
#रांची — पाइपलाइन कनेक्शन पर उलझा निर्माण कार्य, अधिकारियों में तकरार :
- रांची के रातू रोड पर NHAI और जुडको कर्मचारियों के बीच विवाद।
- वाटर सप्लाई पाइप बिछाने के लिए NOC का इंतजार कर रहा जुडको।
- NHAI ने कहा, 80% रोड निर्माण पूरा, रुकना संभव नहीं।
- स्थानीय लोग सरकार और एजेंसियों के बीच तालमेल की कमी से परेशान।
- स्पष्ट नीति की मांग उठी, ताकि भविष्य में काम में रुकावट न हो।
रांची के रातू रोड पर सड़क निर्माण कार्य के दौरान NHAI और जुडको कर्मचारियों के बीच विवाद सामने आया है। यह विवाद वाटर सप्लाई पाइप कनेक्शन को लेकर हुआ। जुडको कर्मियों का कहना है कि पाइप बिछाने का कार्य जरूरी है, लेकिन सरकार से अब तक NOC नहीं मिली है। दूसरी तरफ, NHAI अधिकारियों का कहना है कि रोड कंस्ट्रक्शन का 80% काम पूरा हो चुका है और इसी महीने के अंत तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। ऐसे में निर्माण कार्य को अब रोकना संभव नहीं है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया और चिंता
स्थानीय लोग इस विवाद से परेशान हैं। उनका कहना है कि सरकार और एजेंसियों के बीच सही तालमेल नहीं होने से अक्सर इस तरह की समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। लोगों का कहना है कि यदि पहले से योजनाबद्ध तरीके से समन्वय होता, तो निर्माण कार्य और पाइपलाइन बिछाने का काम एक साथ व्यवस्थित रूप से किया जा सकता था।
क्या कहती है सरकारी प्रक्रिया और बाधा
जुडको कर्मियों का साफ कहना है कि बिना सरकारी अनुमति (NOC) के वे आगे काम शुरू नहीं कर सकते। दूसरी तरफ NHAI का कहना है कि उन्हें पहले से योजना बनाकर सूचना देनी चाहिए थी। अधूरी प्रक्रिया के चलते दोनों विभागों के बीच टकराव ने निर्माण कार्य को बीच में अटका दिया है।
स्थानीय लोगों की मांग और सुझाव
स्थानीय निवासियों ने यह मुद्दा उठाया कि सरकार को स्पष्ट नीति बनानी चाहिए। इसके तहत सड़क निर्माण, वाटर सप्लाई और अन्य अधोसंरचनात्मक कार्यों के बीच समन्वय स्थापित हो सके। तभी भविष्य में इस तरह के टकराव और परेशानी से बचा जा सकता है।
रांची में विकास की राह पर समन्वय की कमी — न्यूज़ देखो की खास रिपोर्ट
रांची के रातू रोड पर सड़क निर्माण और पाइपलाइन कार्य में हो रही खींचतान ने एक बार फिर सरकारी समन्वय की गंभीर कमी को उजागर कर दिया है। जनता की सुविधा के लिए बनाई जा रही योजनाएं, अगर आपसी संवाद और प्रक्रिया के अभाव में उलझ जाएं, तो विकास की रफ्तार धीमी हो जाती है।
न्यूज़ देखो का मानना है कि इस तरह की परियोजनाओं के लिए सरकार को ‘वन-विंडो क्लियरेंस’ और पूर्व-योजनाबद्ध नीति बनानी चाहिए, जिसमें सभी एजेंसियां समय पर तालमेल बनाकर काम करें।
यह केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि जनता के विश्वास का सवाल है। यदि ऐसी समस्याओं का समाधान समय रहते नहीं निकाला गया, तो शहर के अन्य प्रोजेक्ट भी अटक सकते हैं। रांची के विकास की रफ्तार बनाए रखने के लिए सभी विभागों को सजग रहना होगा और जनता को भी सतर्क नजर रखनी चाहिए।
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