Giridih

गंगाधर महतो के प्रयास से ग्रामीणों को राहत, खैरा टुंडा पंचायत के दो गांवों में मरम्मत हुआ चपाकल

#गिरिडीह #पेयजलसंकटसमाधान : झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन की पहल रंग लाई — ग्रामीणों को एक महीने बाद मिला पेयजल संकट से छुटकारा
  • तेलियां टुंडा और नाथडीह गांवों में खराब चपाकल की हुई मरम्मत
  • एक महीने से ग्रामीण झेल रहे थे पानी की किल्लत
  • केंद्रीय अध्यक्ष गंगाधर महतो के प्रयास से हुआ कार्य
  • ग्रामीणों ने जताया यूनियन के प्रति आभार
  • यूनियन के कई पदाधिकारी मौके पर रहे मौजूद

चपाकल मरम्मती से ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत

गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड अंतर्गत खैरा टुंडा पंचायत के ग्राम तेलियां टुंडा और नाथडीह में मंगलवार को झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन के प्रयासों से पेयजल संकट का समाधान हुआ।
एक महीने से बंद पड़े चपाकल की मरम्मती विभाग द्वारा कराई गई, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

ग्रामीणों ने बताया कि पानी के लिए उन्हें दूर-दराज के इलाकों में जाना पड़ता था, जिससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को काफी परेशानी हो रही थी। यूनियन के माध्यम से जब यह मुद्दा उठाया गया, तब जाकर विभाग हरकत में आया और कार्य को अंजाम दिया।

गंगाधर महतो की सक्रियता से जुड़ा समाधान

इस कार्य को संभव बनाने में यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष गंगाधर महतो की अहम भूमिका रही
उनके सक्रिय प्रयासों से ही विभाग ने तेजी से कार्रवाई करते हुए चपाकल मरम्मत की व्यवस्था की।

स्थानीय ग्रामीणों ने कहा: “हमें बहुत दिनों से परेशानी हो रही थी। चपाकल बन जाने से अब घर के पास ही पानी मिल सकेगा। यूनियन के पदाधिकारियों का धन्यवाद।”

मौके पर यूनियन के कई पदाधिकारी रहे मौजूद

मरम्मत कार्य के दौरान मौके पर मौजूद रहे यूनियन पदाधिकारी:

  • केंद्रीय उपाध्यक्ष भगतु रविदास उर्फ रवि कुमार
  • केंद्रीय महासचिव रवींद्र कुमार
  • प्रखंड अध्यक्ष राजेंद्र यादव
  • प्रखंड महासचिव भुवनेश्वर रविदास
  • प्रखंड सचिव नकुल महतो
  • प्रखंड कोषाध्यक्ष सुरेश ठाकुर
  • प्रखंड संगठन मंत्री मोती रविदास

साथ ही काली दास, प्रमोद रविदास, कैलाश रविदास, प्रदीप रविदास, उमेश रविदास, रेखा देवी, चमेली देवी और मालती देवी समेत कई ग्रामीण महिला और पुरुष कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

न्यूज़ देखो: जमीनी समस्याओं के समाधान की मिसाल

ग्रामीण क्षेत्रों की बुनियादी समस्याएं अक्सर नजरअंदाज हो जाती हैं, लेकिन झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन जैसे संगठनों की सक्रियता से समाधान संभव है।
गंगाधर महतो और उनकी टीम ने यह साबित किया कि अगर इच्छाशक्ति हो तो विभागीय उदासीनता को भी हराया जा सकता है।
‘न्यूज़ देखो’ ऐसे जनसरोकार से जुड़े कार्यों को लगातार उजागर करता रहेगा।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

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