
#सिमडेगा #सरस्वती_पूजा : सहभागी कंप्यूटर एजुकेशन में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने विधि विधान से पूजा कर ज्ञान और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सिमडेगा स्थित सहभागी कंप्यूटर एजुकेशन संस्थान में सरस्वती पूजा का आयोजन श्रद्धा, उत्साह और धूमधाम के साथ किया गया। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने विधि विधान से मां सरस्वती की पूजा अर्चना कर ज्ञान, बुद्धि और सफलता की कामना की। पूजा उपरांत प्रतिमा का विधिवत विसर्जन किया गया, जिसमें संस्थान के सभी सदस्य शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा के साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों को सुदृढ़ करना रहा।
- सहभागी कंप्यूटर एजुकेशन, सिमडेगा में सरस्वती पूजा का आयोजन।
- विद्यार्थियों और शिक्षकों ने विधि विधान से मां सरस्वती की पूजा की।
- भक्ति गीत, आरती और पुष्पांजलि के साथ भक्तिमय वातावरण।
- प्रतिमा का विधिवत विसर्जन, विसर्जन यात्रा में सामूहिक सहभागिता।
- शिक्षा के साथ संस्कार का संदेश देता आयोजन।
सिमडेगा के सहभागी कंप्यूटर एजुकेशन संस्थान में आयोजित सरस्वती पूजा कार्यक्रम ने शिक्षा और संस्कार के सुंदर समन्वय को प्रस्तुत किया। विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की आराधना के लिए संस्थान परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था। सुबह से ही छात्र-छात्राओं में उत्साह देखने को मिला और पूरे परिसर में भक्ति एवं अनुशासन का वातावरण बना रहा।
विधि विधान से हुआ पूजा आयोजन
पूजा कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष पुष्प अर्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। विधि विधान से मंत्रोच्चारण के बीच पूजा संपन्न कराई गई। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने एक साथ मां सरस्वती से विद्या, विवेक, एकाग्रता और सफलता का आशीर्वाद मांगा। पूजा के दौरान अनुशासन और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखा गया।
विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी
सरस्वती पूजा में संस्थान के विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। छात्रों ने भक्ति गीत प्रस्तुत किए, आरती में सहभागिता निभाई और पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में छात्रों की भागीदारी ने यह दर्शाया कि शिक्षा के साथ सांस्कृतिक मूल्यों को अपनाने में युवा पीढ़ी भी पूरी तरह सजग है।
सुसज्जित परिसर और भक्तिमय वातावरण
पूजा के अवसर पर सहभागी कंप्यूटर एजुकेशन संस्थान को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। रंग बिरंगे फूल, सजावटी वस्तुएं और रोशनी से परिसर भक्तिमय और मनोहारी दिखाई दे रहा था। पूजा के दौरान बजते भक्ति गीतों और मंत्रोच्चारण से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
विधिवत प्रतिमा विसर्जन
पूजा उपरांत मां सरस्वती की प्रतिमा का विधिवत विसर्जन किया गया। विसर्जन यात्रा में छात्र छात्राएं और संस्थान के स्टाफ सदस्य भक्ति भाव से शामिल हुए। श्रद्धा और अनुशासन के साथ प्रतिमा विसर्जन संपन्न किया गया। इस दौरान सभी ने मां सरस्वती से विद्या, विवेक और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
शिक्षकों और स्टाफ का योगदान
कार्यक्रम के सफल आयोजन में संस्थान के सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों का सराहनीय योगदान रहा। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को पूजा के महत्व और भारतीय संस्कृति में सरस्वती पूजा की भूमिका के बारे में जानकारी दी। इससे छात्रों में सांस्कृतिक चेतना और सम्मान की भावना विकसित हुई।
शिक्षा के साथ संस्कार का संदेश
सहभागी कंप्यूटर एजुकेशन में आयोजित यह पूजा कार्यक्रम केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और सामूहिक सहभागिता का भी संदेश दिया। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच, एकाग्रता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।
न्यूज़ देखो: आधुनिक शिक्षा संस्थानों में संस्कृति की मजबूत झलक
सिमडेगा के सहभागी कंप्यूटर एजुकेशन में आयोजित सरस्वती पूजा यह दर्शाती है कि आधुनिक और तकनीकी शिक्षा संस्थान भी भारतीय संस्कृति और परंपराओं को समान महत्व दे रहे हैं। विद्यार्थियों और शिक्षकों की सामूहिक भागीदारी से यह आयोजन अनुकरणीय बन गया। आने वाले समय में ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम शिक्षा के वातावरण को और अधिक सकारात्मक बनाएंगे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
ज्ञान और संस्कार से सशक्त होती युवा पीढ़ी
तकनीकी शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है। सरस्वती पूजा जैसे आयोजन छात्रों को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं।







