#लातेहार #बैंकिंग_समीक्षा : डीसीसी एवं डीएलआरएसी बैठक में ऋण स्वीकृति और योजनाओं की प्रगति पर हुई विस्तृत समीक्षा।
लातेहार समाहरणालय सभागार में बुधवार को उपायुक्त संदीप कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीसीसी) एवं डीएलआरएसी की चतुर्थ त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में वार्षिक साख योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, सीडी रेशियो तथा सरकार प्रायोजित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने लक्ष्य के अनुरूप ऋण वितरण में तेजी लाने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में बैंक अधिकारियों, नाबार्ड, रिजर्व बैंक एवं विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
- उपायुक्त संदीप कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में डीसीसी एवं डीएलआरएसी बैठक आयोजित हुई।
- वार्षिक साख योजना और किसान क्रेडिट कार्ड की प्रगति की समीक्षा कर बैंकों को लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया गया।
- जिले की सीडी रेशियो 42.75 प्रतिशत रहने पर सुधारात्मक प्रयास तेज करने की बात कही गई।
- किसानों को प्राथमिकता के आधार पर केसीसी ऋण स्वीकृति देने पर जोर दिया गया।
- नाबार्ड द्वारा प्रकाशित “संभाव्यतायुक्त ऋण योजना 2026-27” पुस्तक का विमोचन किया गया।
- बैठक में विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक, एलडीएम और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
लातेहार समाहरणालय सभागार में बुधवार को आयोजित जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीसीसी) एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति (डीएलआरएसी) की बैठक में बैंकिंग योजनाओं की प्रगति, ऋण वितरण और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त संदीप कुमार ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए बैंक अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाओं के संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी बैंक आमजनों को समय पर वित्तीय सुविधा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
वार्षिक साख योजना की उपलब्धियों की हुई समीक्षा
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत वार्षिक साख योजना की उपलब्धियों की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कई योजनाओं में लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि नहीं हो सकी है। इस पर उपायुक्त ने नाराजगी जताते हुए बैंकों को गंभीरता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त संदीप कुमार ने कहा: “बैंक निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करना सुनिश्चित करें। योजनाओं में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।”
बैठक में बताया गया कि मार्च 2026 तक जिले की कुल सीडी रेशियो 42.75 प्रतिशत रही है। उपायुक्त ने इस आंकड़े में सुधार लाने के लिए बैंक अधिकारियों को विशेष रणनीति के साथ कार्य करने को कहा।
किसान क्रेडिट कार्ड योजना पर विशेष जोर
बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। एलडीएम द्वारा जानकारी दी गई कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले के लिए कुल 74,944 किसानों को केसीसी से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके विरुद्ध ₹42143.96 लाख ऋण वितरण का लक्ष्य तय किया गया।
अब तक कुल 7,915 किसानों को ₹4478.31 लाख का ऋण वितरित किया गया है, जो लक्ष्य राशि का लगभग 8.81 प्रतिशत है। वहीं अब तक कुल 29,301 किसानों को ₹25619.57 लाख की राशि वितरित की जा चुकी है।
उपायुक्त ने कहा कि जिले के अधिक से अधिक किसानों को केसीसी योजना से जोड़ना आवश्यक है, ताकि कृषि कार्यों को बढ़ावा मिल सके और किसान आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें।
उपायुक्त संदीप कुमार ने कहा: “किसानों को प्राथमिकता के आधार पर केसीसी का लाभ दिया जाए और ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।”
पीएम किसान लाभुकों और लैंड होल्डिंग की जानकारी साझा
बैठक के दौरान यह भी बताया गया कि जिले में कुल 77,791 लैंड होल्डिंग मौजूद हैं। वहीं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत डीबीटी माध्यम से भुगतान प्राप्त करने वाले लाभुकों की संख्या 68,508 तक पहुंच चुकी है।
अधिकारियों ने बताया कि कृषि आधारित योजनाओं में बैंकिंग सहयोग बढ़ाने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के लाभुकों तक समय पर सहायता पहुंचाने का निर्देश दिया।
स्वरोजगार और विकास योजनाओं में बैंक सहभागिता पर जोर
बैठक में स्वरोजगार, कृषि, मत्स्य, पशुपालन, शिक्षा तथा अन्य विकासात्मक योजनाओं की समीक्षा भी की गई। उपायुक्त ने कहा कि इन योजनाओं की सफलता के लिए बैंकों की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है।
उन्होंने सभी बैंक प्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा, ताकि आम जनता को समय पर ऋण और अन्य बैंकिंग सुविधाएं मिल सकें।
नाबार्ड की संभाव्यतायुक्त ऋण योजना पुस्तक का विमोचन
बैठक के दौरान नाबार्ड द्वारा प्रकाशित “संभाव्यतायुक्त ऋण योजना (Potential Linked Credit Plan) 2026-2027” पुस्तक का विमोचन भी किया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह योजना जिले में वित्तीय गतिविधियों और विकास योजनाओं को नई दिशा देने में सहायक साबित होगी।
बैठक में उप विकास आयुक्त सैय्यद रियाज अहमद, भारतीय रिजर्व बैंक रांची की अग्रणी विकास अधिकारी मृदुला सोरेन, एलडीएम, विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
न्यूज़ देखो: बैंकिंग योजनाओं की सफलता से ही मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
लातेहार में आयोजित यह समीक्षा बैठक स्पष्ट संकेत देती है कि प्रशासन अब सरकारी योजनाओं की प्रगति को लेकर अधिक गंभीर नजर आ रहा है। किसान क्रेडिट कार्ड, स्वरोजगार और विकास योजनाओं में बैंकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन कई योजनाओं में लक्ष्य से कम उपलब्धि चिंता का विषय भी है। यदि बैंक और प्रशासन मिलकर बेहतर समन्वय स्थापित करें तो किसानों, युवाओं और छोटे व्यवसायियों को इसका बड़ा लाभ मिल सकता है। अब देखना होगा कि बैठक में दिए गए निर्देश जमीनी स्तर पर कितनी तेजी से लागू होते हैं।
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योजनाओं का लाभ तभी मिलेगा जब व्यवस्था सक्रिय और जवाबदेह बने
सरकारी योजनाएं तभी सफल मानी जाएंगी जब उनका लाभ समय पर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। किसानों, युवाओं और जरूरतमंद लोगों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ना विकास की सबसे बड़ी आवश्यकता है। प्रशासन और बैंक यदि समन्वय के साथ कार्य करें तो ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक बदलाव की नई तस्वीर उभर सकती है।
आप भी अपने क्षेत्र में चल रही योजनाओं की जानकारी रखें और जरूरत पड़ने पर संबंधित विभाग से संपर्क करें। जागरूक नागरिक ही विकास की असली ताकत होते हैं। अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं और जनहित की आवाज को मजबूत बनाएं।

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