
#चंदवा #राष्ट्रीयविज्ञानदिवस : अलौदिया स्थित विद्यालय में भव्य विज्ञान प्रदर्शनी, छात्रों ने प्रस्तुत किए कार्यशील मॉडल।
लातेहार जिले के चंदवा अंतर्गत अलौदिया स्थित चिल्ड्रन पैराडाइज़ विद्यालय में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर भव्य विज्ञान प्रदर्शनी आयोजित की गई। कक्षा 1 से 6 तक के विद्यार्थियों ने विज्ञान और कला से जुड़े कार्यशील मॉडल प्रस्तुत किए। अभिभावकों और शिक्षकों ने छात्रों की रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच की सराहना की। कार्यक्रम का शुभारंभ बसंती देवी ने फीता काटकर किया।
- बसंती देवी ने फीता काटकर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
- कक्षा 1 से 6 तक के छात्रों ने विज्ञान आधारित मॉडल प्रस्तुत किए।
- “प्रकाश की सीधी रेखा में गमन” मॉडल रहा विशेष आकर्षण।
- “जल शुद्धिकरण, पेरिस्कोप, पवन चक्की, वॉटर साइकिल” जैसे प्रोजेक्ट प्रदर्शित।
- प्रधानाचार्य प्रदीप ठाकुर ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने पर दिया जोर।
लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड अंतर्गत अलौदिया स्थित विद्यालय चिल्ड्रन पैराडाइज़ में शनिवार को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर भव्य विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय प्रधानाध्यापक की मां बसंती देवी ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे और बच्चों की प्रतिभा, नवाचार तथा वैज्ञानिक सोच की खुलकर सराहना की।
विद्यालय परिसर में आयोजित इस प्रदर्शनी में कक्षा 1 से 6 तक के विद्यार्थियों ने विज्ञान एवं कला से जुड़े विविध विषयों पर आकर्षक और ज्ञानवर्धक प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य प्रदीप ठाकुर सहित शिक्षक-शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन और उत्साहवर्धन किया।
नन्हें विद्यार्थियों के मॉडल ने खींचा ध्यान
कक्षा 1 के नन्हें विद्यार्थियों सनाया प्रवीण, सोनाक्षी, प्रिंस और शिवम ने “सेंस ऑर्गन” विषय पर सुंदर मॉडल तैयार कर मानव शरीर की इंद्रियों के कार्य को सरल भाषा में समझाया। छोटे बच्चों का आत्मविश्वास और प्रस्तुति कौशल अभिभावकों को खासा प्रभावित कर गया।
कक्षा 5 की छात्राओं आफिया और निशा ने “जल शुद्धिकरण” पर कार्य करते हुए पानी को स्वच्छ बनाने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। उन्होंने फिल्ट्रेशन की विभिन्न चरणों को मॉडल के माध्यम से स्पष्ट किया।
कक्षा 6 के फरहान और मोहित ने “पेरिस्कोप” का कार्यशील मॉडल तैयार किया, जिससे प्रकाश के परावर्तन सिद्धांत को समझाया गया। वहीं प्रज्ञा, सुषमा और नीलू ने पवन चक्की का मॉडल प्रस्तुत कर अक्षय ऊर्जा के महत्व को रेखांकित किया।
इसी कक्षा की अतिफा और अंजनी ने “पृथ्वी और चंद्रमा का घूर्णन” विषय पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी, जिससे दिन-रात और चंद्र कलाओं की अवधारणा को सरल रूप में समझाया गया।
विविध विषयों पर शानदार प्रस्तुति
कक्षा 4 की छात्रा आरसी और उनकी सहेलियों ने “वॉटर साइकिल” का मॉडल प्रस्तुत कर जल चक्र की प्रक्रिया को जीवंत रूप में दर्शाया। जया, आरोही और अन्य छात्राओं ने आर्ट एंड क्राफ्ट की आकर्षक वस्तुएं बनाकर प्रदर्शनी में रचनात्मक रंग भरा।
सूरज और आशीष द्वारा “प्रकाश की सीधी रेखा में गमन” पर आधारित मॉडल विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इस प्रोजेक्ट को प्रदर्शनी का सर्वश्रेष्ठ मॉडल माना गया।
कक्षा 3 के विद्यार्थियों ने “श्वसन तंत्र” और “उत्सर्जन तंत्र” के कार्यों को मॉडल के माध्यम से समझाया। सक्षम और उनके साथियों ने “स्मार्ट सिटी” की अवधारणा को दर्शाते हुए आधुनिक तकनीक से लैस शहर का सुंदर प्रतिरूप प्रस्तुत किया।
इसके अलावा विद्यार्थियों ने “जलने के लिए हवा की आवश्यकता”, “हवा की दिशा”, “वायु दबाव”, “वायुमंडलीय दबाव”, “इमल्शन गतिविधि”, बैटरी कार और एटीएम जैसे विषयों पर भी कार्यशील मॉडल प्रस्तुत किए।
शिक्षकों का रहा महत्वपूर्ण योगदान
प्रदर्शनी के दौरान प्रधानाचार्य प्रदीप ठाकुर, अंजलि मैम, वरिष्ठ शिक्षक सुभाष डे, मुनेश्वर सर, सत्येंद्र सर, विज्ञान शिक्षिका श्वेता कुमारी, संजीत सर, जूली मैम, गुलिस्तां परवीन और अनुराधा कुमारी ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
प्रधानाचार्य प्रदीप ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा:
“राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तर्कशक्ति और नवाचार की भावना विकसित करना है। बच्चों की प्रतिभा यह साबित करती है कि सही मार्गदर्शन मिलने पर वे अद्भुत कार्य कर सकते हैं।”
उन्होंने सभी छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
अभिभावकों ने की सराहना
प्रदर्शनी में उपस्थित अभिभावकों ने बच्चों की मेहनत और रचनात्मकता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं और उन्हें प्रयोगात्मक शिक्षा की ओर प्रेरित करते हैं।
यह आयोजन न केवल छात्रों की प्रतिभा का मंच बना, बल्कि विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और समझ को भी मजबूत करने का माध्यम साबित हुआ।

न्यूज़ देखो: शिक्षा में नवाचार की मिसाल
चंदवा के चिल्ड्रन पैराडाइज़ में आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी ने यह दिखाया कि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालय भी नवाचार और प्रयोगात्मक शिक्षा में पीछे नहीं हैं। जब बच्चों को सही दिशा और अवसर मिलता है, तो वे अद्भुत प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं। ऐसे आयोजन शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाई देते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
विज्ञान से जुड़े, भविष्य को गढ़ें
बच्चों में जिज्ञासा ही नवाचार की पहली सीढ़ी है।
प्रयोग और खोज की भावना उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
अभिभावकों और शिक्षकों का सहयोग उनकी प्रतिभा को नई उड़ान देता है।
आइए बच्चों को विज्ञान और रचनात्मकता के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर दें।
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