जागरूकता और समय पर सूचना ही अपराध को रोकने का सबसे बड़ा हथियार है।
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