दलित महिला को आवास न मिलने पर भड़के रूचिर तिवारी, वार्ड 7 का किया निरीक्षण

दलित महिला को आवास न मिलने पर भड़के रूचिर तिवारी, वार्ड 7 का किया निरीक्षण

author News देखो Team
19 Views
#मेदिनीनगर #पीएमआवासवंचना : भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव रूचिर तिवारी ने मेदिनीनगर नगर निगम के वार्ड नंबर 7 का दौरा किया — दलित महिला को अब तक नहीं मिला प्रधानमंत्री आवास
  • दलित महिला पुनीता देवी को अब तक नहीं मिला पक्का आवास
  • बरसात में प्लास्टिक तान कर रह रही है पीड़िता
  • जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर रूचिर तिवारी ने जताई नाराजगी
  • नगर प्रशासन से तत्काल पीएम आवास उपलब्ध कराने की मांग
  • निरीक्षण में शामिल रहे नौजवान संघ के नेता

प्लास्टिक तान कर गुजर रही जिंदगी, पक्का घर अब तक सपना

मेदिनीनगर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 7 में शनिवार को एक मार्मिक स्थिति सामने आई जब भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी रूचिर कुमार तिवारी ने क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने देखा कि दलित समुदाय की महिला पुनीता देवी, जो श्री संजय भूइंया की पत्नी हैं, कच्चे मकान में रह रही हैं जिसकी छत बरसात में टपकती है। मजबूरी में महिला खपरैल पर प्लास्टिक डाल कर अपना जीवन गुजार रही है।

प्रतिनिधियों की अनदेखी पर फूटा गुस्सा

रूचिर तिवारी ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि शहर के बीचोंबीच बसे वार्ड में रहने के बावजूद अब तक पुनीता देवी को प्रधानमंत्री आवास जैसी बुनियादी सुविधा नहीं मिली है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के विधायक और सांसद केवल विकास का झूठा ढोल पीट रहे हैं, जबकि वास्तविक रूप से दलित, गरीब और वंचित समुदाय आज भी मूलभूत जरूरतों से वंचित हैं।

रूचिर कुमार तिवारी ने कहा:
“नगर प्रशासन और नगर आयुक्त को तत्काल पहल करनी चाहिए और पुनीता देवी को प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराना चाहिए ताकि वह सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।”

नौजवान संघ भी हुआ शामिल

इस मौके पर अखिल भारतीय नौजवान संघ के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी, उपाध्यक्ष अभय कुमार भूइंया समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। उन्होंने भी नगर निगम प्रशासन से मांग की कि जनप्रतिनिधि अगर चुप हैं तो जनता के मुद्दे को उठाना उनकी जिम्मेदारी है।

न्यूज़ देखो: गरीबों की आवाज़ बने जनसरोकार

प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य था कि हर जरूरतमंद को एक सुरक्षित छत मिले, पर मेदिनीनगर में एक दलित महिला का प्लास्टिक की छत के नीचे जीवन सरकार की संवेदनहीनता को उजागर करता है। न्यूज़ देखो यह सवाल उठाता है कि आखिर ऐसी योजनाओं का लाभ सबसे कमजोर वर्गों तक क्यों नहीं पहुंच रहा? अब समय है कि प्रशासन सक्रियता दिखाए और जवाबदेह बने।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जनता के हक की आवाज़ बने

गरीबों और वंचितों के अधिकारों के लिए आवाज़ उठाना जरूरी है। आपके आसपास भी कोई ऐसा व्यक्ति हो जो सरकारी योजनाओं से वंचित है, तो उसकी बात सामने लाइए। इस खबर पर अपनी राय दें, साझा करें, और जन-जागरूकता की इस मुहिम में भागीदार बनें।

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

🔔

Notification Preferences

error: