#खूंटी #बिरसामुंडापुण्यतिथि : जलंगा गोविंदपुर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम के साथ आदर्शों को अपनाने का संदेश दिया गया।
धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया ने खूँटी जिले के कर्रा प्रखंड स्थित जलंगा गोविंदपुर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने बिरसा मुंडा के संघर्ष, बलिदान और आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए किए गए योगदान को याद किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, झामुमो कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों की बड़ी भागीदारी रही। वक्ताओं ने उनके आदर्शों पर चलकर न्यायपूर्ण समाज निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
- तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया ने जलंगा गोविंदपुर में भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित की।
- बिरसा मुंडा के संघर्ष, बलिदान और आदिवासी अधिकारों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
- जल, जंगल और जमीन की रक्षा को बिरसा मुंडा के आंदोलन की प्रमुख पहचान बताया गया।
- कार्यक्रम में राहुल केशरी, विनोद उरांव, लछुवा लोहरा सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
- बड़ी संख्या में ग्रामीणों और झामुमो कार्यकर्ताओं ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।
- वक्ताओं ने समतामूलक और न्यायपूर्ण समाज निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर खूँटी जिले के कर्रा प्रखंड अंतर्गत जलंगा गोविंदपुर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया ने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान भगवान बिरसा मुंडा के संघर्षमय जीवन, उनके सामाजिक योगदान तथा आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए किए गए प्रयासों को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि बिरसा मुंडा का जीवन केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष को किया याद
श्रद्धांजलि कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक सुदीप गुड़िया ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के ऐसे महानायक थे जिन्होंने शोषण, अन्याय और दमन के विरुद्ध संघर्ष का बिगुल फूंका।
विधायक सुदीप गुड़िया ने कहा: “भगवान बिरसा मुंडा केवल एक महान स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा, आदिवासी समाज के अधिकार, स्वाभिमान एवं अस्मिता के सबसे बड़े प्रतीक हैं।”
उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा ने अपने अल्प जीवनकाल में जो संघर्ष किया, वह आज भी समाज को अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा देता है।
जल, जंगल और जमीन की रक्षा का संदेश
विधायक ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने आदिवासी समाज को संगठित कर उनके अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन चलाया। उन्होंने समाज को अपनी पहचान और संस्कृति के प्रति जागरूक किया।
विधायक सुदीप गुड़िया ने कहा: “उन्होंने अपने अल्प जीवन में शोषण और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष कर समाज को एक नई दिशा प्रदान की। उनका त्याग, बलिदान और संघर्ष आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।”
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भी बिरसा मुंडा के विचार प्रासंगिक हैं और समाज को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।
विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर जोर
कार्यक्रम में विधायक ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा के विचार केवल संघर्ष तक सीमित नहीं थे, बल्कि समाज के समग्र विकास और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण से भी जुड़े थे।
विधायक सुदीप गुड़िया ने कहा: “भगवान बिरसा मुंडा के विचार और आदर्श हमें समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंचाने तथा झारखंड की गौरवशाली संस्कृति, परंपरा और विरासत को संरक्षित रखने की प्रेरणा देते हैं।”
उन्होंने कहा कि राज्य और समाज का विकास तभी संभव है जब सभी वर्गों को समान अवसर मिले और सामाजिक न्याय सुनिश्चित हो।
न्यायपूर्ण समाज निर्माण का लिया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने भगवान बिरसा मुंडा के आदर्शों को अपनाने और समाज के विकास में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
विधायक सुदीप गुड़िया ने कहा: “उनके बताए मार्ग पर चलकर एक न्यायपूर्ण, समतामूलक और विकसित समाज के निर्माण का संकल्प लेना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”
वक्ताओं ने कहा कि बिरसा मुंडा का जीवन युवाओं को नेतृत्व, साहस और समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देता है।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष राहुल केशरी, झामुमो प्रखंड सचिव विनोद उरांव, झामुमो प्रखंड उपाध्यक्ष लछुवा लोहरा, मुखिया छत्री हेमरोम, झामुमो प्रखंड उपाध्यक्ष सोसन होरो, शम्भू शर्मा, नामजन होरो, दिलीप होरो, बाका लकड़ा, सुदेश होरो, सुनील धान, कार्तिक उरांव, रोशन उरांव, गंदुर उरांव, लछु तिर्की, संजय गोप, संजीव सिंह, संदीप कुमार, संतोष सिंह, संजय मुंडा, बिरसा होरो सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं झामुमो कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने भगवान बिरसा मुंडा के चित्र और प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनके संघर्ष और बलिदान को नमन किया।
युवाओं के लिए प्रेरणा हैं धरती आबा
वक्ताओं ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन युवाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, सामाजिक बुराइयों के खिलाफ संघर्ष करने और समाज के कमजोर वर्गों के लिए आवाज उठाने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा ने जो आंदोलन शुरू किया था, उसकी मूल भावना आज भी समाज को एकजुट करने और विकास के मार्ग पर आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
न्यूज़ देखो: विरासत को याद करने का अवसर
भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि केवल श्रद्धांजलि देने का अवसर नहीं, बल्कि उनके विचारों और संघर्ष को समझने का भी महत्वपूर्ण दिन है। जल, जंगल और जमीन के संरक्षण, सामाजिक न्याय और आदिवासी अधिकारों के लिए उनका योगदान आज भी प्रेरणादायी है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी ऐतिहासिक विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं। अब जरूरत है कि उनके आदर्शों को व्यवहारिक जीवन में भी उतारा जाए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
बिरसा मुंडा के सपनों का समाज बनाने का संकल्प लें
इतिहास केवल पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि उससे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने के लिए होता है। भगवान बिरसा मुंडा ने संघर्ष, साहस और सामाजिक न्याय का जो संदेश दिया, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक है।
आइए उनके बलिदान को याद करते हुए समाज में समानता, भाईचारे और न्याय के मूल्यों को मजबूत करने का संकल्प लें। युवाओं को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र और समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
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