
#खलारी #आधुनिक_शिक्षा : रोबोटिक्स कक्षाओं से तकनीकी ज्ञान—छात्रों में दिखा उत्साह।
रांची के खलारी स्थित डीएवी स्कूल में रोबोटिक्स कक्षाओं की शुरुआत की गई है। इस पहल के तहत छात्रों को तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए विशेष सत्र आयोजित किए गए। विद्यालय का उद्देश्य छात्रों को आधुनिक तकनीक के अनुरूप तैयार करना है।
- डीएवी खलारी में रोबोटिक्स कक्षाओं का शुभारंभ।
- डॉ. कमलेश कुमार ने दी जानकारी।
- कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों के लिए विशेष प्रशिक्षण।
- A-Bot मॉडल से प्रायोगिक प्रदर्शन कराया गया।
- छात्रों में तकनीकी सीखने को लेकर उत्साह।
खलारी स्थित डीएवी स्कूल में आधुनिक शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए रोबोटिक्स की कक्षाएं शुरू की गई हैं। यह पहल विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी दुनिया के लिए तैयार करने के उद्देश्य से की गई है।
विद्यालय परिसर में आयोजित इन कक्षाओं में छात्रों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और नई तकनीक को सीखने में गहरी रुचि दिखाई।
प्राचार्य ने बताई पहल की जरूरत
विद्यालय के प्राचार्य डॉ. कमलेश कुमार ने बताया कि आज के समय में तकनीक का महत्व लगातार बढ़ रहा है और विद्यार्थियों को इसके अनुरूप तैयार करना आवश्यक है।
डॉ. कमलेश कुमार ने कहा: “रोबोटिक्स अब केवल कल्पना नहीं, बल्कि वास्तविक जीवन का हिस्सा बन चुका है।”
उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ रोबोटिक्स का विकास छात्रों के लिए नए अवसर खोल रहा है।
वर्गानुसार प्रशिक्षण की व्यवस्था
विद्यालय में रोबोटिक्स शिक्षा को विभिन्न स्तरों में विभाजित किया गया है—
- नर्सरी से द्वितीय कक्षा
- तृतीय से पाँचवीं कक्षा
- छठी से आठवीं कक्षा
फिलहाल कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाएं आयोजित की गई हैं।
प्रायोगिक सत्र में दिखा उत्साह
रोबोटिक्स कक्षा के दौरान A-Bot मॉडल के माध्यम से छात्रों को तकनीकी जानकारी दी गई। सातवीं कक्षा के छात्रों को मल्टीपल रिमोट कार और अन्य मैकेनिकल मॉडल्स के बारे में बताया गया।
छात्रों ने कहा: “रोबोट को खुद चलाने का अनुभव बहुत रोमांचक रहा।”
कुछ छात्रों को स्वयं मॉडल संचालित करने का मौका मिला, जिससे उनका उत्साह और बढ़ गया।
तार्किक सोच और टीम वर्क का विकास
विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि रोबोटिक्स शिक्षा से छात्रों में—
- तार्किक सोच
- टीम वर्क
- तकनीकी समझ
का विकास होगा।
यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें इंजीनियरिंग और कंप्यूटर विज्ञान का समन्वय होता है।
भविष्य की तैयारी
प्राचार्य ने बताया कि अभी यह कार्यक्रम सीमित कक्षाओं में शुरू किया गया है, लेकिन भविष्य में इसे सभी कक्षाओं तक विस्तारित किया जाएगा।
इससे अधिक से अधिक छात्रों को आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ने का अवसर मिलेगा।
शिक्षा में नई दिशा
यह पहल डीएवी खलारी को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में आगे ले जाने का प्रयास है और छात्रों को प्रतिस्पर्धी दुनिया के लिए तैयार करने का एक मजबूत कदम है।

न्यूज़ देखो: शिक्षा में तकनीक का बढ़ता महत्व
खलारी में रोबोटिक्स शिक्षा की शुरुआत यह दर्शाती है कि स्कूल अब पारंपरिक पढ़ाई से आगे बढ़कर तकनीकी शिक्षा पर जोर दे रहे हैं। यह पहल छात्रों के भविष्य को नई दिशा दे सकती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
नई तकनीक सीखें, आगे बढ़ें
आज के दौर में तकनीक सीखना बेहद जरूरी है।
रोबोटिक्स जैसे क्षेत्र भविष्य की नींव हैं।
छात्रों को चाहिए कि वे नई चीजों को सीखने के लिए उत्सुक रहें।
आइए, हम भी आधुनिक शिक्षा को अपनाकर आगे बढ़ें।
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