
#कोलेबिरा #ग्रामीण_सुरक्षा : लचरागड़ में पागल कुत्ते के हमले से दस लोग घायल हुए, जिसके बाद भाजपा नेता सुजान मुंडा ने उपायुक्त से तुरंत चिकित्सा और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
- गुरुवार को लचरागड़ में पागल कुत्ते ने 10 ग्रामीणों पर हमला किया।
- भाजपा नेता सुजान मुंडा ने घटना का संज्ञान लेकर सिमडेगा उपायुक्त से बात की।
- घायलों के बेहतर उपचार को सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया।
- क्षेत्र में फैले कुत्ते के आतंक को देखते हुए उसे पकड़ने की तुरंत मांग।
- सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार आवारा कुत्तों पर अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर।
- घायल ग्रामीणों का उपचार जारी, प्रशासनिक कार्रवाई शुरू।
गुरुवार को कोलेबिरा प्रखंड के लचरागड़ गांव में एक पागल कुत्ते ने आतंक मचाते हुए दस ग्रामीणों को घायल कर दिया। अचानक हुए इस हमले से गांव में दहशत फैल गई। मामले की सूचना मिलने पर भाजपा नेता और कोलेबिरा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी सुजान मुंडा ने तुरंत स्थिति को गंभीरता से लेते हुए सिमडेगा उपायुक्त से दूरभाष पर बातचीत की। उन्होंने घायलों को तुरंत और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि सभी घायलों का उचित इलाज कराया जा रहा है और आगे की कार्रवाई भी तेजी से होगी।
पागल कुत्ते के हमले से गांव में दहशत
ग्रामिणों के अनुसार, कुत्ता अचानक अलग–अलग जगहों पर लोगों पर हमला करता रहा, जिससे 10 लोग घायल हो गए। घायल ग्रामीणों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना के बाद पूरे गांव में भय का माहौल है और लोग बाहर निकलने से भी हिचक रहे हैं।
भाजपा नेता सुजान मुंडा ने प्रशासन से की त्वरित कार्रवाई की मांग
घटना की सूचना मिलते ही भाजपा नेता सुजान मुंडा ने तुरंत सिमडेगा उपायुक्त से संपर्क किया। बातचीत में उन्होंने क्षेत्र में पागल कुत्ते के बढ़ते खतरे को गंभीर बताते हुए इसे जल्द पकड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सुजान मुंडा ने कहा: “लचरागड़ के लोग दहशत में हैं, इसलिए प्रशासन तुरंत कार्रवाई करे और घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा दिलाई जाए।”
उन्होंने बताया कि लगातार हमलों से गांव में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। प्रशासन ने उन्हें आश्वासन दिया कि इस मामले में त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार आवारा कुत्तों पर अभियान की मांग
सुजान मुंडा ने जिला प्रशासन से सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए गांव और शहरों में आवारा कुत्तों को पकड़कर कानी हुड हाउस में रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की मदद से यदि संगठित अभियान चलाया जाए, तो ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
उन्होंने पुनः मांग करते हुए कहा कि सभी गली–मोहल्लों से आवारा कुत्तों को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर रखा जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रशासन की प्रारंभिक प्रतिक्रिया
घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। घायलों का इलाज जारी है और स्वास्थ्य विभाग की टीम भी सक्रिय है। ग्रामीणों को सतर्क रहने और बच्चों को घर से बाहर न भेजने की सलाह दी गई है। जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सुरक्षा के लिए आवश्यक सभी कदम तुरंत उठाए जाएंगे।
न्यूज़ देखो: ग्रामीण सुरक्षा पर प्रशासन की जवाबदेही
लचरागड़ की यह घटना ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करती है। आवारा और पागल जानवरों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी व्यवस्था का अभाव साफ दिखाई देता है। प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया सकारात्मक संकेत देती है, परंतु दीर्घकालिक समाधान के लिए ठोस योजनाओं की आवश्यकता है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सुरक्षित गांव, जागरूक नागरिक — मिलकर बनाएं मजबूत समुदाय
ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा और जागरूकता सबसे बड़ी शक्ति होती है, खासकर तब जब अचानक पशु–जनित खतरे सामने आ जाएं। ऐसे समय में एकजुट होकर प्रशासन को सहयोग देना, सतर्क रहना और स्थानीय स्तर पर सुरक्षा उपाय लागू करना अत्यंत आवश्यक है।







