
#रांची #गणतंत्रदिवसतैयारी : 26 जनवरी से पहले मोरहाबादी मैदान में परेड, सुरक्षा और समन्वय की व्यापक समीक्षा की गई।
रांची के मोरहाबादी मैदान में 26 जनवरी 2026 को आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस के राज्यस्तरीय समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए फुल ड्रेस रिहर्सल आयोजित की गई। रिहर्सल के दौरान परेड, मार्च पास्ट, सुरक्षा व्यवस्था और कार्यक्रम संचालन को वास्तविक समय के अनुसार दोहराया गया। इसका उद्देश्य आयोजन के दिन किसी भी प्रकार की त्रुटि या अव्यवस्था से बचना रहा। रिहर्सल के बाद सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों की संयुक्त ब्रीफिंग कर जिम्मेदारियों की पुनः समीक्षा की गई।
- मोरहाबादी मैदान, रांची में राज्यस्तरीय समारोह की फुल ड्रेस रिहर्सल।
- 26 जनवरी 2026 को होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह की अंतिम तैयारी।
- परेड, मार्च पास्ट और सलामी का वास्तविक अभ्यास।
- प्रशासनिक और पुलिस पदाधिकारियों की संयुक्त ब्रीफिंग।
- झांकियों, चिकित्सा और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर।
- भारतीय सेना सहित अर्धसैनिक बलों और राज्य पुलिस की टुकड़ियां शामिल।
26 जनवरी 2026 को होने वाले गणतंत्र दिवस के राज्यस्तरीय समारोह को भव्य, अनुशासित और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से मोरहाबादी मैदान में फुल ड्रेस रिहर्सल का आयोजन किया गया। इस रिहर्सल में समारोह के सभी निर्धारित कार्यक्रमों को उसी क्रम और समय-सीमा में दोहराया गया, जैसा आयोजन के दिन किया जाना है। प्रशासन का फोकस आयोजन की गुणवत्ता, सुरक्षा और समन्वय को लेकर पूरी तरह स्पष्ट नजर आया।
परेड और मार्च पास्ट का गहन अभ्यास
फुल ड्रेस रिहर्सल के दौरान परेड में शामिल सभी टुकड़ियों द्वारा अनुशासित मार्च पास्ट प्रस्तुत किया गया। सलामी की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया और परेड की गति, तालमेल तथा क्रमबद्धता पर विशेष ध्यान दिया गया। परेड में शामिल जवानों को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने अनुशासन, समयबद्धता और समन्वय को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच
रिहर्सल के दौरान मोरहाबादी मैदान में दर्शक दीर्घा, मंच, प्रवेश और निकास मार्ग, मीडिया कवरेज क्षेत्र, झांकी मार्ग और अन्य व्यवस्थाओं को भी बारीकी से परखा गया। आयोजन से जुड़े प्रत्येक विभाग की भूमिका और जिम्मेदारी को मौके पर जांचा गया, ताकि वास्तविक समारोह के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी या व्यवस्थागत समस्या उत्पन्न न हो।
रिहर्सल के बाद संयुक्त ब्रीफिंग
फुल ड्रेस रिहर्सल के उपरांत समारोह में प्रतिनियुक्त सभी पदाधिकारियों की संयुक्त ब्रीफिंग आयोजित की गई। इस ब्रीफिंग में जिला स्तर के प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ-साथ पुलिस अधिकारी भी शामिल हुए। गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर जारी संयुक्त आदेश की जानकारी साझा की गई और सभी अधिकारियों को अपने-अपने दायित्वों के प्रति पूरी तरह सजग रहने का निर्देश दिया गया।
समय पर प्रतिनियुक्ति स्थल पर पहुंचने के निर्देश
ब्रीफिंग के दौरान स्पष्ट किया गया कि सभी पदाधिकारी समारोह के दिन समय पर अपने-अपने प्रतिनियुक्ति स्थल पर पहुंचकर सौंपे गए कार्यों का जिम्मेदारी के साथ निर्वहन सुनिश्चित करें। कार्यक्रम की सफलता के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय, झांकियों का तय समय-सीमा में प्रदर्शन और सुदृढ़ चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश
राज्यस्तरीय समारोह की सुरक्षा को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए। आयोजन स्थल पर प्रवेश से पूर्व सघन जांच, पहचान सत्यापन और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने को कहा गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर सुरक्षा में लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी, ताकि समारोह शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो सके।
झांकियों के प्रदर्शन पर विशेष फोकस
गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल झांकियों के सुचारू और अनुशासित प्रदर्शन को लेकर भी संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। झांकियों के क्रम, समय और प्रस्तुति पर विशेष ध्यान देने को कहा गया, ताकि दर्शकों को राज्य की सांस्कृतिक और विकासात्मक झलक प्रभावी ढंग से देखने को मिले।
परेड में शामिल होंगी देश और राज्य की प्रमुख टुकड़ियां
राज्यस्तरीय समारोह की परेड में भारतीय सेना, सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, झारखंड जगुआर, जेएपी की विभिन्न बटालियनें, डीएपी पुरुष एवं महिला टुकड़ी, एसएसबी, छत्तीसगढ़ पुलिस, होमगार्ड तथा एनसीसी की बालक और बालिका टुकड़ियां शामिल होंगी। यह परेड देश की एकता, अनुशासन और सामूहिक शक्ति का प्रतीक बनेगी।
बैण्ड पार्टियों और परेड कमांड की भूमिका
समारोह में आर्मी, जेएपी-1, होमगार्ड और जेएपी-10 महिला बटालियन की बैण्ड पार्टियां भी भाग लेंगी, जो राष्ट्रीय पर्व के माहौल को और अधिक गरिमामय बनाएंगी। परेड का समादेशन भारतीय सेना के कैप्टन मोहित कुमार सुमन द्वारा किया जाएगा, जबकि द्वितीय समादेशक की जिम्मेदारी सुशांत कुमार को सौंपी गई है।
गरिमामय आयोजन की ओर एक मजबूत कदम
फुल ड्रेस रिहर्सल ने यह स्पष्ट कर दिया कि राज्य प्रशासन गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर पूरी तरह तैयार और सतर्क है। इस अभ्यास के माध्यम से छोटी-से-छोटी खामियों को दूर करने का प्रयास किया गया, ताकि 26 जनवरी को समारोह गरिमा, अनुशासन और राष्ट्रीय भावना के अनुरूप संपन्न हो सके।
न्यूज़ देखो: अनुशासन और समन्वय की असली परीक्षा
फुल ड्रेस रिहर्सल यह दर्शाती है कि राज्यस्तरीय समारोह को लेकर प्रशासन कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। परेड से लेकर सुरक्षा और झांकियों तक हर पहलू पर सटीक योजना और निगरानी की जा रही है। अब निगाहें 26 जनवरी पर हैं, जब यह सारी तैयारियां जमीन पर नजर आएंगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
राष्ट्रीय पर्व, सामूहिक जिम्मेदारी
गणतंत्र दिवस केवल एक समारोह नहीं, बल्कि संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का उत्सव है। इसकी सफलता प्रशासन और नागरिकों के साझा प्रयास से ही संभव है। अनुशासन, सहयोग और सजगता ही इस आयोजन की असली ताकत है।
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