
#उंटारीरोड #रमजानमुबारकबाद : वरिष्ठ पत्रकार शमीम अंसारी ने पलामू समेत सभी रोज़ेदारों से रोज़ा, नमाज़, तरावीह और इंसानियत की राह पर चलने की अपील की
- वरिष्ठ पत्रकार शमीम अंसारी ने रमजान के पवित्र महीने की दी हार्दिक मुबारकबाद।
- पलामू जिला समेत उंटारी रोड प्रखंड के सभी मुस्लिम समुदाय से रोज़ा व इबादत की अपील।
- गरीब, यतीम, बेबस और जरूरतमंदों की मदद को बताया रमजान की असली रूह।
- रोज़ा, तरावीह और नमाज़ को फ़र्ज़ बताते हुए गुनाहों से तौबा का संदेश।
- समाज में भाईचारा, इंसानियत और सद्भाव बढ़ाने पर विशेष जोर।
ND INTRO: पवित्र रमजान माह के आगमन के साथ पूरे पलामू जिले में आध्यात्मिक माहौल बन गया है। इसी कड़ी में उंटारी रोड के वरिष्ठ पत्रकार शमीम अंसारी ने सभी रोज़ेदारों को रमजान की मुबारकबाद देते हुए इबादत, परोपकार और इंसानियत के संदेश को आगे बढ़ाने की अपील की है।
पलामू जिले के उंटारी रोड प्रखंड से समाजिक और पत्रकारिता जगत में सक्रिय वरिष्ठ पत्रकार शमीम अंसारी ने रमजान के पाक महीने की शुरुआत पर जिलेवासियों को दिल से मुबारकबाद दी है। उन्होंने विशेष रूप से पलामू जिले के तमाम देशवासियों समेत उंटारी रोड प्रखंड के सभी मुसलमान भाइयों, बहनों, बुजुर्गों, नौजवानों, अजीजों और बच्चों को रमजान का चांद मुबारक होने पर शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि रमजान का महीना केवल रोज़ा रखने का ही नहीं बल्कि आत्मशुद्धि, संयम, इबादत और इंसानियत की सेवा का महीना है। यह महीना अल्लाह की रहमत, बरकत और मगफिरत का महीना माना जाता है, जिसमें नेकियों का सवाब कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए हर रोज़ेदार को पूरे समर्पण के साथ रोज़ा रखना चाहिए और रात में तरावीह की नमाज़ अदा करनी चाहिए।
इबादत और आत्मिक शुद्धि का पवित्र महीना रमजान
वरिष्ठ पत्रकार शमीम अंसारी ने कहा कि रमजान का महीना आत्मचिंतन और गुनाहों से तौबा करने का अवसर प्रदान करता है। इस पवित्र महीने में रोज़ा रखना इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है, जिसे हर सक्षम मुस्लिम पर फ़र्ज़ माना गया है। उन्होंने सभी से अपील की कि रोज़े को पूरी निष्ठा के साथ रखें और नमाज़ को जीवन का नियमित हिस्सा बनाएं।
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति इस महीने में सच्चे दिल से इबादत करता है, अल्लाह उसकी दुआओं को कबूल करता है और उसके गुनाहों को माफ करता है। रमजान के दौरान की गई हर नेकी का सवाब कई गुना बढ़ जाता है, इसलिए यह महीना नेकी कमाने का सबसे बड़ा अवसर है।
जरूरतमंदों की मदद को बताया रमजान की असली भावना
अपने संदेश में शमीम अंसारी ने विशेष रूप से गरीबों, यतीमों, बेवाओं, लाचारों और असहाय लोगों की मदद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि रमजान का असली मकसद केवल खुद इबादत करना नहीं, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के प्रति सहानुभूति और सहयोग की भावना विकसित करना भी है।
उन्होंने कहा कि इस महीने में जो भी व्यक्ति जरूरतमंदों की मदद करता है, उसे अल्लाह की विशेष रहमत प्राप्त होती है। एक रुपया खर्च करने पर भी सत्तर गुना सवाब मिलने की बात बताते हुए उन्होंने लोगों से जकात, सदका और खैरात के माध्यम से जरूरतमंदों की सहायता करने का आग्रह किया।
नमाज़, तरावीह और रोज़े की पाबंदी पर दिया जोर
शमीम अंसारी ने सभी मुस्लिम भाइयों और बहनों से गुजारिश की कि वे रमजान के पूरे महीने में नियमित रूप से पांच वक्त की नमाज़ अदा करें और रात के समय तरावीह की नमाज़ जरूर पढ़ें। उन्होंने कहा कि नमाज़ हर मुसलमान पर फ़र्ज़ है और इसे जीवनभर कभी कजा नहीं करना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि रोज़ा केवल भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं है, बल्कि बुरे विचारों, गलत कामों और गुनाहों से खुद को दूर रखने का भी नाम है। रमजान हमें सब्र, अनुशासन और आध्यात्मिक मजबूती का पाठ पढ़ाता है।
समाज में भाईचारा और सद्भाव का संदेश
वरिष्ठ पत्रकार ने रमजान को भाईचारा और सामाजिक एकता का महीना बताते हुए कहा कि यह समय आपसी प्रेम, सौहार्द और इंसानियत को मजबूत करने का है। रोज़ा रखने से इंसान को भूख-प्यास का एहसास होता है, जिससे वह गरीबों और जरूरतमंदों के दर्द को समझ पाता है।
उन्होंने सभी लोगों से अपील की कि इस पवित्र महीने में आपसी मतभेदों को भुलाकर प्रेम और शांति का संदेश फैलाएं। रमजान का महीना हमें सिखाता है कि इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है और जरूरतमंदों की सेवा सबसे बड़ी इबादत है।
गुनाहों से तौबा और नेक रास्ते पर चलने का आह्वान
शमीम अंसारी ने अपने संदेश के अंत में कहा कि रमजान आत्मसुधार का महीना है, जिसमें हर इंसान को अपने गुनाहों से सच्चे दिल से तौबा करनी चाहिए और नेक रास्ते पर चलने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने सभी रोज़ेदारों से यह भी अपील की कि वे रोज़ा, नमाज़ और इबादत के साथ-साथ समाज में सकारात्मक संदेश फैलाएं।
उन्होंने कहा कि यदि हम रमजान के महीने में सच्चे मन से इबादत करें, गरीबों की मदद करें और अल्लाह से माफी मांगें, तो यह महीना हमारी जिंदगी में नई रोशनी और बरकत लेकर आता है। अंत में उन्होंने पलामू जिले समेत उंटारी रोड प्रखंड के सभी लोगों को शांति, भाईचारा और खुशहाली की दुआ देते हुए रमजान मुबारक कहा।







