
#पलामू #सड़क_सुरक्षा : लगातार जागरूकता अभियानों से बदली तस्वीर, दुर्घटनाओं में आई उल्लेखनीय कमी।
पलामू में वर्षों से सड़क सुरक्षा को लेकर चल रहे जागरूकता अभियानों का सकारात्मक असर अब साफ नजर आने लगा है। पिकनिक और नववर्ष के दौरान जहां पहले सड़क दुर्घटनाओं की संख्या अधिक रहती थी, वहीं इस बार स्थिति अपेक्षाकृत सुरक्षित रही। वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट की सचिव शर्मिला वर्मा ने इसे सामूहिक प्रयासों की सफलता बताया है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव लोगों में बढ़ती जागरूकता का संकेत है, जिसे और मजबूत करने की जरूरत है।
- वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट वर्षों से चला रहा सड़क सुरक्षा अभियान।
- 25 दिसंबर से 1–2 जनवरी के बीच पहले होती थीं अधिक दुर्घटनाएं।
- इस बार पिकनिक सीजन में बड़ी सड़क दुर्घटनाएं नहीं हुईं।
- मीडिया और प्रशासन के सहयोग को बताया सफलता का कारण।
- नाबालिग, नशे में ड्राइविंग और ओवरस्पीड पर सख्ती की जरूरत।
पलामू प्रमंडल में सड़क सुरक्षा को लेकर लंबे समय से काम कर रही वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट ने इस बार राहत की सांस ली है। संस्था की सचिव शर्मिला वर्मा ने बताया कि पहले हर साल 25 दिसंबर से लेकर 1–2 जनवरी के बीच सड़क दुर्घटनाओं की संख्या काफी अधिक रहती थी, लेकिन इस बार पिकनिक सीजन में ऐसी कोई बड़ी दुर्घटना सामने नहीं आई, जो एक बेहद सकारात्मक संकेत है।
उन्होंने कहा कि यह सफलता किसी एक संस्था या व्यक्ति की नहीं है, बल्कि इसमें रेडियो, टीवी चैनल, समाचार पत्रों और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयासों की बड़ी भूमिका रही है। लगातार प्रसारित संदेशों और सघन जांच के कारण लोगों में नियमों के प्रति डर और जिम्मेदारी दोनों बढ़ी है।
जागरूकता अभियानों से बदली तस्वीर
शर्मिला वर्मा ने बताया कि वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट पलामू प्रमंडल की एकमात्र ऐसी संस्था है, जो सालों से लगातार सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चला रही है। इन अभियानों के माध्यम से लोगों को हेलमेट, सीट बेल्ट, गति सीमा और नशे में वाहन न चलाने के प्रति जागरूक किया जाता रहा है।
उनका कहना है कि अब आम लोग भी यह समझने लगे हैं कि सड़क नियम केवल जुर्माने से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी और दूसरों की जान बचाने के लिए हैं।
अभी और मेहनत की जरूरत
हालांकि राहत भरी स्थिति के बावजूद शर्मिला वर्मा ने स्पष्ट किया कि अभी संतोष करने का समय नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक हर व्यक्ति पूरी तरह जागरूक नहीं हो जाता, तब तक प्रयास जारी रखने होंगे।
उन्होंने विशेष रूप से कम उम्र के युवाओं द्वारा जिगजैग ड्राइविंग, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने, नशे में ड्राइविंग, ओवरस्पीड और ट्रिपल लोडिंग को सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बताया। उनके अनुसार:
शर्मिला वर्मा ने कहा: “अधिकतर दुर्घटनाएं उन्हीं लोगों की वजह से होती हैं, जो नियमों की अनदेखी करते हैं। इन पर सख्ती बेहद जरूरी है।”
जनवरी में मनाया जाएगा सड़क सुरक्षा माह
शर्मिला वर्मा ने जानकारी दी कि 1 जनवरी से 31 जनवरी तक सड़क सुरक्षा जागरूकता माह मनाया जाता है। इस दौरान वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा विभिन्न कार्यक्रम, रैली, जनसंवाद और जागरूकता अभियान आयोजित किए जाएंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग सड़क सुरक्षा के महत्व को समझ सकें।
इन कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल नियम बताना नहीं, बल्कि लोगों के व्यवहार में स्थायी बदलाव लाना है।
राहवीर योजना की दी जानकारी
उन्होंने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि सड़क पर किसी व्यक्ति के साथ दुर्घटना हो जाए, तो डरें नहीं, बल्कि उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं। सरकार की राहवीर योजना के तहत ऐसे मददगार नागरिकों को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाता है।
यह योजना लोगों को मानवता और जिम्मेदारी के साथ आगे आने के लिए प्रेरित करती है।
न्यूज़ देखो: जागरूकता से ही घटेंगी सड़क मौतें
यह खबर दिखाती है कि निरंतर जागरूकता और सामूहिक प्रयासों से सड़क दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। प्रशासन, मीडिया और सामाजिक संस्थाओं का तालमेल अगर इसी तरह बना रहा, तो आने वाले समय में सड़क सुरक्षा की तस्वीर और बेहतर हो सकती है। सवाल यह है कि क्या समाज का हर वर्ग इसमें अपनी जिम्मेदारी निभाएगा? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सजग रहें, सुरक्षित रहें — यही असली संकल्प
सड़क पर आपकी एक छोटी सी सावधानी किसी की पूरी जिंदगी बचा सकती है।
नियमों का पालन करें, दूसरों को भी जागरूक करें और जरूरतमंद की मदद के लिए आगे आएं।
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