
#खलारी #खेल_उपलब्धि : 1500 मीटर में स्वर्ण—800 मीटर व रिले में कांस्य पदक जीते।
रांची के खलारी प्रखंड के राहुल उरांव ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 1500 मीटर दौड़ में स्वर्ण और अन्य स्पर्धाओं में दो कांस्य पदक जीते। प्रतियोगिता 30 मार्च से 2 अप्रैल तक जगदलपुर में आयोजित हुई। उनकी उपलब्धि से झारखंड में खुशी का माहौल है।
- राहुल उरांव ने तीन पदक जीतकर किया शानदार प्रदर्शन।
- 1500 मीटर दौड़ में जीता स्वर्ण पदक।
- 800 मीटर व 4×400 रिले में कांस्य पदक।
- प्रतियोगिता जगदलपुर (छत्तीसगढ़) में आयोजित।
- साधारण परिवार से उठकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई।
रांची जिले के खलारी प्रखंड के राय पंचायत स्थित राय बस्ती के युवा एथलीट राहुल उरांव ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन कर झारखंड का नाम गौरवान्वित किया है। उन्होंने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर तीन पदक जीतकर क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ा दी है।
यह प्रतियोगिता 30 मार्च से 2 अप्रैल 2026 तक छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आयोजित हुई थी, जिसमें देशभर के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने भाग लिया।
स्वर्ण के साथ दो कांस्य पदक
राहुल उरांव ने 1500 मीटर पुरुष दौड़ में पहला स्थान हासिल कर स्वर्ण पदक जीता। इसके अलावा उन्होंने—
- 800 मीटर दौड़
- 4×400 मीटर रिले दौड़
में तीसरा स्थान प्राप्त कर दो कांस्य पदक भी अपने नाम किए।
खेल विशेषज्ञों ने कहा: “राहुल का प्रदर्शन लगातार मेहनत और समर्पण का परिणाम है।”
संघर्ष से सफलता तक का सफर
राहुल उरांव एक साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता स्वर्गीय शशिकांत भगत का निधन बचपन में ही हो गया था। उनकी मां ने मजदूरी कर उन्हें आगे बढ़ाया।
गणेश कुमार महतो ने बताया: “राहुल की मां और फुआ रीता कुमारी का उनके जीवन में बड़ा योगदान है।”
उनकी फुआ रीता कुमारी ने भी उनके प्रशिक्षण और देखभाल में अहम भूमिका निभाई।
नि:शुल्क प्रशिक्षण से मिली दिशा
राहुल को करीब 8 वर्ष पहले गणेश स्पोर्टिंग क्लब राय में अंबेडकर मैदान पर नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया गया। उनकी प्रतिभा को पहचान कर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया गया।
साई सेंटर में मिला प्रशिक्षण
वर्तमान में राहुल उरांव को भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) सेंटर, भोपाल में पिछले तीन वर्षों से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यहां उन्हें—
- छात्रावास सुविधा
- पौष्टिक भोजन
- खेल सामग्री
जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
प्रशिक्षकों का योगदान
राहुल की सफलता में उनके प्रशिक्षकों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इस उपलब्धि पर—
गणेश कुमार महतो, किरण कुमारी (एएफआई प्री लेवल-1 कोच), प्रेम कुमार (जेएसएसपीएस कोच), नरेश कुजूर सहित कई लोगों ने खुशी जताई।
क्षेत्र में खुशी का माहौल
राहुल की इस उपलब्धि से खलारी और पिपरवार कोलांचल क्षेत्र में खुशी का माहौल है। लोग इसे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण मान रहे हैं।
युवाओं के लिए प्रेरणा
राहुल उरांव की सफलता यह साबित करती है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद मेहनत और लगन से बड़े मुकाम हासिल किए जा सकते हैं।
खेल के क्षेत्र में नई पहचान
यह उपलब्धि दिखाती है कि झारखंड के खिलाड़ी अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं और राज्य को गौरवान्वित कर रहे हैं।

न्यूज़ देखो: संघर्ष से ही बनती है पहचान
राहुल उरांव की कहानी यह बताती है कि संसाधनों की कमी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकती। सही मार्गदर्शन और मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सपनों को मेहनत से उड़ान दें
हर युवा के अंदर कुछ बड़ा करने की क्षमता होती है।
जरूरी है कि वह खुद पर विश्वास रखे और मेहनत करे।
संघर्ष ही सफलता की असली सीढ़ी है।
आइए, हम भी अपने सपनों को साकार करने का संकल्प लें।
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