
#रांची #राजनीतिक_बैठक : प्रदेश कांग्रेस सभागार में RGPRS की बैठक, संगठन विस्तार और चुनावी रणनीति पर चर्चा।
प्रदेश कांग्रेस के सभागार में 23 जनवरी 2026 को राजीव गांधी पंचायतीराज संगठन की कार्यकारिणी बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों सहित सभी जिलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। संगठन की भूमिका, आगामी पंचायत एवं नगर निकाय चुनाव, तथा केंद्र सरकार की नीतियों के प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत कर कांग्रेस की विचारधारा को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना रहा।
- 23 जनवरी 2026 को प्रदेश कांग्रेस सभागार में बैठक आयोजित।
- राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील पनवार ने कार्यकर्ताओं में जोश भरा।
- प्रदेश अध्यक्ष केशव कमलेश महतो और प्रभारी आशिक कुजूर रहे मौजूद।
- अरजीपीआरएस अध्यक्ष सुनीत शर्मा ने क्षेत्रीय संघर्ष पर दिया जोर।
- प्रदेश कॉर्डिनेटर दिलीप तिर्की ने संगठन विस्तार का आह्वान किया।
प्रदेश कांग्रेस के सभागार में आयोजित राजीव गांधी पंचायतीराज संगठन की इस महत्वपूर्ण बैठक में संगठन के वर्तमान हालात और भविष्य की रणनीति पर गहन विचार-विमर्श हुआ। बैठक में प्रदेश कमिटी, सभी जिलों के जिला अध्यक्ष एवं सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। संगठन को पंचायत से लेकर प्रदेश स्तर तक और अधिक सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष का जोशीला संबोधन
बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील पनवार ने कार्यकर्ताओं में उत्साह भरते हुए कहा कि संगठन का हर सदस्य केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि राजीव गांधी पंचायतीराज संगठन की रीढ़ है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर मजबूत संगठन ही लोकतंत्र की असली ताकत है और इसी के माध्यम से आम जनता की आवाज को आगे बढ़ाया जा सकता है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन के सिद्धांतों और कांग्रेस की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
सुनीत शर्मा ने साझा किए संघर्ष के अनुभव
अरजीपीआरएस अध्यक्ष सुनीत शर्मा ने अपने संबोधन में अपने राजनीतिक जीवन के संघर्षों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को उनसे तीन गुना अधिक क्षमता और मेहनत के साथ क्षेत्र में कार्य करना होगा।
उन्होंने विशेष रूप से आगामी पेशा कानून और नगर निकाय चुनाव में सक्रिय भूमिका निभाने की बात कही और कहा कि कांग्रेस से जो भी उम्मीदवार मैदान में हों, उन्हें जीत दिलाना संगठन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
मनरेगा में बदलाव पर चिंता व्यक्त
बैठक के दौरान सुनीत शर्मा ने मनरेगा में केंद्र की मोदी सरकार द्वारा किए गए बदलावों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन बदलावों से ग्रामीण मजदूरों और पंचायतों को नुकसान हो रहा है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे इन नीतियों के प्रभाव को गांव-गांव तक पहुंचाएं और जनता को इसके प्रति जागरूक करें, ताकि ग्रामीण हितों की रक्षा की जा सके।
दिलीप तिर्की का प्रेरक संदेश
प्रदेश कॉर्डिनेटर दिलीप तिर्की ने अपने संबोधन में संगठन को एक वैचारिक मशाल बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय नेताओं ने इस सभागार में कार्यकर्ताओं के हाथ में आग की मशाल सौंपी है।
उन्होंने कहा कि इस मशाल की रोशनी को अपने-अपने विधानसभा, प्रखंड, पंचायत और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति से भागने के बजाय लोगों को इससे जुड़ने के लिए प्रेरित करना समय की मांग है।
राजनीति से जुड़ाव पर दिया स्पष्ट संदेश
दिलीप तिर्की ने कहा कि जब तक हम जीवित हैं, तब तक राजनीति से हमारा रिश्ता बना रहेगा और राजनीति हमसे जुड़ी रहेगी। इस विचार को हर कार्यकर्ता को आम जनता तक पहुंचाना चाहिए, ताकि लोग राजनीति को नकारने के बजाय उसमें सक्रिय भागीदारी करें।
उन्होंने संगठन के कार्यकर्ताओं से निरंतर संवाद और जमीनी संघर्ष के माध्यम से लोकतंत्र को मजबूत करने की अपील की।
धन्यवाद ज्ञापन और समापन
कार्यक्रम के अंत में दिलीप तिर्की ने राजीव गांधी पंचायतीराज संगठन की प्रदेश कमिटी की ओर से धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने सभी जिलों से आए प्रतिनिधियों और सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन की एकजुटता ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।
बैठक का समापन संगठन को और अधिक सक्रिय, संगठित और जनोन्मुखी बनाने के संकल्प के साथ हुआ।
न्यूज़ देखो: पंचायत से प्रदेश तक संगठन को मजबूत करने का संदेश
राजीव गांधी पंचायतीराज संगठन की यह बैठक स्पष्ट करती है कि कांग्रेस पंचायत स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में गंभीर प्रयास कर रही है। संगठन, चुनावी रणनीति और केंद्र सरकार की नीतियों पर खुली चर्चा इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में पंचायत राजनीति में सक्रियता बढ़ेगी। अब देखना होगा कि लिए गए संकल्प जमीनी स्तर पर किस हद तक प्रभावी साबित होते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
संगठन की ताकत से लोकतंत्र मजबूत
पंचायत से लेकर प्रदेश तक मजबूत संगठन ही लोकतंत्र की नींव को मजबूत करता है। यह बैठक कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा और स्पष्ट दिशा देने वाली रही। जब विचार, संघर्ष और संगठन एक साथ चलते हैं, तो बदलाव संभव होता है।







