#लातेहार #मजदूरी_भुगतान : बेतला रेंज के मजदूरों की लंबित मजदूरी बैंक खातों में भेजी गई।
लातेहार जिले के बेतला रेंज में काम करने वाले मजदूरों की लंबे समय से लंबित मजदूरी का भुगतान अंततः कर दिया गया है। विभाग की ओर से यह राशि सीधे मजदूरों के बैंक खातों में भेजी गई। मजदूरों ने 26 फरवरी को भुगतान की मांग को लेकर रेंज कार्यालय में विरोध प्रदर्शन भी किया था। भुगतान होने के बाद मजदूरों में संतोष और राहत का माहौल देखा गया।
- बेतला रेंज में कार्यरत मजदूरों की लंबित मजदूरी का भुगतान बैंक खातों में किया गया।
- मजदूरों ने 26 फरवरी को बेतला रेंज कार्यालय और पार्क मुख्य गेट पर तालाबंदी कर प्रदर्शन किया था।
- रेंजर उमेश कुमार दूबे ने मजदूरों को 2 मार्च तक भुगतान का आश्वासन दिया था।
- विभागीय प्रक्रिया पूरी कर मजदूरी की राशि सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की गई।
- भुगतान मिलने के बाद मजदूरों में संतोष और राहत का माहौल।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड अंतर्गत बेतला रेंज में काम करने वाले मजदूरों की बकाया मजदूरी का भुगतान आखिरकार कर दिया गया है। यह मजदूरी पिछले वर्ष ग्रास प्लॉट तैयार करने और झाड़ियों की सफाई जैसे कार्यों में लगे मजदूरों की थी, जो लंबे समय से लंबित पड़ी थी। विभाग द्वारा मजदूरों के बैंक खातों में सीधे राशि भेजे जाने के बाद मजदूरों ने राहत की सांस ली है।
मजदूरों का कहना है कि मजदूरी का भुगतान लंबे समय से नहीं होने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन अब भुगतान हो जाने से उन्हें काफी राहत मिली है।
लंबे समय से लंबित थी मजदूरी
जानकारी के अनुसार बेतला रेंज में पिछले वर्ष वन क्षेत्र के ग्रास प्लॉट तैयार करने और झाड़ियों की साफ-सफाई का कार्य कराया गया था। इस काम में कई स्थानीय मजदूरों ने श्रम दिया था।
हालांकि काम पूरा होने के बाद भी मजदूरों की मजदूरी का भुगतान काफी समय तक नहीं किया गया। इसके कारण मजदूरों में धीरे-धीरे असंतोष बढ़ता चला गया।
मजदूरों का कहना था कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में काम किया, लेकिन समय पर मजदूरी नहीं मिलने से उन्हें परिवार चलाने में परेशानी हो रही थी। मजदूरी की इसी समस्या को लेकर मजदूरों ने अपनी नाराजगी भी जाहिर की।
26 फरवरी को मजदूरों ने किया था विरोध प्रदर्शन
लंबे समय तक भुगतान नहीं होने से नाराज मजदूरों ने 26 फरवरी को बेतला रेंज कार्यालय और पार्क के मुख्य गेट पर विरोध प्रदर्शन किया था। मजदूरों ने कार्यालय में तालाबंदी कर अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
इस दौरान मजदूरों ने विभाग से जल्द से जल्द बकाया मजदूरी का भुगतान करने की मांग की। मजदूरों का कहना था कि जब तक भुगतान नहीं होगा, तब तक वे अपना विरोध जारी रखेंगे।
विरोध प्रदर्शन के बाद विभागीय अधिकारियों ने मजदूरों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना।
रेंजर ने दिया था दो मार्च तक भुगतान का आश्वासन
मामले को गंभीरता से लेते हुए रेंजर उमेश कुमार दूबे ने मजदूरों को आश्वासन दिया था कि उनकी बकाया मजदूरी का भुगतान जल्द किया जाएगा।
रेंजर उमेश कुमार दूबे ने कहा: “मजदूरों की बकाया मजदूरी का भुगतान विभागीय प्रक्रिया पूरी करते हुए दो मार्च तक कर दिया जाएगा। मजदूरों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।”
रेंजर के इस आश्वासन के बाद मजदूरों ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया था और भुगतान का इंतजार करने लगे।
विभागीय प्रक्रिया के बाद खातों में भेजी गई राशि
रेंजर के आश्वासन के बाद विभाग ने मजदूरी भुगतान की प्रक्रिया को तेज किया। आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद मजदूरों की मजदूरी सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी गई।
इस भुगतान के साथ ही लंबे समय से लंबित मजदूरी की समस्या का समाधान हो गया। विभाग का कहना है कि मजदूरों को उनकी मेहनत का पूरा भुगतान सुनिश्चित किया गया है।
भुगतान मिलने के बाद मजदूरों में संतोष
मजदूरी का भुगतान मिलने के बाद मजदूरों में संतोष का माहौल देखा गया। मजदूरों ने कहा कि समय पर भुगतान मिलने से उन्हें काफी राहत मिली है।
कई मजदूरों ने बताया कि मजदूरी नहीं मिलने के कारण उनके सामने घर चलाने और दैनिक जरूरतें पूरी करने की समस्या खड़ी हो गई थी। लेकिन अब भुगतान हो जाने से उनकी आर्थिक स्थिति में थोड़ी राहत आई है।
भविष्य में देरी नहीं होने देने का आश्वासन
विभागीय अधिकारियों ने भी इस पूरे मामले के बाद भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बनने देने की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि मजदूरी भुगतान की प्रक्रिया को और अधिक व्यवस्थित बनाया जाएगा।
ताकि मजदूरों को उनके कार्य के बदले समय पर मजदूरी मिल सके और उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
न्यूज़ देखो: मजदूरों की मेहनत का सम्मान जरूरी
बेतला रेंज में मजदूरों की लंबित मजदूरी का भुगतान होना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन यह सवाल भी उठाता है कि मजदूरों को समय पर भुगतान क्यों नहीं मिल पाया। वन क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूर कठिन परिस्थितियों में श्रम करते हैं और उनके अधिकारों का सम्मान होना जरूरी है। भविष्य में ऐसी देरी न हो, इसके लिए विभाग को व्यवस्था और मजबूत करनी होगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
श्रम का सम्मान ही विकास की असली पहचान
समाज और व्यवस्था तभी मजबूत बनती है जब श्रम का सम्मान किया जाता है।
मजदूरों की मेहनत से ही विकास की कई योजनाएं जमीन पर उतरती हैं।
इसलिए जरूरी है कि उनके अधिकार और मेहनताना समय पर सुनिश्चित हो।
आप भी अपने आसपास काम करने वाले श्रमिकों के अधिकारों के प्रति जागरूक रहें।
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