
#उंटारीरोड #पलामू #रविदास_जयंती : अम्बेडकर क्लब ने पूजा, कथा और भव्य झांकी के साथ संत रविदास को किया नमन।
पलामू जिले के उंटारी रोड प्रखंड अंतर्गत मुरमाखुर्द पंचायत के पांडेयपुरा टोला में संत शिरोमणि रविदास की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। अम्बेडकर क्लब के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में संत रविदास की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की गई। कथा, झांकी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उनके विचारों को लोगों तक पहुंचाया गया। आयोजन सामाजिक समरसता और समानता के संदेश को मजबूत करने वाला रहा।
- उंटारी रोड प्रखंड के पांडेयपुरा टोला में रविदास जयंती का आयोजन।
- अम्बेडकर क्लब द्वारा संत रविदास की प्रतिमा स्थापना और पूजा।
- पुजारी द्वारा संत रविदास की कथा का वाचन।
- स्थानीय कलाकारों की भव्य झांकी और सांस्कृतिक प्रस्तुति।
- क्लब अध्यक्ष, सचिव और पंचायत के गणमान्य लोग रहे मौजूद।
पलामू जिले के उंटारी रोड प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत मुरमाखुर्द पंचायत के पांडेयपुरा टोला बांधपर में अम्बेडकर क्लब की ओर से संत शिरोमणि रविदास की जयंती बड़े ही श्रद्धा और धूमधाम के साथ मनाई गई। इस अवसर पर गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला, जहां सुबह से ही लोग कार्यक्रम स्थल पर एकत्र होने लगे।
प्रतिमा स्थापना और विधिवत पूजा-अर्चना
कार्यक्रम की शुरुआत संत शिरोमणि रविदास की प्रतिमा की स्थापना के साथ की गई। इसके पश्चात विधिवत पूजा-अर्चना कर संत के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। श्रद्धालुओं ने संत रविदास से समाज में शांति, समानता और भाईचारे की कामना की।
कार्यक्रम में शामिल लोगों ने संत शिरोमणि रविदास का आशीर्वाद लेकर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
कथा वाचन से मिला आध्यात्मिक संदेश
इस अवसर पर पुजारी द्वारा संत रविदास की जीवन गाथा और उनके उपदेशों का विस्तार से वर्णन किया गया। उन्होंने बताया कि संत रविदास ने अपने विचारों से समाज में व्याप्त भेदभाव, छुआछूत और असमानता के खिलाफ आवाज उठाई थी।
कथा के दौरान बताया गया कि संत रविदास का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है और समाज को समानता और मानवता के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है।
भव्य झांकी और सांस्कृतिक प्रस्तुति
कथा के बाद स्थानीय कलाकारों द्वारा भव्य झांकी निकाली गई, जिसमें संत रविदास के जीवन प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। झांकी के साथ-साथ कला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने लोगों का मन मोह लिया।
ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के बीच निकली झांकी ने पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना दिया। ग्रामीणों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर इसमें भाग लिया।
सामाजिक एकता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि संत रविदास का जीवन समाज को जोड़ने वाला रहा है। उन्होंने हमेशा मानवता, समानता और श्रम की गरिमा पर बल दिया। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को संतों के विचारों से जोड़ने में मदद मिलती है।
कार्यक्रम में रहे ये लोग उपस्थित
इस अवसर पर अध्यक्ष बंशी राम, सचिव सुरज कुमार, कोषाध्यक्ष रंजन कुमार, शिक्षक सुरेंद्र राम, विक्रमा राम, सहदेव राम, प्रभु राम सहित पंचायत के कई गणमान्य लोग और ग्रामीण उपस्थित रहे।
सभी ने एक स्वर में कहा कि भविष्य में भी इस तरह के सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
न्यूज़ देखो: संतों के विचार समाज को जोड़ने की ताकत
संत शिरोमणि रविदास की जयंती का यह आयोजन बताता है कि ग्रामीण स्तर पर भी सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों को जीवित रखने के प्रयास हो रहे हैं। ऐसे कार्यक्रम समाज में समानता, भाईचारे और मानवता के संदेश को मजबूत करते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
समानता और मानवता के विचारों को आगे बढ़ाएं
संत रविदास के आदर्श आज भी समाज को दिशा देने वाले हैं। उनके विचारों को अपनाकर भेदभाव से मुक्त समाज के निर्माण में योगदान दें। अपनी राय साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और सामाजिक एकता का संदेश फैलाएं।







