#RanchiNews सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश : रामनवमी में बिजली पूरी तरह नहीं कटेगी, केवल शोभायात्रा रूट पर होगी कटौती:
- सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट के बिजली कटौती रोक आदेश पर लगाई अंतरिम रोक
- रामनवमी के जुलूस में लोगों की सुरक्षा के लिए बिजली कटौती को दी अनुमति
- कटौती केवल शोभायात्रा के मार्गों तक सीमित और न्यूनतम अवधि की होगी
- अस्पतालों व इमरजेंसी सेवाओं की बिजली आपूर्ति बनी रहेगी
- जेबीवीएनएल को देना होगा बिजली कटौती से जुड़ा अंडरटेकिंग
- मामले की अगली सुनवाई 8 अप्रैल को होगी
रामनवमी में बिजली रहेगी या कटेगी? जनता की सबसे बड़ी चिंता
रामनवमी जैसे पर्व पर लोगों की सबसे बड़ी चिंता रहती है – क्या बिजली रहेगी या कई घंटों तक काट दी जाएगी?
इस सवाल को लेकर इस बार सुप्रीम कोर्ट तक मामला पहुंचा, जहां झारखंड सरकार और हाईकोर्ट के आदेशों पर सुनवाई हुई।
राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी,
“रामनवमी के जुलूस में लोग लंबे झंडे लेकर चलते हैं जिससे करंट लगने का खतरा रहता है। पूर्व में राज्य में करंट लगने से हादसे हो चुके हैं, इसलिए ऐहतियात के तौर पर बिजली कटौती की जाती है।”
झारखंड हाईकोर्ट ने लगाई थी रोक
इससे पहले 3 अप्रैल को झारखंड हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए त्योहारों के दौरान बिजली आपूर्ति बंद करने पर रोक लगा दी थी।
मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस दीपक रौशन की पीठ ने पूछा था:
“सरहुल के दिन घंटों बिजली क्यों काटी गई? लोगों की परेशानी के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था की गई थी?”
हाईकोर्ट के आदेश के बाद बिजली वितरण निगम (JBVNL) को त्योहारों पर बिजली कटौती करने से रोक दिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट से सरकार को मिली राहत, पर शर्तों के साथ
राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाते हुए सरकार को शोभायात्रा रूट पर बिजली कटौती की अनुमति दे दी है, लेकिन कुछ शर्तों के साथ:
- बिजली सिर्फ शोभायात्रा वाले मार्गों पर ही और सीमित समय के लिए काटी जा सकेगी
- अस्पतालों, जरूरी सेवाओं, और आम लोगों की आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ेगा
- JBVNL के प्रबंध निदेशक को यह अंडरटेकिंग देना होगा कि कटौती न्यूनतम समय के लिए होगी और जरूरी सेवाओं की आपूर्ति बनी रहेगी
झारखंड सरकार का तर्क और सुरक्षा का मुद्दा
राज्य सरकार का पक्ष यह है कि रामनवमी के जुलूसों में लंबे झंडे और लोहे की छड़ें होती हैं, जिनसे बिजली तारों के संपर्क में आने पर हादसे हो सकते हैं।
पिछले वर्षों में झारखंड में ऐसे हादसे हुए भी हैं। इसलिए बिजली कटौती को सिर्फ एक सुरक्षा एहतियात बताया गया है।
बिजली कटेगी या नहीं? जानिए जनता के लिए क्या है असर
रामनवमी के दिन पूरे शहर में बिजली नहीं काटी जाएगी, यह अब सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है।
जनता को चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि:
- बिजली केवल उन्हीं इलाकों में काटी जाएगी जहां से शोभायात्रा निकलेगी
- वो भी केवल जुलूस निकलने के दौरान, यानी कुछ घंटों के लिए
- अस्पताल, जलापूर्ति केंद्र, और अन्य आवश्यक सेवाओं पर बिजली कटौती का कोई असर नहीं होगा
अगली सुनवाई और क्या हो सकता है फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 8 अप्रैल 2025 को तय की है। तब तक JBVNL को स्पष्ट योजना और अंडरटेकिंग के साथ कोर्ट में पेश होना होगा।
संभव है कोर्ट इस मुद्दे पर कोई स्थायी दिशा-निर्देश भी दे दे ताकि हर त्योहार पर बिजली कटौती को लेकर विवाद ना हो।
‘न्यूज़ देखो’ की नज़र : अब भ्रम नहीं, मिलेगी सटीक जानकारी
रामनवमी जैसे त्योहारों पर बिजली कटौती को लेकर हर साल बहस होती है। इस बार सुप्रीम कोर्ट ने बीच का रास्ता निकालते हुए सुरक्षा और सुविधा के बीच संतुलन कायम करने की कोशिश की है।
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