चैनपुर में ‘स्कूल रूआर-2026’ अभियान का आगाज़, हर बच्चे के नामांकन और उपस्थिति पर जोर

चैनपुर में ‘स्कूल रूआर-2026’ अभियान का आगाज़, हर बच्चे के नामांकन और उपस्थिति पर जोर

author News देखो Team
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#चैनपुर #शिक्षा_अभियान : उन्मुखीकरण कार्यशाला—ड्रॉपआउट बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने की पहल।

गुमला के चैनपुर में ‘स्कूल रूआर-2026’ अभियान की शुरुआत की गई। कार्यशाला में शत-प्रतिशत नामांकन और नियमित उपस्थिति पर जोर दिया गया। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने बच्चों को स्कूल से जोड़ने की अपील की। अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने की योजना है।

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  • चैनपुर में स्कूल रूआर-2026 अभियान शुरू
  • मेरी लकड़ा और यादव बैठा ने किया उद्घाटन।
  • ड्रॉपआउट बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर
  • 5 से 18 वर्ष तक के सभी बच्चों का नामांकन लक्ष्य
  • गांव-गांव तक अभियान पहुंचाने की योजना

गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड में झारखंड शिक्षा परियोजना के तहत ‘स्कूल रूआर-2026’ अभियान की शुरुआत प्रखंड स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला के साथ की गई। यह कार्यशाला स्व. नायमन कुजूर अनुमंडल पुस्तकालय सभागार में आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षक, जनप्रतिनिधि और कर्मी शामिल हुए।

कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूल से बाहर रह गए बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना और शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना है।

जनप्रतिनिधियों ने किया उद्घाटन

कार्यक्रम का उद्घाटन जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा, प्रखंड विकास पदाधिकारी यादव बैठा और बेदोरा मुखिया द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

मेरी लकड़ा ने कहा: “शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है, कोई भी बच्चा इससे वंचित नहीं रहना चाहिए।”

‘रूआर’ अभियान का उद्देश्य

कार्यशाला में बताया गया कि ‘रूआर’ का अर्थ है ‘विद्यालय वापसी’।

इस अभियान के तहत—

  • आंगनबाड़ी के बच्चों को स्कूल में नामांकित करना
  • कक्षा 1 से 12 तक के सभी बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करना
  • ड्रॉपआउट और अनामांकित बच्चों को चिन्हित कर पुनः स्कूल से जोड़ना

जैसे लक्ष्यों पर काम किया जाएगा।

गांव-गांव तक पहुंचेगा अभियान

मेरी लकड़ा ने कहा: “इस अभियान को प्रखंड संसाधन केंद्र के माध्यम से गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा।”

शिक्षकों की जिम्मेदारी पर जोर

प्रखंड विकास पदाधिकारी यादव बैठा ने कहा—

“चैनपुर सुदूरवर्ती क्षेत्र है, इसलिए शिक्षकों को अभिभावकों के संपर्क में रहकर बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी।”

अभिभावकों की भागीदारी जरूरी

कार्यशाला में इस बात पर भी जोर दिया गया कि अभिभावकों की सहभागिता से ही अभियान सफल हो सकता है।

एक शिक्षक ने कहा: “घर-घर जाकर जागरूकता फैलाना जरूरी है।”

शिक्षा को मिलेगी नई दिशा

यह अभियान शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने और बच्चों को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

न्यूज़ देखो: हर बच्चा स्कूल में

चैनपुर का यह अभियान दिखाता है कि यदि प्रशासन और समाज मिलकर प्रयास करें, तो कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

शिक्षा ही भविष्य

हर बच्चे को स्कूल जाना चाहिए।
नामांकन के साथ उपस्थिति भी जरूरी है।
जागरूकता से ही बदलाव संभव है।
आइए, हम हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ें।

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