
#कोलेबिरा #विदाई_समारोह : प्रखंड सभागार में पदाधिकारियों ने दी सम्मानपूर्ण विदाई।
कोलेबिरा प्रखंड कार्यालय सभागार में शनिवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी वीरेंद्र किंडो के सेवानिवृत्त होने पर विदाई सह सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रखंड एवं अंचल कार्यालय के पदाधिकारी, कर्मी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग शामिल हुए। विभिन्न वक्ताओं ने उनके कार्यकाल और प्रशासनिक योगदान की सराहना की। समारोह सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ और उन्हें सम्मानित कर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं।
- प्रखंड विकास पदाधिकारी वीरेंद्र किंडो के सेवानिवृत्त होने पर आयोजन।
- कोलेबिरा प्रखंड कार्यालय सभागार में शनिवार को कार्यक्रम संपन्न।
- रोस प्रतिमा सोरेन, दुतामी हेमरोम, अनूप कछप सहित कई पदाधिकारी उपस्थित।
- प्रखंड, अंचल कर्मियों, पंचायत सचिव, रोजगार सेवक, एई, जेई, बीपीओ की सहभागिता।
- संचालन गुरुचरण महतो, धन्यवाद ज्ञापन सुनीता देवी द्वारा।
कोलेबिरा प्रखंड कार्यालय सभागार में शनिवार को एक भावनात्मक एवं गरिमामय माहौल के बीच प्रखंड विकास पदाधिकारी वीरेंद्र किंडो को विदाई दी गई। उनके सेवानिवृत्त होने के अवसर पर प्रखंड सह अंचल कार्यालय कर्मियों की ओर से विदाई सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों तथा मीडिया प्रतिनिधियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। समारोह के दौरान वक्ताओं ने उनके कार्यकाल को याद करते हुए प्रशासनिक नेतृत्व और सहयोगात्मक कार्यशैली की सराहना की।
समारोह की औपचारिक शुरुआत और उपस्थिति
कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत संबोधन के साथ हुई। समारोह में प्रखंड एवं अंचल कार्यालय के सभी कर्मी व पदाधिकारी, मीडिया प्रतिनिधि, पंचायत सचिव, रोजगार सेवक, एई, जेई, बीपीओ, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, प्रखंड लघु कुटीर उद्योग पदाधिकारी, पंचायत समिति सदस्य, मुखिया, जिला परिषद अध्यक्ष, प्रखंड प्रमुख, उप प्रमुख सहित कोलेबिरा के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इस व्यापक सहभागिता ने यह स्पष्ट किया कि वीरेंद्र किंडो का कार्यकाल प्रशासनिक दायित्वों से आगे बढ़कर सामूहिक समन्वय और सहभागिता पर आधारित रहा।
जनप्रतिनिधियों ने साझा किए अनुभव
जिला परिषद अध्यक्ष रोस प्रतिमा सोरेन का संबोधन
जिला परिषद अध्यक्ष रोस प्रतिमा सोरेन ने अपने संबोधन में सेवानिवृत्ति को जीवन का स्वाभाविक पड़ाव बताया।
रोस प्रतिमा सोरेन ने कहा: “जिस प्रकार किसी अधिकारी का स्वागत हर्षोल्लास से किया जाता है, उसी प्रकार उनके कार्यकाल की पूर्णता पर सम्मानपूर्वक विदाई भी दी जानी चाहिए।”
उन्होंने वीरेंद्र किंडो के प्रशासनिक योगदान की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और स्वस्थ जीवन की कामना की।
प्रखंड प्रमुख दुतामी हेमरोम का वक्तव्य
प्रखंड प्रमुख दुतामी हेमरोम ने कहा कि उनके कार्यकाल में सभी के सहयोग से विकास कार्यों को गति मिली।
दुतामी हेमरोम ने कहा: “वीरेंद्र किंडो के साथ कार्य करते समय कभी यह महसूस नहीं हुआ कि वे केवल पदाधिकारी हैं, बल्कि एक परिवार के सदस्य की तरह मिलजुलकर कार्य किया गया।”
उन्होंने कामना की कि सेवानिवृत्ति के बाद वे अपने परिवार के साथ सुखद समय व्यतीत करें।
अंचल अधिकारी अनूप कछप ने किया अनुभव साझा
अंचल अधिकारी अनूप कछप ने कहा कि कुछ अधिकारी अपने व्यवहार और नेतृत्व से विशेष छाप छोड़ जाते हैं।
अनूप कछप ने कहा: “वीरेंद्र किंडो के सानिध्य में रहकर काफी कुछ सीखने का अवसर मिला और उनके नेतृत्व में प्रखंड एवं अंचल प्रशासन सुचारु रूप से संचालित होता रहा।”
उन्होंने उनके कार्यकाल को प्रशासनिक समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
गीत, शायरी और सम्मान से भावुक हुआ माहौल
समारोह के दौरान कई लोगों ने गीत, शायरी और कविता के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। भावुक माहौल के बीच उपस्थित सभी लोगों ने बुके, माला एवं उपहार भेंट कर उन्हें सम्मानित किया।
पंचायत समिति सदस्य, मुखिया, प्रखंड कर्मी, अंचल कर्मी, मीडिया प्रतिनिधि तथा गणमान्य लोगों ने एक स्वर में उनके स्वस्थ, सुखद एवं समृद्ध जीवन की कामना की। साथ ही भविष्य में भी कोलेबिरा आने का आग्रह किया गया।
संचालन और धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम का संचालन गुरुचरण महतो ने किया। उन्होंने पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाया और सभी वक्ताओं को आमंत्रित किया।
अंत में प्रखंड उप प्रमुख सुनीता देवी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह समारोह केवल एक औपचारिक विदाई नहीं, बल्कि उनके योगदान के प्रति सम्मान का प्रतीक है। समारोह सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
न्यूज़ देखो: सेवा, समन्वय और सम्मान की मिसाल
कोलेबिरा में आयोजित यह समारोह बताता है कि प्रशासनिक दायित्व केवल फाइलों तक सीमित नहीं होते, बल्कि मानवीय संबंधों और सहयोग से भी जुड़े होते हैं। वीरेंद्र किंडो के कार्यकाल को जिस तरह से याद किया गया, वह स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच सकारात्मक समन्वय का संकेत देता है। सेवानिवृत्ति के ऐसे अवसर यह भी दर्शाते हैं कि एक अधिकारी का आचरण और नेतृत्व शैली ही उसकी असली पहचान बनती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
प्रशासनिक परंपराओं को मजबूत करने का संकल्प
ऐसे आयोजन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संस्थागत संस्कृति का हिस्सा होते हैं। जब किसी अधिकारी को सम्मानपूर्वक विदाई दी जाती है, तो यह आने वाली पीढ़ी के कर्मियों के लिए भी प्रेरणा बनती है।
हमें प्रशासन और समाज के बीच सहयोग की इस भावना को बनाए रखना चाहिए।
सम्मान और संवाद से ही विकास की राह मजबूत होती है।






