
#दुमका #यौन_अपराध : शादी का झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म, पोक्सो एक्ट में कार्रवाई के बाद आरोपी जेल भेजा गया
- शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र का मामला, नाबालिग से यौन शोषण का आरोप।
- 20 वर्षीय युवक फ़ैज़ अहमद को पुलिस ने किया गिरफ्तार।
- शादी का झांसा देकर लगातार शोषण करने का आरोप।
- पीड़िता की मां की शिकायत पर मामला दर्ज।
- BNS धारा 64(2)(ड) और POCSO एक्ट धारा 06 के तहत केस।
- आरोपी को जेल भेजा गया, पुलिस जांच जारी।
शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र से नाबालिग से यौन शोषण का एक गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यहां 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ शादी का झांसा देकर लंबे समय तक यौन शोषण किए जाने का आरोप एक युवक पर लगा है। पीड़िता की मां की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी फ़ैज़ अहमद (20 वर्ष), निवासी चितरागड़िया, ने नाबालिग लड़की को प्रेम जाल में फंसाकर उससे शादी का वादा किया। भरोसा जीतने के बाद उसने नाबालिग के साथ बार-बार शारीरिक संबंध बनाए। जब पीड़िता ने शादी की बात कही तो आरोपी ने साफ इनकार कर दिया। इसके बाद पीड़िता ने पूरे मामले की जानकारी अपनी मां को दी।
मां द्वारा शिकारीपाड़ा थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस हरकत में आई और मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्राथमिकी दर्ज की गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
शिकारीपाड़ा थाना प्रभारी अमित कुमार लकड़ा के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने छापेमारी कर आरोपी फ़ैज़ अहमद को उसके गांव चितरागड़िया से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में सभी तथ्यों की गहन जांच की जा रही है और पीड़िता का बयान न्यायालय में दर्ज कराया जाएगा।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है—
🔹 भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(2)(ड)
यह धारा नाबालिग से दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराध से संबंधित है। इसके तहत दोष सिद्ध होने पर कठोर सजा का प्रावधान है।
🔹 पोक्सो एक्ट (POCSO Act) की धारा 06
यह धारा गंभीर यौन उत्पीड़न (Aggravated Sexual Assault) से जुड़ी है। नाबालिग के साथ यौन शोषण के मामलों में यह सबसे कठोर धाराओं में से एक मानी जाती है।
POCSO एक्ट के तहत क्या है सजा का प्रावधान
POCSO एक्ट बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण देने के लिए बनाया गया विशेष कानून है। इस मामले में लगाई गई धारा 06 के तहत—
- न्यूनतम 10 वर्ष का कठोर कारावास,
- सजा आजीवन कारावास तक बढ़ सकती है,
- साथ में भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
कानून स्पष्ट करता है कि नाबालिग की सहमति का कोई महत्व नहीं होता। यदि पीड़ित की उम्र 18 वर्ष से कम है, तो वह यौन अपराध की श्रेणी में आता है, चाहे आरोपी ने सहमति का दावा ही क्यों न किया हो।
सामाजिक दृष्टिकोण से गंभीर सवाल
यह मामला एक बार फिर समाज के सामने कई गंभीर सवाल खड़े करता है। शादी का झांसा देकर नाबालिगों को शारीरिक शोषण का शिकार बनाना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि सामाजिक रूप से भी घोर अमानवीय कृत्य है। ऐसे मामलों में पीड़ित परिवार को मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक आघात झेलना पड़ता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नाबालिगों को कानूनी अधिकारों और POCSO एक्ट के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है, ताकि वे किसी भी प्रकार के प्रलोभन या दबाव में न आएं।
न्यूज़ देखो: कानून का सख्त संदेश
शिकारीपाड़ा का यह मामला बताता है कि अब यौन अपराधों को लेकर कानून और पुलिस दोनों सख्त रुख अपना रहे हैं। POCSO एक्ट के तहत त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी यह संदेश देती है कि नाबालिगों के साथ किसी भी प्रकार की दरिंदगी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जरूरत है कि समाज भी आगे आए, पीड़ितों का साथ दे और ऐसे अपराधों के खिलाफ चुप्पी तोड़े। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
न्याय और जागरूकता की लड़ाई में समाज की भूमिका
नाबालिगों की सुरक्षा केवल कानून या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। अगर आप अपने आसपास किसी बच्चे या किशोरी के साथ हो रहे अन्याय को देखें, तो चुप न रहें।
आवाज़ उठाइए, शिकायत दर्ज कराइए और पीड़ित के साथ खड़े हों।
आपकी एक पहल किसी मासूम का भविष्य बचा सकती है।
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