
#चंदवा #रेल_समस्या : नई ट्रेन से पहले आरओबी एफओबी निर्माण की मांग तेज हो रही है।
टोरी रेलमार्ग पर प्रस्तावित नई एक्सप्रेस ट्रेन को लेकर चंदवा और आसपास के क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की कमी का मुद्दा गंभीर होता जा रहा है। स्थानीय लोगों ने रेलवे ओवरब्रिज और फुट ओवरब्रिज निर्माण को प्राथमिकता देने की मांग की है। लगातार बंद रहने वाले रेलवे फाटक से जाम और आवागमन की समस्या बढ़ रही है। नई ट्रेन शुरू होने से स्थिति और जटिल होने की आशंका जताई जा रही है।
- टोरी जंक्शन पर ट्रेनों व मालगाड़ियों की बढ़ती आवाजाही से फाटक लंबे समय तक बंद रहने की समस्या।
- प्रस्तावित नई एक्सप्रेस ट्रेन शुरू होने से जाम और आवागमन संकट बढ़ने की आशंका।
- आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) और एफओबी (फुट ओवरब्रिज) निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों की मांग तेज।
- फाटक बंद रहने से मरीज, छात्र और नौकरीपेशा लोगों को हो रही भारी परेशानी।
- अधूरा पड़ा फुट ओवरब्रिज निर्माण कार्य और लंबित टेंडर के कारण बढ़ती नाराजगी।
टोरी-चंदवा रेलमार्ग पर नई एक्सप्रेस ट्रेन के प्रस्ताव के बीच क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को लेकर बहस तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रेन संचालन से पहले रेलवे ओवरब्रिज और फुट ओवरब्रिज का निर्माण अनिवार्य है। वर्तमान में रेलवे फाटक के लंबे समय तक बंद रहने से जाम की गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है। इससे दैनिक जीवन, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा पर सीधा असर पड़ रहा है। लोगों का मानना है कि बिना आधारभूत ढांचे के नई ट्रेन शुरू करना जनहित के खिलाफ होगा।
टोरी रेलवे क्रॉसिंग पर बढ़ती जाम की समस्या
टोरी जंक्शन पर पिछले कुछ वर्षों में ट्रेनों और विशेष रूप से मालगाड़ियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके कारण रेलवे क्रॉसिंग पर फाटक बार-बार और लंबे समय तक बंद रहता है। कई बार यह अवधि आधे घंटे से भी अधिक हो जाती है, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पहले इस मार्ग पर ट्रेनों की संख्या सीमित थी और फाटक अपेक्षाकृत कम समय के लिए बंद होता था, लेकिन वर्तमान में एक साथ कई मालगाड़ियों के गुजरने से स्थिति काफी जटिल हो चुकी है। इस दौरान एंबुलेंस, स्कूल बस, निजी वाहन और मालवाहक ट्रक सभी जाम में फंस जाते हैं।
नई एक्सप्रेस ट्रेन से बढ़ सकती है समस्या
प्रस्तावित नई एक्सप्रेस ट्रेन के परिचालन की चर्चा ने क्षेत्र में चिंता और बढ़ा दी है। लोगों का मानना है कि यदि वर्तमान स्थिति में ही एक और ट्रेन का संचालन शुरू किया जाता है, तो रेलवे फाटक के बंद रहने की अवधि और अधिक बढ़ जाएगी।
इससे चंदवा सहित आसपास के ग्रामीण और शहरी इलाकों में आवागमन और भी प्रभावित होगा। विशेषकर सुबह और शाम के समय जब यातायात का दबाव अधिक रहता है, तब स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे में बिना वैकल्पिक व्यवस्था के ट्रेन संचालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
मरीजों, छात्रों और आम लोगों पर सीधा असर
जाम की समस्या का सबसे अधिक असर आम नागरिकों के दैनिक जीवन पर पड़ रहा है। कई बार मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में देरी हो जाती है, जिससे स्वास्थ्य जोखिम बढ़ जाता है। प्रसव जैसे आपात मामलों में भी लोगों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
इसके अलावा छात्र-छात्राओं और नौकरीपेशा लोगों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कत होती है। रेलवे फाटक बंद रहने के कारण घंटों तक इंतजार करना पड़ता है, जिससे शैक्षणिक और पेशेवर गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। स्थानीय व्यापारियों का भी कहना है कि जाम के कारण व्यावसायिक गतिविधियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
आरओबी और एफओबी निर्माण को बताया स्थायी समाधान
क्षेत्रवासियों का स्पष्ट कहना है कि रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण ही इस समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है। इससे सड़क यातायात और रेल यातायात दोनों सुचारू रूप से संचालित हो सकेंगे।
साथ ही फुट ओवरब्रिज (एफओबी) का निर्माण भी अत्यंत आवश्यक बताया जा रहा है, क्योंकि वर्तमान में पैदल यात्रियों को जोखिम उठाकर रेलवे पटरी पार करनी पड़ती है। यह स्थिति दुर्घटनाओं की आशंका को बढ़ाती है और सुरक्षा के लिहाज से बेहद चिंताजनक है।
अधूरा पड़ा फुट ओवरब्रिज और लंबित आरओबी परियोजना
जानकारी के अनुसार फुट ओवरब्रिज का निर्माण कार्य काफी हद तक पूरा हो चुका है, लेकिन पिछले एक वर्ष से यह कार्य बंद पड़ा है। इससे लोगों में नाराजगी और असंतोष बढ़ रहा है।
वहीं रेलवे ओवरब्रिज के लिए कई बार टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। यह देरी प्रशासनिक और योजना संबंधी सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इन परियोजनाओं पर कार्य शुरू किया गया होता, तो आज जाम की समस्या इतनी गंभीर नहीं होती।
कई जिलों के लोगों के लिए महत्वपूर्ण मार्ग
टोरी-चंदवा मार्ग केवल स्थानीय आवागमन का साधन नहीं है, बल्कि यह आसपास के कई जिलों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग भी है। इस मार्ग का उपयोग चंदवा के अलावा लातेहार और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी नियमित रूप से करते हैं।
ऐसे में रेलवे क्रॉसिंग पर बार-बार लगने वाला जाम केवल एक स्थानीय समस्या नहीं, बल्कि क्षेत्रीय स्तर की चुनौती बन चुकी है। इसलिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करना आवश्यक माना जा रहा है।
न्यूज़ देखो: विकास से पहले आधारभूत सुविधाओं की प्राथमिकता जरूरी
यह मामला स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि विकास परियोजनाओं के साथ बुनियादी ढांचे की मजबूती भी उतनी ही आवश्यक है। नई ट्रेन सुविधा निश्चित रूप से स्वागतयोग्य है, लेकिन बिना आरओबी और एफओबी के संचालन से आम जनता की परेशानी बढ़ सकती है। संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। क्या पहले सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित नहीं होना चाहिए? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक नागरिक बनें और जनहित के मुद्दों पर आवाज उठाएं
बुनियादी सुविधाएं केवल सुविधा नहीं, बल्कि नागरिकों का अधिकार हैं। यदि समय रहते समस्याओं को चिन्हित कर समाधान की मांग की जाए, तो बड़े संकटों से बचा जा सकता है।
स्थानीय स्तर पर जागरूकता और सामूहिक आवाज ही विकास को सही दिशा देती है।
आप भी अपने क्षेत्र की समस्याओं को उठाएं और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय भागीदारी निभाएं।
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