झारखंड के 35 हजार सरकारी स्कूलों में शुरू हुआ पीटीएम अभियान, सांसद और मंत्री भी होंगे शामिल

झारखंड के 35 हजार सरकारी स्कूलों में शुरू हुआ पीटीएम अभियान, सांसद और मंत्री भी होंगे शामिल

author News देखो Team
11 Views Download E-Paper (0)
#रांची #शिक्षापहल : 13 सितंबर तक राज्यभर में आयोजित होगी बैठक, बच्चों की शिक्षा और सुविधाओं पर होगी सीधी चर्चा
  • 35 हजार सरकारी स्कूलों में आज से शुरू हुआ पीटीएम।
  • पहली बार सांसद, मंत्री और विधायक भी होंगे मौजूद।
  • 13 सितंबर तक चलेगा राज्यव्यापी अभियान।
  • छात्रों की उपस्थिति, परीक्षा परिणाम, खेलकूद और स्कूल सुविधाओं पर होगी समीक्षा।
  • उद्देश्य: समावेशी शिक्षा और समुदाय की सक्रिय भागीदारी

रांची। झारखंड के 35 हजार सरकारी विद्यालयों में सोमवार से पैरेंट्स टीचर मीटिंग (पीटीएम) की शुरुआत हो गई है। यह पहल 8 सितंबर से 13 सितंबर तक चलेगी, जिसके तहत राज्य के हर स्कूल में बच्चों की पढ़ाई, उपस्थिति, खेलकूद, परीक्षा परिणाम और अन्य गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। खास बात यह है कि इस बार पीटीएम में सांसद, मंत्री, विधायक और जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।

क्यों खास है यह पहल

झारखंड सरकार ने यह कदम समावेशी शिक्षा और पारदर्शी संवाद को बढ़ावा देने के लिए उठाया है। बैठक में न केवल बच्चों के शैक्षणिक प्रदर्शन की समीक्षा होगी बल्कि पुस्तकालय, स्वच्छता, पाठ्येतर गतिविधियां और विद्यालय परिसर के उपयोग पर भी फोकस किया जाएगा। जिन बच्चों की विद्यालय से दूरी बढ़ रही है, उनके अभिभावकों से कारण पूछकर समाधान निकालने की कोशिश होगी।

शिक्षा अधिनियम से जुड़ा महत्व

इस पहल को निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 और समग्र शिक्षा कार्यक्रम से जोड़ा गया है। इन योजनाओं का उद्देश्य है कि 6 से 18 वर्ष तक का हर बच्चा स्कूल में नामांकित हो और 12वीं तक की पढ़ाई पूरी करे। अधिकारियों का मानना है कि माता-पिता और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी से ही यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

कार्यक्रम का संचालन

झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के अंतर्गत स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इस राज्यव्यापी पहल का आयोजन किया है। अधिकारियों के अनुसार, यह द्वितीय वार्षिक शिक्षक-अभिभावक बैठक होगी। इसमें जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की मौजूदगी से पारदर्शिता और जिम्मेदारी दोनों बढ़ेंगी।

न्यूज़ देखो: शिक्षा में अभिभावकों की भागीदारी

यह पहली बार है जब झारखंड में अभिभावक-शिक्षक बैठक में जनप्रतिनिधियों और उच्च अधिकारियों की सीधी भागीदारी हो रही है। यह पहल न केवल छात्रों की समस्याओं की पहचान करेगी, बल्कि स्कूल प्रबंधन की कमियों को दूर करने का अवसर भी देगी।

हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

बदलाव की राह पर झारखंड की शिक्षा

शिक्षा ही बच्चों के भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। अब समय है कि अभिभावक और समाज दोनों मिलकर इस पहल को सफल बनाएं। अपनी राय कॉमेंट करें और इस खबर को दोस्तों तक शेयर करें ताकि अधिक लोग इस मुहिम का हिस्सा बनें।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

🔔

Notification Preferences

error: