
#दुमका #सड़क_सुरक्षा : आउटडोर स्टेडियम में लाइसेंस अभ्यर्थियों को दिए गए यातायात नियमों के व्यावहारिक संदेश।
दुमका में सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत आज एक विशेष जागरूकता अभियान आयोजित किया गया, जिसमें ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट के लिए आए अभ्यर्थियों को यातायात नियमों की जानकारी दी गई। आउटडोर स्टेडियम परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में मोटरयान निरीक्षक की मौजूदगी में सुरक्षित ड्राइविंग से जुड़े जरूरी पहलुओं पर चर्चा की गई। अभियान का उद्देश्य नए चालकों को नियमों के प्रति जिम्मेदार बनाना और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना रहा।
- आउटडोर स्टेडियम, दुमका में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान आयोजित।
- मोटरयान निरीक्षक, दुमका की उपस्थिति में अभ्यर्थियों को दी गई जानकारी।
- हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग पर जोर।
- स्पीड लिमिट और ट्रैफिक सिग्नल के पालन की अपील।
- मोबाइल फोन और नशे में वाहन चलाने से बचने की सख्त सलाह।
सड़क सुरक्षा माह 2026 के अवसर पर दुमका जिला प्रशासन और परिवहन विभाग द्वारा लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज आउटडोर स्टेडियम परिसर में उस समय विशेष अभियान चलाया गया, जब बड़ी संख्या में युवा और अन्य अभ्यर्थी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए टेस्ट देने पहुंचे थे। मौके पर मौजूद मोटरयान निरीक्षक ने इसे सही समय पर सही समूह तक संदेश पहुंचाने की पहल बताया।
लाइसेंस टेस्ट के साथ मिला सुरक्षा का संदेश
अभियान के दौरान ड्राइविंग टेस्ट देने आए अभ्यर्थियों को केवल तकनीकी परीक्षा तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उन्हें सड़क पर सुरक्षित व्यवहार की भी जानकारी दी गई। मोटरयान निरीक्षक ने बताया कि लाइसेंस केवल वाहन चलाने की अनुमति नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि नियमों की जानकारी और उनका पालन ही सुरक्षित यात्रा की कुंजी है।
हेलमेट और सीट बेल्ट पर विशेष जोर
कार्यक्रम में दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया। बताया गया कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर चोट और मौत का मुख्य कारण सुरक्षा उपकरणों का उपयोग न करना होता है। अभ्यर्थियों को यह भी बताया गया कि बिना हेलमेट या सीट बेल्ट वाहन चलाने पर कानूनी कार्रवाई के साथ जान का जोखिम भी बढ़ जाता है।
स्पीड लिमिट और ट्रैफिक सिग्नल का पालन जरूरी
मोटरयान निरीक्षक ने अभ्यर्थियों को स्पीड लिमिट, जेब्रा क्रॉसिंग, ट्रैफिक सिग्नल और लेन ड्राइविंग के नियमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जल्दबाजी और लापरवाही ही सड़क दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण है। नियमों का पालन न केवल चालकों की सुरक्षा करता है, बल्कि पैदल यात्रियों और अन्य वाहन चालकों की जान भी बचाता है।
मोबाइल और नशे में ड्राइविंग पर सख्त चेतावनी
अभियान के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए वाहन चलाने और ड्रिंक एंड ड्राइव के खतरों पर विशेष रूप से चेताया गया। अधिकारियों ने बताया कि कुछ सेकंड की लापरवाही पूरे परिवार के लिए जीवनभर का दुख बन सकती है। अभ्यर्थियों को स्पष्ट शब्दों में कहा गया कि ऐसी गलतियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाती है।
सुरक्षित घर पहुंचना ही असली मंजिल
मोटरयान निरीक्षक ने अपने संदेश में कहा:
मोटरयान निरीक्षक ने कहा: “नियमों का पालन करें, सुरक्षित घर पहुँचें।”
उन्होंने कहा कि सड़क पर निकलने वाला हर व्यक्ति किसी न किसी का परिवार है, इसलिए जिम्मेदार ड्राइविंग ही सच्ची समझदारी है।
युवाओं को बनाया जा रहा जागरूक
इस अभियान में विशेष रूप से युवाओं को केंद्र में रखा गया, क्योंकि नई पीढ़ी सड़क सुरक्षा के नियमों को अपनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि लाइसेंस टेस्ट के साथ मिला यह संदेश अभ्यर्थियों को जीवनभर याद रहेगा।
न्यूज़ देखो: जागरूकता से ही घटेंगी सड़क दुर्घटनाएं
ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट के दौरान सड़क सुरक्षा की जानकारी देना एक सराहनीय पहल है। इससे नए चालक शुरुआत से ही नियमों के महत्व को समझते हैं और जिम्मेदार नागरिक बनते हैं। ऐसे अभियान यह भी दर्शाते हैं कि प्रशासन केवल नियम लागू करने तक सीमित नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक बनाकर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए गंभीर है। आने वाले समय में ऐसे प्रयास कितने प्रभावी होते हैं, इस पर भी नजर रखी जाएगी।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सुरक्षित सड़क, सुरक्षित भविष्य की ओर कदम
सड़क पर आपकी एक सही आदत किसी की जान बचा सकती है।
हेलमेट पहनें, सीट बेल्ट लगाएं और नियमों का सम्मान करें।
याद रखें, मंजिल से ज्यादा जरूरी सुरक्षित पहुंचना है।
आप भी सड़क सुरक्षा के इस संदेश को अपनाएं और दूसरों तक पहुंचाएं।
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