
#चतरा #सुरक्षा_व्यवस्था : जिले में कानून व्यवस्था मजबूत करने के लिए पुलिस ने ज्वेलरी दुकानों की जांच की।
चतरा जिले में अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस ने ज्वेलरी दुकानों का सुरक्षा ऑडिट किया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल के निर्देश पर 12 जनवरी 2026 को की गई। ऑडिट के दौरान दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा मानक और रिकॉर्ड संधारण की गहन जांच हुई। इस पहल का उद्देश्य चोरी, लूट और आपराधिक घटनाओं की रोकथाम को प्रभावी बनाना है।
- पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल के निर्देश पर जिलेभर में सुरक्षा ऑडिट।
- ज्वेलरी दुकानों में सीसीटीवी और अन्य सुरक्षा मानकों की जांच।
- कैमरों की कार्यशील स्थिति और रिकॉर्ड संधारण पर विशेष जोर।
- दुकानदारों और कर्मचारियों को सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश दिए गए।
- आपात स्थिति में संपर्क के लिए पुलिस नंबर उपलब्ध कराए गए।
चतरा जिले में हाल के दिनों में सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी क्रम में सोमवार, 12 जनवरी 2026 को जिले की विभिन्न ज्वेलरी दुकानों का सुरक्षा ऑडिट किया गया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल के स्पष्ट निर्देश पर की गई, ताकि अपराधियों की गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके और आम नागरिकों के साथ-साथ व्यापारियों को भी सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया जा सके।
क्यों जरूरी था ज्वेलरी दुकानों का सुरक्षा ऑडिट
ज्वेलरी दुकानें स्वभाविक रूप से अपराधियों के लिए संवेदनशील लक्ष्य होती हैं। सोना-चांदी और अन्य कीमती आभूषणों के कारण यहां चोरी, लूट और ठगी जैसी घटनाओं की आशंका अधिक रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए चतरा पुलिस ने सुरक्षा ऑडिट के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि सभी ज्वेलरी दुकानें निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन कर रही हैं या नहीं।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यदि समय-समय पर इस तरह के ऑडिट किए जाएं, तो न केवल अपराध की संभावनाएं कम होती हैं, बल्कि दुकानदारों और कर्मचारियों में भी सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ती है।
ऑडिट के दौरान क्या-क्या जांचा गया
सुरक्षा ऑडिट के दौरान पुलिस टीम ने ज्वेलरी दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की संख्या, उनकी कार्यशील स्थिति, कैमरों का एंगल और रिकॉर्डिंग की अवधि की बारीकी से जांच की। इसके अलावा यह भी देखा गया कि कैमरों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रूप से संधारित की जा रही है या नहीं।
साथ ही दुकानों में प्रकाश व्यवस्था, प्रवेश और निकास द्वार की स्थिति, अलार्म सिस्टम और आपात स्थिति से निपटने के उपायों की भी समीक्षा की गई। पुलिस ने यह भी परखा कि दुकानदार और कर्मचारी संदिग्ध गतिविधियों को पहचानने और समय पर सूचना देने को लेकर कितने सतर्क हैं।
दुकानदारों को दिए गए स्पष्ट निर्देश
ऑडिट के क्रम में ज्वेलरी दुकानों के मालिकों और कर्मचारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस ने स्पष्ट रूप से कहा कि सभी सीसीटीवी कैमरे हमेशा चालू अवस्था में होने चाहिए और उनकी नियमित जांच की जानी चाहिए।
इसके अलावा दुकानों में पर्याप्त रोशनी रखने, भीड़भाड़ के समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने पर जोर दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने कहा: “सुरक्षा में थोड़ी सी भी लापरवाही बड़ी घटना का कारण बन सकती है, इसलिए सभी दुकानदारों को सतर्क रहना होगा।”
आपात स्थिति के लिए पुलिस से सीधा संपर्क
सुरक्षा ऑडिट के दौरान पुलिस की ओर से दुकानदारों को आपात स्थिति में संपर्क करने के लिए पुलिस पदाधिकारियों के मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराए गए। इसका उद्देश्य यह है कि किसी भी आपात परिस्थिति में दुकानदार बिना किसी देरी के सीधे पुलिस से संपर्क कर सकें।
पुलिस ने भरोसा दिलाया कि सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई की जाएगी और ज्वेलरी दुकानों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
कानून व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में कदम
चतरा पुलिस का यह कदम जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लगातार पेट्रोलिंग, सुरक्षा ऑडिट और जनसंपर्क अभियानों के जरिए पुलिस अपराधियों पर दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।
पुलिस प्रशासन का मानना है कि जब व्यापारिक प्रतिष्ठान सुरक्षित होंगे, तो आम नागरिकों का भरोसा भी बढ़ेगा और जिले में आर्थिक गतिविधियां निर्बाध रूप से चल सकेंगी।

न्यूज़ देखो: सतर्क पुलिस, सुरक्षित व्यापार का संदेश
ज्वेलरी दुकानों का सुरक्षा ऑडिट यह दर्शाता है कि चतरा पुलिस अब केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि रोकथाम को प्राथमिकता दे रही है। यह पहल सराहनीय है, लेकिन सवाल यह भी है कि क्या ऐसे ऑडिट अन्य संवेदनशील प्रतिष्ठानों तक भी नियमित रूप से पहुंचेंगे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सुरक्षा में भागीदारी से ही बनेगा भरोसेमंद समाज
सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की सहभागिता से ही मजबूत होती है। यदि व्यापारी और नागरिक सतर्क रहेंगे, तो अपराधियों के लिए जगह नहीं बचेगी। अपने आसपास की गतिविधियों पर नजर रखें, संदिग्ध मामलों की सूचना दें और इस खबर को साझा कर जागरूकता बढ़ाएं। आपकी एक सतर्कता किसी बड़ी घटना को रोक सकती है—अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें।





