
#विश्रामपुर #सामाजिक_सेवा : गिरिडीह में पदस्थ पुलिस सब इंस्पेक्टर रामशरिख तिवारी समाज व धर्म सेवा में निभा रहे सक्रिय भूमिका।
पलामू जिले के विश्रामपुर प्रखंड अंतर्गत तोलरा गांव निवासी रामशरिख तिवारी वर्तमान में गिरिडीह जिले में पुलिस सब इंस्पेक्टर के पद पर पदस्थापित हैं। पुलिस सेवा के साथ-साथ वे सामाजिक और धार्मिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। नववर्ष के अवसर पर उन्होंने भगवान परशुराम मंदिर निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किया। उनके इस सेवाभाव की गांव और पुलिस महकमे दोनों में सराहना हो रही है।
- रामशरिख तिवारी गिरिडीह जिले में पुलिस सब इंस्पेक्टर के पद पर पदस्थ।
- तोलरा गांव, विश्रामपुर प्रखंड के निवासी हैं ददन तिवारी।
- भगवान परशुराम मंदिर निर्माण में लगातार दे रहे सहयोग।
- नववर्ष पर ₹5100 की राशि डाल्टनगंज में मंदिर निर्माण हेतु प्रदान की।
- गांव और पुलिस बैरक में सेवाभाव की हो रही सराहना।
पलामू जिले के विश्रामपुर प्रखंड अंतर्गत तोलरा गांव निवासी रामशरिख तिवारी उर्फ ददन तिवारी आज न केवल पुलिस विभाग में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं, बल्कि समाज और धर्म के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। वर्तमान में वे झारखंड के गिरिडीह जिले में पुलिस सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। बावजूद इसके, वे अपने गांव और क्षेत्र से जुड़े सामाजिक और धार्मिक कार्यों से निरंतर जुड़े हुए हैं।
पुलिस सेवा के साथ सामाजिक दायित्व
रामशरिख तिवारी का मानना है कि पुलिस सेवा केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशील रहना भी उतना ही आवश्यक है। इसी सोच के तहत वे समय-समय पर अपने गांव तोलरा सहित आसपास के क्षेत्रों में सामाजिक कार्यों के लिए सहयोग करते रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी सामाजिक या धार्मिक आयोजन में वे स्वयं जानकारी लेकर यथासंभव सहायता करते हैं।
भगवान परशुराम मंदिर निर्माण में सक्रिय सहयोग
पलामू जिले में निर्माणाधीन भगवान परशुराम मंदिर के लिए रामशरिख तिवारी लगातार सहयोग कर रहे हैं। नववर्ष के शुभ अवसर पर उन्होंने ₹5100 की राशि डाल्टनगंज स्थित परशुराम मंदिर निर्माण समिति को प्रदान की। इससे पहले भी वे मंदिर निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग कर चुके हैं। ग्रामीणों के अनुसार, उनका यह योगदान केवल राशि तक सीमित नहीं है, बल्कि वे लोगों को भी इस कार्य से जोड़ने का प्रयास करते हैं।
गिरिडीह में भी सेवाभाव की पहचान
गिरिडीह जिले में कार्यरत एक झारखंड पुलिस जवान ने बताया कि रामशरिख तिवारी वहां भी सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। पुलिस बैरक और आसपास के गणमान्य लोगों के बीच उनके सेवाभाव और सहयोगी स्वभाव की चर्चा होती रहती है। पुलिस सेवा के साथ तन, मन और धन से समाज सेवा करने का उनका यह तरीका कई लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बन रहा है।
गांव में गर्व और सराहना
तोलरा गांव के ग्रामीणों में रामशरिख तिवारी के कार्यों को लेकर विशेष गर्व देखा जा रहा है। गांव के एक बड़े समूह ने उनके सामाजिक और धार्मिक योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा अपने गांव का मान बढ़ाया है। ग्रामीणों ने नववर्ष के अवसर पर उन्हें शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में भी इसी तरह सेवाभाव से जुड़े रहने की कामना की।
युवाओं के लिए प्रेरणा
ग्रामीणों का कहना है कि रामशरिख तिवारी जैसे व्यक्तित्व युवाओं के लिए प्रेरणा हैं, जो यह संदेश देते हैं कि सरकारी सेवा में रहते हुए भी समाज और संस्कृति से जुड़ा जा सकता है। उनकी सोच और कार्यशैली यह साबित करती है कि जिम्मेदार पद पर रहते हुए भी मानवीय और सांस्कृतिक मूल्यों को जीवित रखा जा सकता है।
न्यूज़ देखो: वर्दी में सेवा, समाज में सम्मान
यह खबर दिखाती है कि जब पुलिस सेवा के साथ सामाजिक और धार्मिक दायित्वों को भी गंभीरता से निभाया जाए, तो समाज में सकारात्मक संदेश जाता है। रामशरिख तिवारी का कार्य यह साबित करता है कि प्रशासनिक जिम्मेदारी और सामाजिक संवेदनशीलता साथ-साथ चल सकती है। ऐसे उदाहरण पुलिस और समाज के बीच भरोसे को मजबूत करते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सेवा ही सच्चा धर्म
वर्दी के साथ मानवीय संवेदना जुड़ जाए, तो सेवा का दायरा और व्यापक हो जाता है।
समाज और संस्कृति से जुड़ाव व्यक्ति को पहचान देता है।
ऐसे प्रयास नई पीढ़ी को सही दिशा दिखाते हैं।
आइए, हम भी अपने-अपने स्तर पर समाज के लिए कुछ करने का संकल्प लें।






