#सिमडेगा #स्वास्थ्य_अभियान : लक्ष्य पूर्ति हेतु अभियान अवधि बढ़ाने का लिया गया निर्णय।
सिमडेगा जिला टास्क फोर्स की बैठक में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई, जिसमें 24 फरवरी 2026 तक 82 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति दर्ज की गई। उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पीछे रह गए क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। लक्ष्य को 95 प्रतिशत तक पहुंचाने के लिए कार्यक्रम की अवधि एक सप्ताह बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
- उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित।
- 24 फरवरी 2026 तक अभियान में 82 प्रतिशत लक्ष्य हासिल।
- कोलेबिरा, सिमडेगा एवं पाकरटांड़ प्रखंडों की प्रगति की समीक्षा।
- लक्ष्य पूर्ति के लिए अभियान अवधि एक सप्ताह बढ़ाने का निर्णय।
- 95 प्रतिशत लक्ष्य हेतु विशेष अभियान चलाने के निर्देश जारी।
सिमडेगा जिले में संचालित फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की प्रगति की समीक्षा को लेकर समाहरणालय सभागार में जिला टास्क फोर्स (DTF) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त श्रीमती कंचन सिंह ने की, जिसमें जिले में 10 फरवरी से चल रहे अभियान की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। समीक्षा के दौरान 24 फरवरी 2026 तक 82 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति पर संतोष व्यक्त किया गया, वहीं शेष लक्ष्य को शीघ्र पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया।
अभियान की प्रगति पर विस्तृत समीक्षा
बैठक में विशेष रूप से कोलेबिरा, सिमडेगा एवं पाकरटांड़ प्रखंडों में संचालित फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि अभियान के तहत घर-घर जाकर दवा वितरण, जागरूकता अभियान तथा सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से लोगों को इस गंभीर बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
24 फरवरी 2026 तक 82 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त होने को एक सकारात्मक उपलब्धि माना गया, हालांकि उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जब तक शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त नहीं होता, तब तक अभियान को और प्रभावी रूप से जारी रखना आवश्यक है।
पीछे रह गए क्षेत्रों में विशेष अभियान का निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान यह पाया गया कि कुछ क्षेत्रों में लक्ष्य की प्राप्ति अपेक्षाकृत धीमी रही है। इस पर उपायुक्त कंचन सिंह ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सिमडेगा एवं कोलेबिरा को निर्देश दिया कि लक्ष्य से पीछे रह गए क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर दवा सेवन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि फाइलेरिया जैसी बीमारी की रोकथाम के लिए सामूहिक प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए। समयबद्ध रणनीति के साथ घर-घर संपर्क अभियान को और तेज करने पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम की अवधि बढ़ाने का लिया गया निर्णय
बैठक में लक्ष्य पूर्ति को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की अवधि एक सप्ताह के लिए बढ़ाई जाएगी। इस निर्णय का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक दवा की पहुंच सुनिश्चित करना तथा छूटे हुए लाभार्थियों को अभियान से जोड़ना है।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विस्तारित अवधि का प्रभावी उपयोग करते हुए शेष लक्ष्य को शीघ्र पूरा किया जाए और अभियान की मॉनिटरिंग नियमित रूप से की जाए।
95 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति पर विशेष जोर
बैठक में यह भी बताया गया कि अभियान की सफलता के लिए 95 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए विशिष्ट पहचान, समय पर समावेशी प्रयास और विभागीय समन्वय को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि ऐसे परिवारों और व्यक्तियों की पहचान की जाए जिन्होंने अभी तक दवा का सेवन नहीं किया है और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर अभियान में शामिल किया जाए। साथ ही जनजागरूकता कार्यक्रमों को और सशक्त बनाने पर भी बल दिया गया।
जनजागरूकता और समन्वित प्रयासों की आवश्यकता
बैठक के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि फाइलेरिया उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग का कार्य नहीं है, बल्कि इसमें शिक्षा, समाज कल्याण, जनसंपर्क और पंचायत स्तर तक सभी विभागों की सहभागिता आवश्यक है।
अधिकारियों ने कहा कि विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लोगों को दवा सेवन के महत्व के बारे में जागरूक करना अभियान की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
बैठक में उपस्थित अधिकारी और पदाधिकारी
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पलटू महतो, जिला शिक्षा पदाधिकारी मिथलेश केरकेट्टा, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सुरज मुन्नी कुमारी, जिला मलेरिया पदाधिकारी, JSLPS जिला कार्यक्रम प्रबंधक, चिकित्सा पदाधिकारी कोलेबिरा एवं सिमडेगा, जिला VBD सलाहकार, पिरामल प्रतिनिधि तथा स्वास्थ्य विभाग के कर्मी उपस्थित रहे।
सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से संबंधित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए सुझाव भी दिए।
स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को जिले के सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। यह अभियान न केवल बीमारी की रोकथाम में सहायक है, बल्कि दीर्घकालिक स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में भी एक ठोस कदम है।
उपायुक्त ने कहा कि समय पर दवा सेवन और सामुदायिक जागरूकता से ही इस बीमारी को जड़ से समाप्त किया जा सकता है और इसके लिए प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है।
न्यूज़ देखो: लक्ष्य के करीब पहुंचा अभियान, अब अंतिम चरण पर फोकस
सिमडेगा में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की 82 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति स्वास्थ्य विभाग के समन्वित प्रयासों को दर्शाती है। हालांकि शेष लक्ष्य की पूर्ति के लिए जमीनी स्तर पर और तेज कार्रवाई की आवश्यकता है। अभियान की अवधि बढ़ाना प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है, लेकिन अब यह देखना अहम होगा कि 95 प्रतिशत लक्ष्य कब तक हासिल होता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
स्वस्थ समाज की ओर बढ़ते कदम, जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव
फाइलेरिया जैसी बीमारी से बचाव के लिए जागरूकता और समय पर दवा सेवन बेहद जरूरी है।
हर नागरिक की भागीदारी से ही ऐसे अभियानों को पूर्ण सफलता मिल सकती है।
स्वास्थ्य सुरक्षा केवल सरकार नहीं, समाज की भी जिम्मेदारी है।
अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी दवा सेवन के लिए प्रेरित करें।
जागरूक बनें, स्वस्थ रहें और दूसरों को भी जागरूक करें।
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