
#मैक्लुस्कीगंज #शैक्षणिक_कार्यक्रम : विज्ञान प्रदर्शनी में छात्रों ने एआई, नवीकरणीय ऊर्जा और वेस्ट टू वेस्ट मॉडल किए प्रस्तुत।
रांची जिले के मैक्लुस्कीगंज स्थित जेनेट एकेडमी में शनिवार को विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में छात्र-छात्राओं ने आधुनिक विज्ञान और रचनात्मक कला से जुड़े कई अभिनव मॉडल प्रस्तुत किए। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कचरा प्रबंधन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे विषयों पर आधारित प्रयोगों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों की जिज्ञासा बढ़ाना और उन्हें व्यवहारिक ज्ञान से जोड़ना रहा।
- जेनेट एकेडमी, मैक्लुस्कीगंज में शनिवार को विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन।
- चेयरमैन मनोज कुमार गुप्ता और प्रिंसिपल कैबिन करण गुप्ता ने किया उद्घाटन।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कचरा प्रबंधन और नवीकरणीय ऊर्जा पर आधारित वर्किंग मॉडल।
- वेस्ट टू वेस्ट थीम पर शिल्प एवं सजावटी सामग्री का प्रदर्शन।
- छात्रों ने अभिभावकों और दर्शकों के प्रश्नों का आत्मविश्वास से दिया उत्तर।
मैक्लुस्कीगंज स्थित जेनेट एकेडमी में आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी छात्रों के लिए सीखने और अपनी प्रतिभा दिखाने का एक अनूठा मंच साबित हुई। विद्यालय परिसर में आयोजित इस प्रदर्शनी में विज्ञान और कला का ऐसा समन्वय देखने को मिला, जिसने दर्शकों को खासा प्रभावित किया। छात्र-छात्राओं ने न केवल अपनी वैज्ञानिक समझ का परिचय दिया, बल्कि रचनात्मकता और प्रस्तुति कौशल से भी सबका मन मोह लिया।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ प्रदर्शनी का शुभारंभ
विज्ञान प्रदर्शनी का उद्घाटन विद्यालय के चेयरमैन मनोज कुमार गुप्ता एवं प्रिंसिपल कैबिन करण गुप्ता ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन ने छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों से आगे सोचने और नवाचार की ओर प्रेरित करते हैं।
विज्ञान विभाग के प्रभावशाली वर्किंग मॉडल
विज्ञान विभाग के छात्रों ने आधुनिक युग की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए कई उपयोगी और प्रभावशाली वर्किंग मॉडल प्रस्तुत किए। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सिस्टम, कचरा प्रबंधन के समाधान तथा नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों पर आधारित मॉडल प्रमुख रहे। इन मॉडलों के माध्यम से छात्रों ने बताया कि तकनीक का सही उपयोग समाज की कई समस्याओं का समाधान कर सकता है।
वेस्ट टू वेस्ट थीम पर नन्हे कलाकारों की रचनात्मकता
प्रदर्शनी के शिल्प अनुभाग में जेनेट एकेडमी के नन्हे कलाकारों ने वेस्ट टू वेस्ट थीम के तहत अपनी रचनात्मकता का शानदार प्रदर्शन किया। पुरानी बोतलें, अखबार, गत्ते और अन्य बेकार सामग्री से बनाई गई सजावटी वस्तुएं दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। इसके साथ ही हस्तनिर्मित पेंटिंग और क्ले मॉडलिंग के स्टॉल ने प्रदर्शनी को और भी रंगीन बना दिया।
छात्रों ने आत्मविश्वास से दिए सवालों के जवाब
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने न केवल अपने मॉडल प्रदर्शित किए, बल्कि दर्शकों और अभिभावकों द्वारा पूछे गए जटिल प्रश्नों के उत्तर भी बड़ी कुशलता और आत्मविश्वास के साथ दिए। इससे यह स्पष्ट हुआ कि विद्यार्थियों ने विषयों को गहराई से समझा है और उन्हें व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करने की क्षमता विकसित की है।
व्यवहारिक ज्ञान से जोड़ने का प्रयास
विद्यालय प्रशासन ने बताया कि इस विज्ञान प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य छात्रों में जिज्ञासा की भावना को जागृत करना और उन्हें व्यवहारिक ज्ञान से जोड़ना है। ऐसे आयोजन छात्रों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं।
शिक्षकों का सराहनीय योगदान
प्रदर्शनी को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। शिक्षकों में क्रांतिकुमार, उमेश चौधरी, ऋषि प्रसाद, पवन कुमार, अमृता कुमारी, कृति किरण कुजूर, के.के. श्रीवास्तव, सीमा कुमारी, पूजा कुमारी और तिलोत्तमा कुमारी का सहयोग विशेष रूप से सराहनीय रहा।



न्यूज़ देखो: रचनात्मक शिक्षा की दिशा में सकारात्मक पहल
जेनेट एकेडमी की यह विज्ञान प्रदर्शनी यह दर्शाती है कि विद्यालय स्तर पर ऐसे आयोजनों से छात्रों की सोच और दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव आता है। तकनीक और रचनात्मकता का यह मेल आने वाले समय में नवाचार को बढ़ावा देगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
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