Giridih

गिरिडीह में बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों पर हुई गंभीर चर्चा: उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला समिति की बैठक

#गिरिडीह #बालसंरक्षण : समाहरणालय सभागार में बच्चों की शिक्षा स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर हुई समीक्षा बैठक
  • जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक समाहरणालय सभागार में संपन्न।
  • बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त गिरिडीह ने की और बच्चों की सुरक्षा पर बल दिया।
  • शिक्षा स्वास्थ्य पोषण जैसे मूल अधिकारों को प्राथमिकता में रखा गया।
  • बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण बनाने को सभी विभागों को निर्देश।
  • समन्वित प्रयासों से योजनाओं को ज़मीनी स्तर तक पहुंचाने पर जोर।

गिरिडीह में समाहरणालय सभागार में आज उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक आयोजित हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में बच्चों से जुड़ी समस्याओं पर ठोस चर्चा करना और उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रहा। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों पर उपायुक्त का जोर

बैठक में उपायुक्त ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि बच्चों को एक ऐसा वातावरण मिलना चाहिए जिसमें वे न सिर्फ सुरक्षित रहें बल्कि अपनी पूरी क्षमता के साथ आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि बाल संरक्षण के क्षेत्र में सभी विभागों को मिलकर कार्य करना होगा ताकि योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक बच्चों तक पहुंचे।

उपायुक्त गिरिडीह ने कहा: “बच्चों का अधिकार केवल पढ़ाई या भोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें एक सुरक्षित और सकारात्मक माहौल देना भी हमारी जिम्मेदारी है।”

समिति की कार्ययोजना और दिशा

बैठक में बच्चों से संबंधित योजनाओं की समीक्षा की गई। शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की पहल पर विस्तार से चर्चा हुई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नियमित निगरानी रखी जाए और सुनिश्चित किया जाए कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो।

समन्वित प्रयास ही सफलता की कुंजी

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बाल संरक्षण केवल एक विभाग का कार्य नहीं है। इसमें समाज के हर वर्ग को जुड़ना होगा। प्रशासन ने इस दिशा में सामूहिक पहल करने पर जोर दिया ताकि बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

सभी अधिकारियों और प्रतिभागियों की भागीदारी

इस बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी, समिति के सदस्य और बाल कल्याण से जुड़े कार्यकर्ता उपस्थित थे। बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई और आगे की रणनीति तय की गई।

न्यूज़ देखो: बच्चों के लिए सुरक्षित भविष्य की दिशा में ठोस कदम

गिरिडीह में हुई यह बैठक बताती है कि प्रशासन बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर है। बच्चों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण जैसी बुनियादी सुविधाएं केवल सरकारी योजनाओं से नहीं बल्कि ठोस अमल से ही संभव होंगी। प्रशासन का यह प्रयास स्वागत योग्य है, लेकिन समाज को भी इसमें बराबर की भागीदारी निभानी होगी।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

भविष्य की जिम्मेदारी हम सबकी

बच्चे हमारे कल का आधार हैं और उनका सुरक्षित बचपन ही मजबूत राष्ट्र की नींव रखता है। अब समय है कि हम सब उनकी शिक्षा और सुरक्षा के लिए सजग रहें और सक्रिय कदम उठाएं। अपनी राय कॉमेंट करें, इस खबर को साझा करें और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने में योगदान दें।

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Surendra Verma

डुमरी, गिरिडीह

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