
#सिमडेगा #सड़क_सुरक्षा : राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत समाहरणालय परिसर में शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
सिमडेगा समाहरणालय परिसर में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत सड़क सुरक्षा शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और सरकारी कर्मियों व नागरिकों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यक्रम में सुरक्षित ड्राइविंग, यातायात अनुशासन और जिम्मेदार नागरिक व्यवहार पर विशेष जोर दिया गया।
- उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में शपथ ग्रहण कार्यक्रम।
- राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 के तहत आयोजन।
- हेलमेट व सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग पर जोर।
- मोबाइल फोन का उपयोग न करने की शपथ।
- समाहरणालय के सभी पदाधिकारी व कर्मी रहे उपस्थित।
सड़क दुर्घटनाओं में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए आमजन एवं सरकारी कर्मियों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना समय की बड़ी आवश्यकता बन गई है। इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 के अंतर्गत सिमडेगा समाहरणालय परिसर में एक महत्वपूर्ण सड़क सुरक्षा शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त सिमडेगा कंचन सिंह ने की।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी जिला स्तरीय पदाधिकारियों, समाहरणालय कर्मियों एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारियों को सड़क सुरक्षा नियमों का ईमानदारी से पालन करने की शपथ दिलाई गई। इस दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सड़क सुरक्षा केवल कानून का विषय नहीं, बल्कि यह जीवन की सुरक्षा से जुड़ा हुआ मुद्दा है।
सड़क सुरक्षा को लेकर उपायुक्त का स्पष्ट संदेश
शपथ ग्रहण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त कंचन सिंह ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण मानवीय लापरवाही है। उन्होंने कहा कि अधिकांश दुर्घटनाएं हेलमेट या सीट बेल्ट का उपयोग न करने, तेज गति, शराब पीकर वाहन चलाने और मोबाइल फोन के प्रयोग के कारण होती हैं।
उपायुक्त ने सभी उपस्थित कर्मियों को यह शपथ दिलाई कि वे वाहन चलाते समय हेलमेट एवं सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करेंगे, निर्धारित गति सीमा का पालन करेंगे और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन से बात या मैसेज नहीं करेंगे।
उपायुक्त कंचन सिंह ने कहा: “सड़क सुरक्षा नियमों का पालन केवल अपने लिए नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है।”
सुरक्षित ड्राइविंग और यातायात अनुशासन पर जोर
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने सुरक्षित ड्राइविंग को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जल्दबाजी और लापरवाही से वाहन चलाना न केवल स्वयं के लिए, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों के लिए भी खतरनाक साबित होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि यातायात नियमों का पालन केवल डर या चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक होने के नाते किया जाना चाहिए। उपायुक्त ने सभी कर्मियों से अपील की कि वे स्वयं नियमों का पालन करें और अपने परिवार के सदस्यों, मित्रों एवं परिचितों को भी यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित करें।
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का उद्देश्य
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का आयोजन पूरे देश में प्रत्येक वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से किया जाता है। इस माह के दौरान विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम, शपथ ग्रहण, रैलियां, सेमिनार और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
सिमडेगा जिले में भी इस माह के तहत विभिन्न विभागों द्वारा लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि आम नागरिकों में सड़क सुरक्षा को लेकर व्यवहारिक बदलाव लाया जा सके।
सरकारी कर्मियों की भूमिका पर विशेष फोकस
कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि सरकारी कर्मी समाज के लिए उदाहरण होते हैं। यदि अधिकारी और कर्मचारी स्वयं नियमों का पालन करेंगे, तो आम नागरिक भी उनसे प्रेरणा लेंगे। इसी सोच के तहत समाहरणालय में शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया, ताकि प्रशासनिक तंत्र से ही सड़क सुरक्षा का सकारात्मक संदेश समाज में जाए।
उपस्थित रहे जिले के अधिकारी और कर्मचारी
इस अवसर पर समाहरणालय के सभी शाखाओं के अधिकारी-कर्मचारी, जिला स्तरीय पदाधिकारी तथा अन्य कर्मीगण उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का वातावरण अनुशासित और प्रेरणादायक रहा, जहां सभी ने यह महसूस किया कि सड़क सुरक्षा किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।
सड़क सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी
कार्यक्रम के दौरान यह भी रेखांकित किया गया कि सड़क दुर्घटनाएं केवल एक व्यक्ति या परिवार को ही नहीं, बल्कि पूरे समाज को प्रभावित करती हैं। दुर्घटनाओं से होने वाली जनहानि, आर्थिक नुकसान और मानसिक पीड़ा को केवल जागरूकता और नियमों के पालन से ही रोका जा सकता है।
उपायुक्त ने कहा कि यदि हर व्यक्ति थोड़ी-सी सावधानी बरते, तो सैकड़ों जानें बचाई जा सकती हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि सड़क पर चलते समय धैर्य, अनुशासन और संवेदनशीलता का परिचय दें।
न्यूज़ देखो: सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी अब भी चुनौती
समाहरणालय में आयोजित यह शपथ ग्रहण कार्यक्रम प्रशासन की सकारात्मक पहल को दर्शाता है, लेकिन असली परीक्षा सड़क पर नियमों के पालन से होगी। सवाल यह है कि क्या यह जागरूकता व्यवहार में भी दिखेगी। सड़क सुरक्षा को लेकर निरंतर निगरानी और जनभागीदारी ही इसका स्थायी समाधान है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सुरक्षित सड़कें, सुरक्षित जीवन का संकल्प
सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कर हम न केवल अपनी, बल्कि दूसरों की जिंदगी भी सुरक्षित कर सकते हैं।
इस जागरूकता को अपने परिवार और समाज तक पहुंचाएं, अपनी राय कमेंट में साझा करें और इस खबर को आगे बढ़ाकर सड़क सुरक्षा का संदेश फैलाएं।







