
#बानोप्रखंड #सरस्वतीपूजा : ग्राम सोय सेमर टोली में सरस्वती पूजा आयोजन को लेकर समिति का पुनर्गठन और कार्यक्रम तय।
बानो प्रखंड के ग्राम सोय सेमर टोली में सरस्वती पूजा समिति की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता रामचन्द्र साहू ने की। बैठक में सर्वसम्मति से सरस्वती पूजा को भक्ति, अनुशासन और शांति के साथ मनाने का निर्णय लिया गया। आयोजन को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए पूजा समिति का पुनर्गठन कर पदाधिकारियों और सदस्यों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। साथ ही 25 जनवरी को नागपुरी गीत-संगीत कार्यक्रम आयोजित करने पर भी सहमति बनी, जिसमें झारखंड के प्रसिद्ध कलाकार शामिल होंगे।
- सोय सेमर टोली में सरस्वती पूजा समिति की बैठक आयोजित।
- बैठक की अध्यक्षता रामचन्द्र साहू ने की।
- पूजा को भक्ति और शांति के साथ मनाने का सर्वसम्मत निर्णय।
- पूजा समिति का पुनर्गठन, पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई।
- 25 जनवरी को नागपुरी गीत-संगीत कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला।
- झारखंड के मशहूर गायक और डांसर कार्यक्रम में होंगे शामिल।
बानो प्रखंड अंतर्गत ग्राम सोय सेमर टोली में आयोजित यह बैठक आगामी सरस्वती पूजा आयोजन की तैयारियों की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक में ग्रामीणों और समिति सदस्यों ने मिलकर यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि पूजा का आयोजन परंपरागत आस्था, सामाजिक सौहार्द और शांति व्यवस्था के अनुरूप हो। आयोजन की सफलता के लिए जिम्मेदारियों का स्पष्ट बंटवारा करते हुए समिति को पुनर्गठित किया गया।
बैठक की अध्यक्षता और उद्देश्य
बैठक की अध्यक्षता कर रहे रामचन्द्र साहू ने कहा कि सरस्वती पूजा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान का अवसर भी है। उन्होंने सभी सदस्यों से आपसी समन्वय और सहयोग के साथ कार्य करने का आह्वान किया, ताकि आयोजन पूरी तरह अनुशासित और सफल हो सके।
भक्ति और शांति के साथ पूजा आयोजन का निर्णय
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि इस वर्ष सरस्वती पूजा को पूरी भक्ति, श्रद्धा और शांति के वातावरण में मनाया जाएगा। समिति सदस्यों ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अशांति को रोकने के लिए पहले से आवश्यक तैयारी की जाएगी। पूजा स्थल की साफ-सफाई, अनुशासन और समयबद्ध कार्यक्रम पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई।
पूजा समिति का पुनर्गठन
कार्यक्रम के बेहतर संचालन के लिए सरस्वती पूजा समिति का पुनर्गठन किया गया। नई समिति में पदाधिकारियों और सदस्यों को उनकी जिम्मेदारियों के अनुसार दायित्व सौंपे गए, ताकि आयोजन के हर पहलू पर निगरानी रखी जा सके।
नई सरस्वती पूजा समिति के पदाधिकारी
- अध्यक्ष: रामचन्द्र साहू
- सचिव: सुनील साहू
- कोषाध्यक्ष: अनूप साहू
- उप सचिव: बिनोद नाग
- उप कोषाध्यक्ष: कर्मबीर साहू
संरक्षक और सलाहकार
- संरक्षक: मुकेश साहू
- सलाहकार: राजेन्द्र साहू, प्रकाश साहू, संदीप साहू
व्यवस्थापन और निगरानी
- व्यवस्थापक: श्याम सुंदर साहू, मोहन नाग
- निगरानी वॉलंटियर: सूरज लोहरा, दयानन्द साहू, सूरज साहू, नीरज साहू
सभी पदाधिकारियों और सदस्यों को स्पष्ट रूप से उनके कार्यों की जिम्मेवारी दी गई, ताकि आयोजन के दौरान किसी प्रकार की कमी न रह जाए।
सांस्कृतिक कार्यक्रम पर निर्णय
बैठक में यह भी तय किया गया कि 25 जनवरी को दिन में नागपुरी गीत-संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय संस्कृति और परंपरा को बढ़ावा देने का उद्देश्य रखा गया है। समिति ने जानकारी दी कि इस अवसर पर झारखंड के कई मशहूर गायक और डांसरों को आमंत्रित किया गया है, जिससे कार्यक्रम आकर्षक और यादगार बनेगा।
ग्रामीणों में उत्साह
सरस्वती पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रम की रूपरेखा तय होने के बाद ग्रामीणों में उत्साह देखा गया। समिति सदस्यों ने कहा कि इस तरह के आयोजन से न केवल धार्मिक आस्था मजबूत होती है, बल्कि युवाओं और बच्चों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर भी मिलता है।
अनुशासन और समन्वय पर जोर
बैठक में विशेष रूप से इस बात पर सहमति बनी कि आयोजन के दौरान अनुशासन बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी होगी। समिति के निगरानी वॉलंटियरों को यह जिम्मा सौंपा गया कि वे कार्यक्रम के दौरान शांति व्यवस्था और समय प्रबंधन पर नजर रखें।
न्यूज़ देखो: आस्था और संस्कृति को जोड़ता आयोजन
सोय सेमर टोली में सरस्वती पूजा समिति की यह बैठक दर्शाती है कि ग्रामीण स्तर पर भी आयोजन को सुव्यवस्थित और जिम्मेदारी के साथ संपन्न कराने की सोच मजबूत हो रही है। समिति का पुनर्गठन और स्पष्ट जिम्मेदारी वितरण आयोजन की सफलता की दिशा में सकारात्मक कदम है। यदि तय योजनाओं के अनुसार कार्यक्रम संपन्न होता है, तो यह क्षेत्र में सामाजिक और सांस्कृतिक एकता को और मजबूत करेगा। आने वाले दिनों में तैयारियों की प्रगति पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
भक्ति, संस्कृति और सहभागिता से सजेगा सरस्वती पूजा उत्सव
सरस्वती पूजा ज्ञान, कला और संस्कृति का प्रतीक है। जब आयोजन भक्ति और अनुशासन के साथ किया जाता है, तो उसका प्रभाव पूरे समाज पर सकारात्मक पड़ता है। सोय सेमर टोली में लिया गया यह निर्णय सामूहिक प्रयास और जिम्मेदारी की मिसाल है।
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