News dekho specials
Palamau

रेहला में सरस्वती पूजा का पंडाल बना आकर्षण का केंद्र, अद्भुत कलाकारी ने खींचा श्रद्धालुओं का ध्यान

#विश्रामपुर #पलामू #सरस्वती_पूजा : रेहला स्थित संत पॉल कॉन्वेंट स्कूल में राजस्थान शैली का भव्य पंडाल चर्चा का विषय बना।

पलामू जिले के विश्रामपुर नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत रेहला में संत पॉल कॉन्वेंट स्कूल द्वारा आयोजित सरस्वती पूजा में भव्य और अद्भुत पंडाल ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। राजस्थान की तर्ज पर निर्मित इस पंडाल को बाहरी कलाकारों ने विशेष मेहनत से तैयार किया। पूजा के दौरान विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और धार्मिक वातावरण ने आयोजन को खास बना दिया। शिक्षा के साथ धार्मिक गतिविधियों में विद्यालय प्रबंधन की सक्रिय भूमिका स्थानीय स्तर पर सराहना का विषय बनी।

Join News देखो WhatsApp Channel
  • संत पॉल कॉन्वेंट स्कूल, रेहला का सरस्वती पूजा पंडाल बना मुख्य आकर्षण।
  • राजस्थान शैली में तैयार भव्य व कलात्मक पंडाल।
  • दो सप्ताह तक बाहरी कलाकारों ने की विशेष कारीगरी।
  • पूजा व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विद्यालय के विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी।
  • निदेशक साइमन मैथ्यू ऐश्ले की भूमिका को नगरवासियों ने सराहा।

विश्रामपुर नगर परिषद क्षेत्र के रेहला में इस वर्ष सरस्वती पूजा का आयोजन न सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र बना, बल्कि अपनी अद्भुत कलाकारी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के कारण भी चर्चा में रहा। संत पॉल कॉन्वेंट स्कूल परिसर में बनाए गए पूजा पंडाल ने सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं और दर्शकों की भीड़ आकर्षित की। पंडाल की भव्यता और बारीक कारीगरी ने लोगों को ठहरकर देखने पर मजबूर कर दिया।

राजस्थान की तर्ज पर तैयार हुआ भव्य पंडाल

विद्यालय परिसर में निर्मित सरस्वती पूजा पंडाल को राजस्थान की पारंपरिक स्थापत्य शैली में तैयार किया गया था। पंडाल में की गई नक्काशी, रंग संयोजन और संरचना ने इसे बेहद आकर्षक बना दिया। जानकारी के अनुसार, बाहर से आए कलाकारों ने लगभग दो सप्ताह की कड़ी मेहनत से इस पंडाल को अंतिम रूप दिया। दिनभर लोगों की आवाजाही बनी रही और हर कोई पंडाल की सुंदरता की प्रशंसा करता नजर आया।

कलाकारों की मेहनत लाई रंग

इस भव्य पंडाल को आकार देने में धनेश बाजपेई, सचिन तिवारी, तौहीद खलीफा और शशि शर्मा की अहम भूमिका रही। इन कलाकारों ने अपनी कारीगरी से पंडाल को एक अलग पहचान दी। स्थानीय लोगों का कहना था कि इस तरह की कलाकारी रेहला क्षेत्र में पहले कम ही देखने को मिली है, जिससे पूजा का आकर्षण कई गुना बढ़ गया।

शिक्षा के साथ धार्मिक कार्यों में सक्रिय निदेशक

विद्यालय के निदेशक साइमन मैथ्यू ऐश्ले इन दिनों न सिर्फ शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय हैं, बल्कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में भी बढ़-चढ़कर सहयोग कर रहे हैं। सरस्वती पूजा आयोजन को सफल बनाने में उनका विशेष योगदान रहा। नगरवासियों और अभिभावकों ने उनके इस प्रयास की खुले तौर पर सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में संस्कार और सांस्कृतिक समझ विकसित होती है।

विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

पूजा के दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों ने भक्ति गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। “महाकाल तेरी भक्ति में बवाल कर दिया” जैसे भक्ति गीतों पर बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को भक्तिमय और ऊर्जावान बना दिया। दर्शकों ने तालियों के साथ बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

विधिवत पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान

मां सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना बंदना पंडित मधुसूदन वैद्य द्वारा कराई गई। वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा विधि के साथ मां सरस्वती की आराधना की गई, जिससे पूरे परिसर में आध्यात्मिक वातावरण व्याप्त हो गया। पूजा के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण भी किया गया।

विद्यालय परिवार और गणमान्य लोगों की उपस्थिति

इस अवसर पर विद्यालय के सचिव रीना, प्रधानाचार्या मोनिका एक्का, शिक्षिकाएं नूतन, आशा कुजूर, प्रीति चौरसिया, जोशमिता लकड़ा, प्रतिमा कुमारी, पूनम खलखो, ज्योति कुजूर, शैली कुमारी, असुंता कुजूर, सुशीला बारला उपस्थित रहीं।
वहीं शिक्षकों में संजय कुमार तिवारी, मनीष गुप्ता, इबरार अंसारी, भूषण मिंज, गौतम कुमार, आबिद अली, अलबन बरवा, अखिलेश कुमार, कृष्णकांत यादव सहित अन्य गणमान्य लोग भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

News dekho specials

नगरवासियों में दिखा उत्साह

सरस्वती पूजा के इस आयोजन को लेकर रेहला और आसपास के इलाकों में खासा उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोग परिवार सहित पंडाल दर्शन के लिए पहुंचे। नगरवासियों ने विद्यालय प्रबंधन की इस पहल को सराहा और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की उम्मीद जताई।

न्यूज़ देखो: जब शिक्षा और संस्कृति साथ चलें

रेहला का यह आयोजन दर्शाता है कि जब शैक्षणिक संस्थान शिक्षा के साथ संस्कृति और धार्मिक मूल्यों को भी महत्व देते हैं, तो समाज पर उसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। बच्चों में संस्कार, अनुशासन और सामूहिक सहभागिता की भावना विकसित होती है। ऐसे आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहन मिलना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ी रहे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

संस्कृति से जुड़े, संस्कारों को आगे बढ़ाएं

सरस्वती पूजा जैसे आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक होते हैं।
विद्यालयों और समाज को मिलकर ऐसे आयोजनों के माध्यम से बच्चों को जोड़ना चाहिए।
आप भी इस तरह के आयोजनों में भाग लें, बच्चों का उत्साह बढ़ाएं और सकारात्मक पहल का समर्थन करें।
खबर को साझा करें, अपनी राय कमेंट में रखें और सांस्कृतिक मूल्यों को आगे बढ़ाने में सहभागी बनें।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

News dekho specials


IMG-20251223-WA0009
IMG-20250723-WA0070
आगे पढ़िए...
News dekho specials

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Ram Niwas Tiwary

बिश्रामपुर, पलामू

Related News

ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

Back to top button
error: