
#बानो #सिमडेगा #समाजसेवा : बढ़ती ठंड के बीच उकौली पंचायत के चिरुबेडा गांव में जरूरतमंद वृद्ध ग्रामीणों को कंबल वितरित किए गए।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड अंतर्गत उकौली पंचायत के चिरुबेडा गांव में जिला परिषद सदस्य बीरजो कंडुलना ने कड़ाके की ठंड के बीच जरूरतमंद वृद्ध ग्रामीणों के बीच कंबल का वितरण किया। बुधवार तड़के आयोजित इस पहल का उद्देश्य ठंड से जूझ रहे बुजुर्गों को राहत पहुंचाना था। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी पारिवारिक और गांव की समस्याओं को जाना। जिला परिषद सदस्य ने ठंड से बचाव के लिए सतर्कता बरतने की अपील भी की।
- बानो प्रखंड के उकौली पंचायत अंतर्गत चिरुबेडा गांव में कंबल वितरण।
- जिला परिषद सदस्य बीरजो कंडुलना ने तड़के पहुंचकर की पहल।
- जरूरतमंद वृद्ध ग्रामीणों को ठंड से राहत देने का प्रयास।
- ग्रामीणों से गांव और परिवार की समस्याओं पर सीधा संवाद।
- ठंड से बचाव के लिए सावधानी और अलाव व्यवस्था की अपील।
सिमडेगा जिले में लगातार बढ़ती ठंड के बीच जनप्रतिनिधियों द्वारा जरूरतमंदों के लिए राहत कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बानो प्रखंड के उकौली पंचायत अंतर्गत ग्राम चिरुबेडा में जिला परिषद सदस्य बीरजो कंडुलना ने मानवीय पहल करते हुए वृद्ध और जरूरतमंद ग्रामीणों के बीच कंबल का वितरण किया। बुधवार तड़के आयोजित इस कार्यक्रम ने ठंड से जूझ रहे ग्रामीणों को बड़ी राहत दी।
तड़के गांव पहुंचकर किया कंबल वितरण
जिला परिषद सदस्य बीरजो कंडुलना सुबह तड़के चिरुबेडा गांव पहुंचीं और स्वयं ग्रामीणों के बीच जाकर कंबल वितरित किए। इस दौरान विशेष रूप से उन बुजुर्गों को प्राथमिकता दी गई, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और ठंड से सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। कंबल पाकर वृद्ध ग्रामीणों के चेहरे पर राहत और संतोष साफ नजर आया।
ग्रामीणों ने बताया कि रात के समय ठंड काफी बढ़ जाती है, ऐसे में कंबल मिलना उनके लिए बड़ी मदद है। स्थानीय लोगों ने इस पहल के लिए जिला परिषद सदस्य का आभार भी व्यक्त किया।
ग्रामीणों से सीधा संवाद, समस्याओं की जानकारी
कंबल वितरण के बाद बीरजो कंडुलना ने ग्रामीणों के साथ बैठकर बातचीत की। उन्होंने गांव की बुनियादी समस्याओं, परिवारों की स्थिति और दैनिक जीवन से जुड़ी परेशानियों के बारे में जानकारी ली। ग्रामीणों ने सड़क, स्वास्थ्य, रोजगार और ठंड के मौसम में हो रही दिक्कतों से उन्हें अवगत कराया।
ग्रामीणों से बातचीत के दौरान जिला परिषद सदस्य ने भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाया जाएगा और समाधान के लिए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते जनता से सीधा संवाद उनकी प्राथमिकता है।
ठंड से बचाव को लेकर दी गई सलाह
बीरजो कंडुलना ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि ठंड लगातार बढ़ रही है, ऐसे में सभी को सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने खासकर बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखने की बात कही।
उन्होंने कहा कि गांव में अलाव की व्यवस्था कर ठंड से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है। इसके साथ ही गर्म कपड़े पहनने, रात में ठंड से बचाव के उपाय अपनाने और बीमार पड़ने पर तुरंत इलाज कराने की सलाह दी।
बीरजो कंडुलना ने कहा: “ठंड का असर सबसे ज्यादा बुजुर्गों पर पड़ता है, इसलिए सावधानी बेहद जरूरी है। अलाव और आपसी सहयोग से ठंड से बचा जा सकता है।”
सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण
इस पहल को ग्रामीणों ने केवल सहायता नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण बताया। दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड के मौसम में इस तरह की मदद जरूरतमंदों के लिए संजीवनी साबित होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे कार्यों से जनप्रतिनिधियों और जनता के बीच विश्वास मजबूत होता है।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों का गांव आकर हालचाल लेना और समस्याएं सुनना अपने आप में बड़ी बात है, जिससे उन्हें यह भरोसा मिलता है कि उनकी आवाज सुनी जा रही है।
ठंड के मौसम में बढ़ती चुनौतियां
सिमडेगा जिले के कई ग्रामीण इलाकों में ठंड के मौसम में गरीब और वृद्ध लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सीमित संसाधनों के कारण उनके लिए गर्म कपड़ों की व्यवस्था करना आसान नहीं होता। ऐसे में कंबल वितरण जैसे प्रयास सीधे तौर पर जीवन को सुरक्षित बनाने में मदद करते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार ठंड के मौसम में बुजुर्गों को निमोनिया, सर्दी-खांसी और अन्य बीमारियों का खतरा अधिक रहता है। इसलिए समय पर सहायता और जागरूकता बेहद जरूरी है।


न्यूज़ देखो: जमीनी स्तर पर संवेदनशील पहल
बानो प्रखंड के चिरुबेडा गांव में कंबल वितरण यह दिखाता है कि जनप्रतिनिधि जमीनी स्तर पर सक्रिय होकर सामाजिक जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ऐसे प्रयास ठंड जैसे संकट के समय आम लोगों को राहत पहुंचाते हैं और प्रशासनिक तंत्र को भी संवेदनशील बनने का संदेश देते हैं। जरूरत है कि इस तरह की पहल निरंतर और व्यापक स्तर पर हो। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
ठंड में सहयोग ही सबसे बड़ी राहत
कड़क ठंड के दिनों में छोटी-सी मदद भी बड़ा सहारा बन सकती है।
जरूरतमंदों के लिए किया गया हर प्रयास समाज को मजबूत करता है।
अपने आसपास के बुजुर्गों और कमजोर वर्ग का ध्यान रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
यदि आपके क्षेत्र में भी ऐसी पहल हो रही है, तो उसका समर्थन करें।
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